1
00:00:02,407 --> 00:00:05,641
स्क्रीन पर सेंसर सर्टिफिकेट दिखाया जा रहा है।

2
00:00:10,699 --> 00:00:14,323
इस चित्रपट के सभी पात्र
तथा घटनाएं काल्पनिक हैं।

3
00:00:14,705 --> 00:00:17,968
इनका किसी भी वास्तविक
जीवन से कोई संबंध नहीं है।

4
00:00:18,315 --> 00:00:22,903
किसी भी जीवित या मृत
व्यक्ति, स्थान व घटना से समानता

5
00:00:23,153 --> 00:00:24,973
सहज एक संयोग ही होगा।

6
00:00:25,324 --> 00:00:27,234
इस फिल्म के फिल्मांकन के समय

7
00:00:27,474 --> 00:00:30,628
किसी भी पशु-पक्षी को हानि नहीं पहुंचाई गई है।

8
00:01:35,212 --> 00:01:36,846
भावपूर्ण श्रद्धांजलि

9
00:01:37,132 --> 00:01:39,159
श्रीमती सुनीता निर्मल अग्रवाल,

10
00:01:39,400 --> 00:01:41,246
श्रीमती लक्ष्मी देवी खेडिया,

11
00:01:41,529 --> 00:01:43,044
श्री गिरधरलाल खेडिया,

12
00:01:43,377 --> 00:01:45,227
श्रीमती गायत्री शंकर अग्रवाल।

13
00:01:45,848 --> 00:01:48,655
आभार श्री महासर माता ट्रस्ट मुंबई,

14
00:01:49,211 --> 00:01:51,040
श्री निर्मल अग्रवाल बोरिवली,

15
00:01:51,353 --> 00:01:54,192
श्री सुरेश कुमार गिरधरलाल खेडिया मुंबई

16
00:01:54,530 --> 00:01:55,773
व अन्य मान्यवर।

17
00:01:59,152 --> 00:02:00,192
विशेष आभार

18
00:02:00,217 --> 00:02:02,962
भजन सम्राट श्री कन्हैयालाल मित्तल जी का नाम

19
00:02:03,055 --> 00:02:04,505
और उनकी तस्वीर स्क्रीन पर है।

20
00:02:04,530 --> 00:02:06,484
एमडी देसी रोकस्टार की तस्वीर स्क्रीन पर

21
00:02:06,501 --> 00:02:08,638
और लिखा है पहली बार सिनेमा के पर्दे पर।

22
00:02:08,663 --> 00:02:09,527
संगीत वितरक

23
00:02:09,552 --> 00:02:11,615
पीले रंग के गोलाकार logo में लिखा है तिलक

24
00:02:11,663 --> 00:02:14,482
उसके नीचे लिखा है हमारी संस्कृति हमारे संस्कार।

25
00:02:14,507 --> 00:02:16,900
सिद्धिविनायक गणेश जी की सजी हुई मूर्ति सामने है।

26
00:02:17,822 --> 00:02:21,962
"वक्रतुण्ड महाकाय"

27
00:02:22,085 --> 00:02:25,802
"सूर्य कोटि सम प्रभा"

28
00:02:26,173 --> 00:02:29,833
"निर्विघ्नं कुरु मे देव"

29
00:02:30,258 --> 00:02:33,772
"सर्व कार्येषु सर्वदा"

30
00:02:34,244 --> 00:02:36,784
"ॐ"

31
00:02:37,646 --> 00:02:39,682
स्क्रीन पर ब्लैक बोर्ड का लोगो

32
00:02:39,707 --> 00:02:41,733
उस पर महासर मोविस लिखा है।

33
00:02:41,892 --> 00:02:46,145
उस लोगो पर महासर माता की
तस्वीर से दिव्य ज्योति का इफैक्ट

34
00:02:50,061 --> 00:02:52,960
लाइट इफैक्ट के साथ स्क्रीन पर महासर माता का

35
00:02:52,985 --> 00:02:54,674
दिव्य मुख बनता है

36
00:02:54,699 --> 00:02:57,506
और उस पर लिख कर आता है जय महासर धाम।

37
00:02:59,554 --> 00:03:01,460
एक मंदिर का बाहर से दृश्य

38
00:03:01,667 --> 00:03:04,148
उस पर सनातन धर्म के झंडे लगे हैं।

39
00:03:04,591 --> 00:03:07,298
तीन देवियों के दिव्य मूर्तियों के दर्शन।

40
00:03:08,245 --> 00:03:10,198
स्क्रीन पर दीपिका चिखलिया,

41
00:03:10,271 --> 00:03:12,275
अखिलेन्द्र मिश्रा का नाम लिखा है।

42
00:03:14,661 --> 00:03:17,861
"मैया जय माँ सरमायी"

43
00:03:19,859 --> 00:03:24,025
"महेश्वरी, वज्रेश्वरी"

44
00:03:24,247 --> 00:03:27,820
"महेश्वरी, वज्रेश्वरी"

45
00:03:27,970 --> 00:03:30,830
"भक्तन सुखदायी"

46
00:03:32,044 --> 00:03:35,644
"ॐ जय माँ सरमायी"

47
00:03:37,041 --> 00:03:40,294
"ॐ जय माँ सरमायी"

48
00:03:41,779 --> 00:03:45,393
"मैया जय माँ सरमायी"

49
00:03:47,320 --> 00:03:51,697
"महेश्वरी, वज्रेश्वरी"

50
00:03:51,826 --> 00:03:55,493
"महेश्वरी, वज्रेश्वरी"

51
00:03:55,630 --> 00:03:58,843
"भक्तन सुखदायी"

52
00:03:59,360 --> 00:04:02,907
"ॐ जय माँ सरमायी"

53
00:04:05,178 --> 00:04:07,398
"तीनों लोक"

54
00:04:07,423 --> 00:04:09,165
"दसों दिशि"

55
00:04:09,288 --> 00:04:12,075
"महिमा तव न्यारी"

56
00:04:12,425 --> 00:04:15,571
"मैया, महिमा तव न्यारी"

57
00:04:17,503 --> 00:04:20,937
"तुमने पांडों सुतों की"

58
00:04:21,393 --> 00:04:25,440
"तुमने पांडों सुतों की"

59
00:04:25,592 --> 00:04:28,919
"विपता सब टारी"

60
00:04:29,315 --> 00:04:33,422
"ॐ जय माँ सरमायी"

61
00:04:35,203 --> 00:04:39,195
"नगर कूट में प्रकटि"

62
00:04:39,393 --> 00:04:42,075
"प्रभुता दिखलाई"

63
00:04:42,181 --> 00:04:45,387
"मैया प्रभुता दिखलाई"

64
00:04:47,387 --> 00:04:50,993
"परम भक्त के कारण"

65
00:04:51,347 --> 00:04:55,233
"परम भक्त के कारण"

66
00:04:55,343 --> 00:04:58,637
"तू माँ सर आयी"

67
00:04:59,280 --> 00:05:03,513
"ॐ जय माँ सरमायी"

68
00:05:15,202 --> 00:05:19,207
"महा सरोवर तट पर"

69
00:05:19,232 --> 00:05:22,469
"बरगद की छाया"

70
00:05:22,729 --> 00:05:25,569
"मैया, बरगद की छाया"

71
00:05:27,454 --> 00:05:29,693
"पिंडी रूप"

72
00:05:29,733 --> 00:05:31,743
"मनोहर"

73
00:05:31,790 --> 00:05:35,284
"पिंडी रूप मनोहर"

74
00:05:35,514 --> 00:05:38,294
"अनूपम प्रगटाया"

75
00:05:39,299 --> 00:05:43,119
"ॐ जय माँ सरमायी"

76
00:05:45,260 --> 00:05:48,820
"संकट सकल मिटाओ"

77
00:05:49,283 --> 00:05:52,089
"झंझट सकल हरो"

78
00:05:52,367 --> 00:05:55,673
"मैया झंझट सकल हरो"

79
00:05:57,715 --> 00:06:01,495
"मांगत रमन चरण गहि"

80
00:06:01,713 --> 00:06:05,606
"मांगत रमन चरण गहि"

81
00:06:05,791 --> 00:06:09,351
"करुणा दृष्टि करो"

82
00:06:09,747 --> 00:06:13,872
"ॐ जय माँ सरमायी"

83
00:06:14,576 --> 00:06:17,956
"ॐ जय माँ सरमायी"

84
00:06:17,981 --> 00:06:19,873
"ॐ जय माँ सरमायी"

85
00:06:19,899 --> 00:06:23,539
"ॐ जय माँ सरमायी"

86
00:06:23,564 --> 00:06:24,586
"ॐ जय माँ सरमायी"

87
00:06:24,698 --> 00:06:28,864
"ॐ जय माँ सरमायी"

88
00:06:31,910 --> 00:06:34,382
रोशनी से जगमगाती बड़ी बड़ी इमारतों

89
00:06:34,393 --> 00:06:37,165
वाले एक महानगर का रात का दृश्य।

90
00:06:38,519 --> 00:06:40,136
ट्रैफिक से भरा एक रोड

91
00:06:40,187 --> 00:06:42,912
उस पर से एक एम्बुलेंस तेज़ी से जा रही है।

92
00:06:49,216 --> 00:06:51,876
एम्बुलेंस हॉस्पिटल के मैन गेट पर रुकती है।

93
00:06:56,796 --> 00:06:59,543
एक बुजुर्ग को स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा है।

94
00:06:59,914 --> 00:07:01,865
उनके साथ कुछ रिश्तेदार भी हैं।

95
00:07:09,803 --> 00:07:13,846
डॉक्टर और नर्स मरीज़ को
कमरे में जांच के लिए ले जा रहे हैं।

96
00:07:15,137 --> 00:07:17,263
रिश्तेदार बाहर इंतज़ार कर रहे हैं।

97
00:07:17,721 --> 00:07:18,855
वो परेशान हैं।

98
00:07:19,720 --> 00:07:22,063
बुजुर्ग मरीज हॉस्पिटल के बेड पर हैं।

99
00:07:22,210 --> 00:07:24,502
उनके मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगा है।

100
00:07:24,594 --> 00:07:26,047
पास में नर्स खड़ी है।

101
00:07:26,098 --> 00:07:28,965
डॉक्टर साहब मॉनिटर पर
उनके वाईटलस देख रहे हैं।

102
00:07:28,999 --> 00:07:31,999
अब वो मरीज की स्टेथोस्कोप से जांच कर रहे हैं।

103
00:07:32,258 --> 00:07:34,768
मरीज के रिश्तेदार बाहर परेशान बैठे हैं।

104
00:07:35,204 --> 00:07:36,484
पेशेंट नॉर्मल है

105
00:07:36,768 --> 00:07:38,740
बाकी टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद देखेंगे।

106
00:07:38,765 --> 00:07:39,591
ठीक है सर।

107
00:07:39,616 --> 00:07:40,756
एक जवान लड़का

108
00:07:40,781 --> 00:07:43,326
कमरे के बाहर बेचैन होकर चक्कर काट रहा है।

109
00:07:43,351 --> 00:07:44,904
पास में एक लड़की खड़ी है।

110
00:07:45,886 --> 00:07:47,320
लो, डॉक्टर भी आ गए।

111
00:07:48,086 --> 00:07:50,340
पेशेंट की सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं।

112
00:07:51,323 --> 00:07:54,550
रिपोर्ट के अनुसार, पेशेंट को फिजिकल, मेंटल

113
00:07:54,984 --> 00:07:57,298
कोई प्रॉब्लम नहीं है। वह सेहतमंद है।

114
00:07:57,763 --> 00:07:58,728
एक्सक्यूज़ मी डॉक्टर!

115
00:07:58,752 --> 00:08:01,437
आप हर बार यही कहते हैं कि
पेशेंट को कोई प्रॉब्लम नहीं है

116
00:08:01,489 --> 00:08:03,483
पर उन्हें एकदम से छाती में दर्द क्यों होती है?

117
00:08:03,693 --> 00:08:05,320
वह अचानक तड़पने क्यों लगते हैं?

118
00:08:05,532 --> 00:08:07,865
हाँ डॉक्टर, कई बार वह रोते हैं

119
00:08:08,209 --> 00:08:09,838
कई बार पागलों वाली हरकतें करते हैं

120
00:08:09,862 --> 00:08:11,683
कई बार जोर से चिल्लाते हैं

121
00:08:11,922 --> 00:08:13,707
अगर आपके अनुसार, वह बिल्कुल ठीक हैं

122
00:08:13,731 --> 00:08:15,108
फिर वह ठीक क्यों नहीं हो रहे?

123
00:08:15,154 --> 00:08:15,881
प्लीज़, मुझे बताओ।

124
00:08:16,233 --> 00:08:19,100
डॉक्टर साहब, हम 2 साल से परेशान हैं।

125
00:08:19,253 --> 00:08:20,719
कृपया आप कुछ कीजिए।

126
00:08:20,746 --> 00:08:23,046
देखिए, मेडिकल साइंस के अनुसार ही हम

127
00:08:23,631 --> 00:08:26,958
पेशेंट का इलाज कर रहे हैं, इससे
ज्यादा हम कुछ नहीं कर सकते।

128
00:08:26,996 --> 00:08:27,598
सॉरी।

129
00:08:30,491 --> 00:08:32,851
एक बार गुरुजी से भी पूछ लेते हैं बेटा।

130
00:08:32,878 --> 00:08:35,058
ओहो मम्मी, डैडी को सेहत की समस्या है

131
00:08:35,112 --> 00:08:36,299
इसमें गुरुजी क्या करेंगे?

132
00:08:36,372 --> 00:08:39,305
एक बार पूछ लेने में नुकसान क्या है बेटा?

133
00:08:40,009 --> 00:08:42,735
ओहो चाची, आप भी कमाल की बात करती हैं।

134
00:08:43,114 --> 00:08:46,201
हमें कोई कथा प्रवचन थोड़ी
करवाना है जो गुरुजी के पास चलें।

135
00:08:46,467 --> 00:08:49,280
आप हर मुसीबत का समाधान
ढूंढने गुरुजी के पास चल पड़ती हैं।

136
00:08:49,770 --> 00:08:50,650
यह अच्छी बात नहीं है।

137
00:08:51,101 --> 00:08:54,034
बेटा, माना कि तुमने अमेरिका में पढ़ाई की है

138
00:08:54,155 --> 00:08:56,562
हमसे ज्यादा काबिल हो, लेकिन कई बार

139
00:08:56,672 --> 00:08:58,552
हम लोग कम पढ़े लिखे लोग भी

140
00:08:58,818 --> 00:09:00,665
तुमसे ज्यादा अच्छा कर लेते हैं

141
00:09:00,690 --> 00:09:02,431
जो कि तुम काबिल होकर भी नहीं कर पाते हो।

142
00:09:02,456 --> 00:09:04,360
सॉरी अंकल, मेरा मतलब...

143
00:09:04,453 --> 00:09:06,233
बेटा, मतलब तुम्हारा जो भी हो

144
00:09:06,370 --> 00:09:08,917
लेकिन बुजुर्गों का कहना है, कई बार

145
00:09:09,000 --> 00:09:10,980
दवा से ज्यादा दुआ असर करती है।

146
00:09:11,833 --> 00:09:13,649
क्यों नहीं गुरुजी से चलकर मिल लें।

147
00:09:13,679 --> 00:09:15,425
क्या पता कोई उपाय निकल जाए।

148
00:09:15,811 --> 00:09:18,051
आप ठीक कह रहे हैं अंकल, मैं तैयार हूँ।

149
00:09:18,868 --> 00:09:21,324
मम्मी चलो, गुरुजी के पास चलते हैं।

150
00:09:21,402 --> 00:09:24,596
एक बड़े से आश्रम और
उसके बगीचे का दूर से दृश्य।

151
00:09:24,621 --> 00:09:28,415
बेटा, ना तो आपके पिताजी को कोई गंभीर रोग है

152
00:09:28,832 --> 00:09:30,833
और ना ही किसी प्रकार की कोई तकलीफ़।

153
00:09:31,084 --> 00:09:32,537
और जहाँ तक मुझे

154
00:09:33,253 --> 00:09:36,873
इसमें नज़र आ रहा है, तो
ग्रह, नक्षत्र भी उनके कोई ख़राब

155
00:09:37,447 --> 00:09:38,140
नहीं हैं।

156
00:09:38,917 --> 00:09:41,650
तो फिर, गुरुजी, दिक्कत है क्या?

157
00:09:42,515 --> 00:09:45,255
बस बेटा यही तो सबसे बड़ी दिक्कत है

158
00:09:46,309 --> 00:09:49,855
कि आपकी जो कुलदेवी है,
वह आप लोगों से बहुत नाराज़ है।

159
00:09:50,472 --> 00:09:53,725
क्या आप अपनी, कुलदेवी के बारे में कुछ जानते हैं?

160
00:09:55,709 --> 00:09:56,969
गुरुजी हम तो

161
00:09:58,063 --> 00:10:00,197
हमारी कुलदेवी को नहीं जानते।

162
00:10:01,227 --> 00:10:05,107
बेटा, सबसे बड़ा कारण यही है और आप ही नहीं

163
00:10:05,348 --> 00:10:08,321
आप जैसे जो करोड़ों युवा लोग हैं

164
00:10:08,947 --> 00:10:11,207
अपनी कुलदेवी के बारे में नहीं जानते।

165
00:10:11,375 --> 00:10:13,382
और नहीं जानने का कारण है

166
00:10:13,534 --> 00:10:17,301
यह आधुनिकता और मोबाइल।
और इस आधुनिकता की आँधी ने

167
00:10:17,326 --> 00:10:19,451
सब तहस-नहस कर दिया है।

168
00:10:20,547 --> 00:10:24,094
यहाँ तक कि, अपनी कुलदेवी
को भी लोग भूल चुके हैं।

169
00:10:24,725 --> 00:10:27,158
तो गुरुजी, हमारी कुलदेवी हैं कौन?

170
00:10:27,523 --> 00:10:29,970
आप उनके बारे में भी हमें कुछ बताइए।

171
00:10:31,091 --> 00:10:34,718
बेटा, कुलदेवी हमारे कुल
की रक्षा करने वाली होती है।

172
00:10:35,223 --> 00:10:36,590
जिनकी कृपा से

173
00:10:37,807 --> 00:10:41,640
हमें सफलता मिलती है और
जिनकी नाराज़गी से विफलता।

174
00:10:42,572 --> 00:10:44,119
कुलदेवी कोई और नहीं

175
00:10:44,930 --> 00:10:46,763
आदि शक्ति जगदंबा हैं।

176
00:10:48,286 --> 00:10:52,473
जिनकी इच्छा से ब्रह्मा, विष्णु
और महेश, सृष्टि का पालन

177
00:10:52,665 --> 00:10:55,032
सृजन और संहार करते हैं।

178
00:10:55,244 --> 00:10:57,951
जिनके हज़ारों रूप और हज़ारों नाम हैं।

179
00:10:59,246 --> 00:11:02,620
हमारे पूर्वजों ने उनके जिस रूप को पूजा

180
00:11:03,039 --> 00:11:06,606
जिस नाम से पुकारा, वही हमारी कुल की देवी हैं।

181
00:11:06,870 --> 00:11:10,116
वह हमेशा हमारे पैतृक निवास

182
00:11:10,340 --> 00:11:14,453
स्थान में निवास करती हैं
और अपना आशीर्वाद देती हैं

183
00:11:14,952 --> 00:11:18,038
इसलिए समय-समय पर धाम पर जाकर

184
00:11:18,519 --> 00:11:22,146
कुलदेवी का दर्शन, पूजन करना

185
00:11:23,013 --> 00:11:25,607
और विवाह, प्यार से पहले

186
00:11:26,077 --> 00:11:28,990
थोक लगाकर आशीर्वाद लेना

187
00:11:29,594 --> 00:11:31,594
और काम संपन्न होने के बाद

188
00:11:31,827 --> 00:11:35,334
निशान चढ़ाकर माता का आभार व्यक्त करना चाहिए।

189
00:11:35,930 --> 00:11:37,543
और जब ऐसा नहीं होता

190
00:11:38,551 --> 00:11:41,091
तो, हमारी जो कुलदेवी है

191
00:11:41,132 --> 00:11:43,066
वह हमसे नाराज़ हो जाती है।

192
00:11:43,832 --> 00:11:45,532
और हम लोगों के जीवन में

193
00:11:45,605 --> 00:11:47,545
तरह-तरह की जो समस्याएँ हैं।

194
00:11:48,217 --> 00:11:49,104
वह

195
00:11:49,674 --> 00:11:52,401
शुरू होने लगती हैं और हमें तकलीफ देती हैं।

196
00:11:53,771 --> 00:11:55,537
आप लोग सबसे पहले

197
00:11:55,935 --> 00:11:59,308
एक काम कीजिए। आप अपनी कुलदेवी को मनाइए।

198
00:11:59,880 --> 00:12:03,520
और जब आप अपनी कुलदेवी को
मना लेंगे तो आपके पिताजी जो हैं

199
00:12:04,083 --> 00:12:05,723
बिल्कुल स्वस्थ हो जाएंगे।

200
00:12:05,950 --> 00:12:08,083
हमारी कोई कुलदेवी तो है नहीं

201
00:12:08,862 --> 00:12:09,975
फिर हम मनाएँ किसे?

202
00:12:10,397 --> 00:12:12,664
बेटा, आपको जानकारी नहीं है

203
00:12:13,090 --> 00:12:15,716
आपकी कुलदेवी महेश्वरी माता हैं।

204
00:12:16,233 --> 00:12:18,280
ओह, आई सी।

205
00:12:18,733 --> 00:12:22,213
जिनकी स्वयं भू पिंडी सैंकड़ों वर्षों से

206
00:12:22,556 --> 00:12:24,156
घड़ी महासर गाँव में

207
00:12:24,595 --> 00:12:27,068
महासर माता के नाम से विराजमान है।

208
00:12:27,270 --> 00:12:29,797
आप बिल्कुल सही कह रहे हैं गुरुजी

209
00:12:30,149 --> 00:12:32,675
बच्चे बचपन से ही विदेश में रहे हैं

210
00:12:32,993 --> 00:12:36,373
इसीलिए इनको इन बातों की कोई जानकारी नहीं है।

211
00:12:36,876 --> 00:12:38,836
बेटा, आज से

212
00:12:39,522 --> 00:12:42,722
चार साल पहले, आप लोगों ने बड़ी फैक्ट्री

213
00:12:43,205 --> 00:12:44,279
शुरू की थी

214
00:12:44,662 --> 00:12:47,463
और शुरू होने के 2 महीने के बाद ही

215
00:12:47,948 --> 00:12:49,575
उसमें आग लग गई थी

216
00:12:50,023 --> 00:12:52,416
और करोड़ों का नुकसान हो गया था।

217
00:12:53,427 --> 00:12:55,160
तभी से आपके घर में

218
00:12:55,824 --> 00:12:58,597
कुछ न कुछ, संकट, कष्ट

219
00:12:59,507 --> 00:13:00,567
समस्याएँ

220
00:13:01,495 --> 00:13:04,002
बनी रहती हैं। सही कह रहा हूँ ना?

221
00:13:04,586 --> 00:13:07,933
जी गुरुजी, बिल्कुल सही कह रहे हैं आप।

222
00:13:08,795 --> 00:13:12,902
आप लोग क्या समझ रहे
हो, यह सब ऐसे ही हो रहा है?

223
00:13:13,132 --> 00:13:16,359
नहीं! यह आप लोगों की

224
00:13:16,917 --> 00:13:19,910
कुलदेवी की नाराज़गी की वजह से हो रहा है।

225
00:13:20,145 --> 00:13:23,578
मान लिया गुरुजी, लेकिन
हम लोगों ने ऐसा क्या कर दिया

226
00:13:23,745 --> 00:13:25,858
जो हमारी कुलदेवी हमसे नाराज़ हो गई हैं?

227
00:13:26,661 --> 00:13:29,294
बेटा, आपने जो सवाल किया

228
00:13:30,154 --> 00:13:32,147
उसके लिए हमें

229
00:13:32,691 --> 00:13:34,558
कुछ साल पीछे जाना होगा।

230
00:13:35,395 --> 00:13:36,861
यह बात तब की है

231
00:13:37,287 --> 00:13:39,814
जब आपके दादा गंगादीन जी

232
00:13:39,989 --> 00:13:41,762
गाँव छोड़कर जा रहे थे।

233
00:13:42,828 --> 00:13:45,034
और गाँव छोड़ने से पहले

234
00:13:45,458 --> 00:13:48,298
अपनी कुलदेवी महासर माता को

235
00:13:49,587 --> 00:13:52,186
डोक लगाने के लिए अपने गाँव गए थे।

236
00:13:52,211 --> 00:13:56,313
फ्लैशबैक में एक गांव के बाहरी
रास्ते पर एक मनुष्य चलकर जा रहा है।

237
00:13:56,338 --> 00:13:58,865
हे माँ! हे महासर वाली माँ!

238
00:14:00,005 --> 00:14:01,232
हे कुलदेवी!

239
00:14:02,045 --> 00:14:03,631
इस दुनिया में जीने के लिए

240
00:14:04,645 --> 00:14:07,285
परिवार का पेट पालने के लिए, मुझे

241
00:14:07,951 --> 00:14:10,831
इस गाँव को छोड़कर बाहर
कमाने के लिए जाना पड़ेगा माँ

242
00:14:11,341 --> 00:14:13,248
मेरा इस संसार में आपके अलावा

243
00:14:13,828 --> 00:14:15,095
न कोई साथी है

244
00:14:15,671 --> 00:14:16,971
ना कोई सहारा है।

245
00:14:17,995 --> 00:14:19,368
आपको वचन देता हूँ माँ

246
00:14:20,292 --> 00:14:23,292
मैं हर नवरात्रे, मेरे पूरे परिवार के सहित

247
00:14:23,984 --> 00:14:27,204
आपके यहाँ धोख लगाने ज़रूर
आऊँगा माँ, ज़रूर आऊँगा माँ।

248
00:14:27,688 --> 00:14:30,961
तेरी कृपा बनाए रखना माँ,
तेरी जय हो माँ, तेरी जय हो।

249
00:14:31,027 --> 00:14:32,434
जय माँ सरवाली माता।

250
00:14:33,234 --> 00:14:35,971
वो आदमी पूजा करके वहां से चला जाता है।

251
00:14:36,796 --> 00:14:38,270
और महासर माँ ने

252
00:14:38,531 --> 00:14:40,698
आपके दादा जी की प्रार्थना

253
00:14:41,211 --> 00:14:43,361
सुन ली। और

254
00:14:44,785 --> 00:14:46,565
माता के आशीर्वाद से

255
00:14:46,686 --> 00:14:49,033
उनका बहुत अच्छा व्यापार चल पड़ा है।

256
00:14:49,373 --> 00:14:52,847
और आपके घर में सुख समृद्धि आ गई।

257
00:14:53,458 --> 00:14:55,285
और आपके दादा जी ने भी

258
00:14:55,468 --> 00:14:57,362
अपने वचन को निभाते हुए

259
00:14:58,143 --> 00:14:59,583
हर नवरात्रि में

260
00:15:00,134 --> 00:15:02,500
महासर माता के धाम पर

261
00:15:03,068 --> 00:15:06,308
पूरी श्रद्धा के साथ उनको निशान चढ़ाते रहे।

262
00:15:06,612 --> 00:15:07,905
दुर्भाग्य से

263
00:15:08,740 --> 00:15:11,100
आपके दादा जी का स्वर्गवास हो गया।

264
00:15:11,578 --> 00:15:13,887
और उसके बाद से ना तो फिर कोई

265
00:15:13,987 --> 00:15:16,680
आपके परिवार से आज तक वहाँ

266
00:15:17,308 --> 00:15:20,175
महासर माता के दर्शन करने गया

267
00:15:20,379 --> 00:15:23,579
और ना ही आपको, आपके
पैतृक स्थान के बारे में पता है।

268
00:15:24,664 --> 00:15:26,904
जी गुरुजी - सॉरी, गुरुजी।

269
00:15:27,556 --> 00:15:31,103
बेटा, इसमें आप ही नहीं,
आपके माता-पिता भी दोषी हैं।

270
00:15:31,418 --> 00:15:35,198
जिन्होंने आपको अपनी कुलदेवी के बारे में नहीं बताया।

271
00:15:35,430 --> 00:15:39,016
गुरुजी आजकल के बच्चे ना
ही सुनते हैं, ना ही समझते हैं।

272
00:15:39,553 --> 00:15:40,973
कोई सुने या ना सुने

273
00:15:41,226 --> 00:15:43,433
हमारा धर्म है आपको बताना।

274
00:15:43,880 --> 00:15:46,994
और फिर जिन पेड़ों की जड़ें कट जाती हैं

275
00:15:47,750 --> 00:15:50,837
उन पेड़ों को सूखने से कोई नहीं बचा पाता।

276
00:15:51,416 --> 00:15:52,556
आपकी जड़ें

277
00:15:52,783 --> 00:15:54,853
महासर माता के चरणों में हैं।

278
00:15:55,857 --> 00:15:57,837
नवरात्रि आने वाली है

279
00:15:58,590 --> 00:16:00,057
आप लोग जाइए

280
00:16:00,400 --> 00:16:02,434
माता के चरणों में धोख लगाइए

281
00:16:03,342 --> 00:16:04,675
उन्हें निशान चढ़ाइए।

282
00:16:05,856 --> 00:16:09,683
उसके बाद से आपकी सारी, समस्याएँ और परेशानियाँ

283
00:16:10,122 --> 00:16:13,575
समाप्त हो जाएँगी। और
आपके पिताजी की जो तबीयत है

284
00:16:13,863 --> 00:16:16,443
वो भी ठीक होना शुरू हो जाएगी।

285
00:16:16,888 --> 00:16:20,482
बोलिए घड़ी महासर माता की - जय!

286
00:16:20,515 --> 00:16:22,382
"दुख हरनी"

287
00:16:22,547 --> 00:16:25,600
"मंगल करनी है"

288
00:16:26,674 --> 00:16:28,263
"माता"

289
00:16:28,288 --> 00:16:30,834
"महासरवाली"

290
00:16:32,912 --> 00:16:35,126
"महेश्वरी"

291
00:16:35,151 --> 00:16:38,033
"शुभ नाम सुपावन"

292
00:16:38,664 --> 00:16:43,584
"महिमा बड़ी निराली"

293
00:16:45,829 --> 00:16:51,170
"हर इच्छा पूरी हो जाती"

294
00:16:51,408 --> 00:16:55,783
"हर संकट मिट जाता"

295
00:16:58,242 --> 00:17:02,662
"माता के दरबार में हर दिन"

296
00:17:03,805 --> 00:17:06,252
"भक्तों की"

297
00:17:06,259 --> 00:17:09,059
"दिवाली, माँ"

298
00:17:09,497 --> 00:17:13,223
"भक्तों की दिवाली"

299
00:17:13,994 --> 00:17:17,167
"जय माँ सरमा!"

300
00:17:34,510 --> 00:17:36,423
"धरती से अंबर तक"

301
00:17:37,094 --> 00:17:39,720
"जोत जला देती है"

302
00:17:39,918 --> 00:17:42,358
"भक्तों की राहें माँ"

303
00:17:42,428 --> 00:17:44,888
"आसान बना देती है"

304
00:17:45,120 --> 00:17:47,567
"उनका सारी दुनिया में"

305
00:17:47,613 --> 00:17:50,107
"सम्मान होता है"

306
00:17:53,202 --> 00:17:54,902
"जिनके मन में हर दम"

307
00:17:54,929 --> 00:17:57,455
"महासर धाम होता है"

308
00:17:58,420 --> 00:18:02,494
"जिनके मन में हर दम, महासर धाम होता है"

309
00:18:19,677 --> 00:18:20,920
"शीश झुकाकर"

310
00:18:20,948 --> 00:18:24,574
"जो महासर आते"

311
00:18:25,072 --> 00:18:28,645
"बिन मांगे ही वो सब कुछ पाते हैं"

312
00:18:30,505 --> 00:18:34,171
"करे महेश्वरी माता का सुमिरन"

313
00:18:35,936 --> 00:18:39,230
"चलते फिरते जो हँसते गाते"

314
00:18:40,708 --> 00:18:43,594
"उनको सारे सुख मिल जाते"

315
00:18:43,619 --> 00:18:46,218
"सारे सपने सच हो जाते"

316
00:18:46,413 --> 00:18:49,133
"उनको सारे सुख मिल जाते"

317
00:18:49,179 --> 00:18:51,919
"सारे सपने सच हो जाते"

318
00:18:51,944 --> 00:18:54,318
"कष्ट न आते जीवन में"

319
00:18:54,349 --> 00:18:56,851
"कल्याण होता है"

320
00:18:59,789 --> 00:19:01,543
"जिनके मन में हर दम"

321
00:19:01,596 --> 00:19:05,132
"महासर धाम होता है"

322
00:19:05,195 --> 00:19:09,753
"जिनके मन में हर दम, महासर धाम होता है"

323
00:19:21,558 --> 00:19:24,425
"आँखों से प्यार बहाती है"

324
00:19:26,335 --> 00:19:30,215
"सब भक्तों की प्यास बुझाती है"

325
00:19:31,873 --> 00:19:35,826
"राजा, रंक, पुजारी हैं सारे"

326
00:19:37,227 --> 00:19:40,874
"माता सबको गले लगाती है"

327
00:19:42,161 --> 00:19:45,074
"फर्क किसी में न करती है"

328
00:19:45,099 --> 00:19:47,720
"सबकी झोली माँ भरती है"

329
00:19:47,745 --> 00:19:50,524
"फर्क किसी में न करती है"

330
00:19:50,549 --> 00:19:53,117
"सबकी झोली माँ भरती है"

331
00:19:53,171 --> 00:19:55,591
"छोटे बड़े सभी पर माँ का"

332
00:19:55,618 --> 00:19:57,678
"ध्यान होता है"

333
00:20:01,030 --> 00:20:05,442
"जिनके मन में हरदम महासर धाम होता है"

334
00:20:06,370 --> 00:20:10,550
"जिनके मन में हरदम महासर धाम होता है"

335
00:20:11,687 --> 00:20:14,627
"सब मिल बोलो - जय महासर माँ!"

336
00:20:14,652 --> 00:20:17,519
"सब मिल बोलो - जय महासर माँ!"

337
00:20:17,574 --> 00:20:20,294
"सब मिल बोलो - जय महासर माँ!"

338
00:20:20,331 --> 00:20:22,484
"सब मिल बोलो - जय महासर माँ!"

339
00:20:22,509 --> 00:20:28,709
"मैया तेरा हर घर में गुणगान होता है"

340
00:20:30,497 --> 00:20:34,623
"जिनके मन में हरदम महासर धाम होता है"

341
00:20:35,752 --> 00:20:39,919
"जिनके मन में हरदम महासर धाम होता है"

342
00:20:41,643 --> 00:20:45,443
"जिनके मन में हरदम महासर धाम होता है"

343
00:20:45,547 --> 00:20:50,395
"जिनके मन में हरदम महासर धाम होता है"

344
00:20:53,606 --> 00:20:56,542
महासर माता का दिव्य
मुख स्क्रीन पर दिख रहा है।

345
00:20:56,615 --> 00:20:59,122
माता के सजे हुए मंदिर की एक झलक।

346
00:20:59,463 --> 00:21:01,693
कुछ भक्तगण गुरुजी के सामने बैठे हैं।

347
00:21:01,704 --> 00:21:03,958
जय हो, महासर माता की

348
00:21:03,983 --> 00:21:05,889
जय हो!

349
00:21:05,900 --> 00:21:08,478
महासर धाम की - जय हो।

350
00:21:08,638 --> 00:21:11,166
माता बृजेश्वरी की - जय हो।

351
00:21:11,177 --> 00:21:12,755
माता चामुंडा की - जय हो।

352
00:21:14,691 --> 00:21:15,398
भक्तों

353
00:21:16,163 --> 00:21:18,763
माँ की महासर धाम पहुँचने की कथा भी

354
00:21:19,021 --> 00:21:20,288
बड़ी रोचक है।

355
00:21:20,708 --> 00:21:24,061
बात लगभग एक हज़ार वर्ष पुरानी है। उस समय

356
00:21:24,566 --> 00:21:27,593
राजपूताना में, धर्मराज

357
00:21:27,863 --> 00:21:29,430
बहुत ही धर्मात्मा

358
00:21:29,752 --> 00:21:32,405
महाराजा टोडर मल का राज्य हुआ करता था।

359
00:21:32,875 --> 00:21:34,874
एक शानदार महल का दृश्य।

360
00:21:35,065 --> 00:21:39,424
उसके आसपास घने बगीचे
हैं और पीछे हरा भरा पहाड़ है।

361
00:21:40,407 --> 00:21:42,448
एक राजा अपनी प्रजा से मिलने

362
00:21:42,659 --> 00:21:44,374
अपने दरबार में आते हैं।

363
00:21:46,391 --> 00:21:49,111
प्रजा को नमन करके उनका स्वागत करते हैं।

364
00:21:51,203 --> 00:21:52,690
जय हो!

365
00:21:57,428 --> 00:21:59,462
थोड़ा सा...

366
00:21:59,705 --> 00:22:01,079
जो राजा

367
00:22:01,589 --> 00:22:03,816
अपनी प्रजा के सुख और दुख में

368
00:22:04,140 --> 00:22:05,633
सामिलित नहीं होता है

369
00:22:06,330 --> 00:22:08,977
वो राजगद्दी पर बैठने का अधिकारी नहीं है।

370
00:22:10,553 --> 00:22:13,713
राजा और राज्य का राजकोष

371
00:22:14,450 --> 00:22:17,563
प्रजा के हित के लिए है। मंत्री जी!

372
00:22:19,250 --> 00:22:22,424
बाढ़ पीड़ितों के लिए राजकोष खोल दिया जाए।

373
00:22:22,516 --> 00:22:24,903
राजा जी की - जय हो!

374
00:22:24,976 --> 00:22:26,946
राजा जी की - जय हो!

375
00:22:26,971 --> 00:22:29,293
राजा जी की - जय हो!

376
00:22:29,318 --> 00:22:32,108
राजा जी की - जय हो!

377
00:22:32,155 --> 00:22:33,088
नरेश की जय हो!

378
00:22:33,684 --> 00:22:35,398
गुप्तचर क्या समाचार लाए हो?

379
00:22:35,423 --> 00:22:35,936
महाराज

380
00:22:36,490 --> 00:22:37,283
राज्य की

381
00:22:37,343 --> 00:22:39,903
उत्तरी सीमाओं पर कुछ संदिग्ध सैनिक देखे गए हैं।

382
00:22:40,127 --> 00:22:42,973
शत्रुओं का अतिक्रमण करने की संभावनाएं हैं।

383
00:22:44,252 --> 00:22:46,919
यदि, अतिक्रमण की संभावना ज्यादा है

384
00:22:47,303 --> 00:22:50,656
तो हमें अतिशीघ्र ही वहां पहुँचना होगा, राजन।

385
00:22:51,319 --> 00:22:53,393
निश्चिंत हो जाइए सेनापति।

386
00:22:54,413 --> 00:22:57,420
बातन की सीमाएं सुरक्षित हैं।

387
00:22:59,130 --> 00:23:02,137
हमारे राज्य की सीमा पर कोई भी अतिक्रमण

388
00:23:02,581 --> 00:23:05,368
या कोई भी घुसपैठ करने की हिम्मत नहीं कर सकता

389
00:23:06,106 --> 00:23:06,806
क्योंकि

390
00:23:07,252 --> 00:23:10,598
हमने अपने राज्य की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व

391
00:23:10,975 --> 00:23:13,229
युवराज विश्वनाथ को दे रखा है।

392
00:23:13,494 --> 00:23:17,221
एक सुंदर युवराज एक सफेद घोड़े पर सवार है।

393
00:23:17,856 --> 00:23:20,356
वह एक घने जंगल से गुज़र रहे हैं।

394
00:23:29,024 --> 00:23:31,754
कुछ सैनिक चोरी छुपे कहीं से आ रहे हैं।

395
00:23:42,012 --> 00:23:46,158
युवराज ने उनको घेर लिया
और अब उनकी लड़ाई हो रही है।

396
00:24:26,795 --> 00:24:28,328
युवराज के वार से

397
00:24:28,422 --> 00:24:32,188
वो सारे घुसपैठ सैनिक बुरी तरह घायल हो गए हैं।

398
00:24:34,440 --> 00:24:35,354
जाओ

399
00:24:35,382 --> 00:24:37,948
जाकर कह दो अपने बाप खिलजी से

400
00:24:37,973 --> 00:24:40,367
पाटन की और देखने की हिम्मत की ना

401
00:24:40,392 --> 00:24:43,231
तो इसका परिणाम ठीक नहीं होगा।

402
00:24:45,974 --> 00:24:48,667
महल के कुछ झरोखों का दूर से दृश्य।

403
00:24:49,524 --> 00:24:51,917
चाणक्य नीति में कहा गया है।

404
00:24:53,061 --> 00:24:54,048
जिस प्रकार

405
00:24:54,811 --> 00:24:57,791
सुगंधित पुष्प का एक वृक्ष

406
00:24:58,543 --> 00:25:01,217
पूरे वन को सुगंधित करता है।

407
00:25:02,083 --> 00:25:04,336
ठीक उसी प्रकार से

408
00:25:04,828 --> 00:25:06,995
एक पराक्रमी पुत्र

409
00:25:08,347 --> 00:25:11,020
अपने कुल को गौरवान्वित करता है।

410
00:25:12,126 --> 00:25:13,626
रानी!
- हाँ?

411
00:25:13,793 --> 00:25:16,080
हम सौभाग्यशाली हैं कि ईश्वर ने

412
00:25:16,704 --> 00:25:19,818
हमें विश्वनाथ जैसा पुत्र प्रदान किया।

413
00:25:21,237 --> 00:25:22,004
महाराज!

414
00:25:22,647 --> 00:25:25,961
आज आप पुत्र विश्वनाथ
की बहुत तारीफ कर रहे हैं।

415
00:25:26,439 --> 00:25:29,886
ऐसा क्या कर दिया पुत्र ने, हम भी तो सुनें।

416
00:25:30,327 --> 00:25:32,074
आज हमारे पुत्र ने

417
00:25:32,580 --> 00:25:34,314
अपनी सूझ-बूझ और

418
00:25:34,804 --> 00:25:37,310
पराक्रम का ऐसा परिचय दिया है

419
00:25:37,632 --> 00:25:40,485
कि हमारी सारी चिंताएँ मिट गईं।

420
00:25:41,051 --> 00:25:42,631
रानी - जी?

421
00:25:42,981 --> 00:25:45,341
आज हमें विश्वास हो गया

422
00:25:46,081 --> 00:25:48,114
कि हमारे पुत्र विश्वनाथ की

423
00:25:48,258 --> 00:25:51,140
छत्र-छाया में, पाटन की प्रजा

424
00:25:51,879 --> 00:25:54,505
सुखी और सुरक्षित रहे।

425
00:25:54,539 --> 00:25:56,699
सही कह रहे हैं आप।

426
00:25:58,057 --> 00:26:01,596
कार्तिक नरेश, विश्वनाथ आप ही का पुत्र है

427
00:26:02,040 --> 00:26:03,454
निसंदेह!

428
00:26:05,188 --> 00:26:06,701
राज धर्म और

429
00:26:07,314 --> 00:26:08,601
राजनीति में

430
00:26:08,814 --> 00:26:12,207
विश्वास की और अविश्वास की एक सीमा होती है

431
00:26:13,575 --> 00:26:14,831
यानी सीमा से अधिक

432
00:26:15,885 --> 00:26:17,225
विश्वास को

433
00:26:17,563 --> 00:26:19,529
तो राजा के लिए हानिकारक

434
00:26:19,983 --> 00:26:22,710
और प्रजा के लिए दुःखदायी होता है।

435
00:26:23,096 --> 00:26:25,076
इसका अर्थ यह होता है

436
00:26:25,731 --> 00:26:26,825
कि राजनीति

437
00:26:27,464 --> 00:26:29,664
रक्त संबंधों से परे है।

438
00:26:29,764 --> 00:26:30,870
हाँ रानी

439
00:26:31,576 --> 00:26:34,096
इसे ही राजधर्म कहते हैं।

440
00:26:34,560 --> 00:26:36,893
एक राजा के लिए प्रजा का हित

441
00:26:37,495 --> 00:26:39,128
सर्वोपरि है।

442
00:26:40,318 --> 00:26:41,885
इसलिए आवश्यक है

443
00:26:42,785 --> 00:26:44,877
कि प्रजा के हित को ध्यान में रखकर

444
00:26:45,627 --> 00:26:48,160
अपने रक्त संबंधों का परीक्षण

445
00:26:48,369 --> 00:26:50,455
संदेह की कसौटी पर करें।

446
00:26:51,446 --> 00:26:55,173
तो क्या पाटन नरेश ने, पुत्र
विश्वनाथ का परीक्षण किया।

447
00:26:55,715 --> 00:26:57,361
और क्या पुत्र विश्वनाथ

448
00:26:58,217 --> 00:27:00,657
राजनीति की कसौटी पर खरे उतरे?

449
00:27:01,196 --> 00:27:02,936
बिल्कुल खरे उतरे।

450
00:27:04,206 --> 00:27:07,766
उन्होंने अपने शौर्य और
पराक्रम का अद्भुत परिचय दिया।

451
00:27:09,280 --> 00:27:12,294
उन्होंने सुदीन खिलजी को ललकारा

452
00:27:12,444 --> 00:27:14,184
और ललकारते हुए कहा

453
00:27:14,548 --> 00:27:17,587
यदि पाटन पर तुम्हारी वक्र दृष्टि पड़ी

454
00:27:17,818 --> 00:27:20,385
तो दिल्ली की सल्तनत हिल जाएगी।

455
00:27:21,164 --> 00:27:22,464
पाटन नरेश!

456
00:27:23,711 --> 00:27:26,221
मुझे विश्वनाथ के विवाह की चिंता हो रही है।

457
00:27:27,346 --> 00:27:29,546
अब उसका विवाह करवा दीजिए।

458
00:27:30,293 --> 00:27:32,760
युवराज विश्वनाथ का विवाह?

459
00:27:33,480 --> 00:27:34,962
इतनी जल्दी क्या है?

460
00:27:35,739 --> 00:27:38,066
यही तो फर्क होता है, माता और पिता में

461
00:27:38,663 --> 00:27:39,550
पिता

462
00:27:40,107 --> 00:27:42,080
उसे दुनिया की दृष्टि से देखता है।

463
00:27:42,307 --> 00:27:45,495
और माता... ममता की दृष्टि से

464
00:27:46,343 --> 00:27:48,962
तभी तो आपने उसका पराक्रम देखा

465
00:27:49,143 --> 00:27:50,123
और मैंने इसकी उम्र पर।

466
00:27:50,459 --> 00:27:52,519
उसकी उम्र... विश्वनाथ!

467
00:27:53,323 --> 00:27:55,016
शादी के योग्य हो चुकी है।

468
00:27:56,553 --> 00:27:58,486
आप उसकी शादी करवा दीजिए।

469
00:28:00,826 --> 00:28:02,336
अपने राज काज

470
00:28:03,009 --> 00:28:06,389
और अपनी प्रजा की सेवा में इतना व्यस्त रहा

471
00:28:07,461 --> 00:28:08,634
तभी हमने

472
00:28:09,189 --> 00:28:12,383
इस दृष्टि से देखा ही नहीं अपने युवराज को

473
00:28:13,768 --> 00:28:16,061
कि उनका विवाह भी करना है।

474
00:28:17,531 --> 00:28:20,143
जी महाराज, मैं बहुत दिनों से

475
00:28:20,458 --> 00:28:23,098
आपसे बात करने का अवसर ढूंढ ही रही थी

476
00:28:23,741 --> 00:28:25,646
लेकिन आपने तो मुझे अवसर ही नहीं दिया।

477
00:28:25,694 --> 00:28:28,234
पिताजी, आपने हमें बुलाया? माता जी!

478
00:28:28,366 --> 00:28:29,673
पिता जी, प्रणाम।

479
00:28:29,986 --> 00:28:31,992
खुश रहो बेटा। - विजयी भव।

480
00:28:33,662 --> 00:28:34,902
तो हमारे युवराज आप

481
00:28:35,719 --> 00:28:37,373
विवाह योग्य हो गए हैं?

482
00:28:38,021 --> 00:28:40,188
अच्छा पिताजी, मैं चलता हूँ।

483
00:28:44,719 --> 00:28:46,079
तो युवराज हमारे

484
00:28:46,658 --> 00:28:49,884
सचमुच, विवाह योग्य हो गए हैं।

485
00:28:50,254 --> 00:28:52,421
आप चिंता न कीजिए

486
00:28:53,055 --> 00:28:54,188
मैं जल्द ही

487
00:28:54,977 --> 00:28:56,897
राज पुरोहित जी को बुलाता हूँ

488
00:28:56,935 --> 00:28:57,895
जी।

489
00:28:57,995 --> 00:29:01,228
और युवराज विश्वनाथ के लिए एक सुयोग्य कन्या

490
00:29:01,814 --> 00:29:03,760
तलाश करने के लिए कहता हूँ।

491
00:29:06,944 --> 00:29:10,261
राजा और रानी राजपुरोहित जी के साथ बैठे हैं।

492
00:29:11,110 --> 00:29:14,080
राजपुरोहित जी, हमें अपने पुत्र कुँवर

493
00:29:14,222 --> 00:29:15,708
विश्वनाथ के लिए

494
00:29:16,201 --> 00:29:18,156
ऐसी पुत्रवधू चाहिए

495
00:29:18,347 --> 00:29:21,527
जो सुंदर हो, सुशील हो और संस्कारी हो।

496
00:29:22,021 --> 00:29:24,861
और हमारे पुत्र विश्वनाथ के लायक भी हो।

497
00:29:25,860 --> 00:29:28,467
एक शुभ मुहूर्त देखकर, आप इस

498
00:29:28,710 --> 00:29:30,804
कार्य का शुभ आरंभ कीजिए, राजपुरोहित जी।

499
00:29:31,787 --> 00:29:33,574
राजन, शास्त्र कहते हैं

500
00:29:34,164 --> 00:29:36,658
तदेव लग्नं सुदिनं तदेव

501
00:29:36,698 --> 00:29:39,268
ताराबलं चन्द्रबलं तदेव

502
00:29:39,573 --> 00:29:42,426
विद्याबलं दैवबलं तदेव

503
00:29:42,666 --> 00:29:45,919
लक्ष्मीपते तेऽघ्रियुगं स्मरामि

504
00:29:46,696 --> 00:29:47,589
अर्थात

505
00:29:47,962 --> 00:29:50,095
वही नक्षत्र शुभ होता है

506
00:29:50,719 --> 00:29:53,326
वही दिन मंगलकारी होता है

507
00:29:53,845 --> 00:29:55,965
उसी में ग्रह और नक्षत्र

508
00:29:56,462 --> 00:29:57,455
साथ-साथ

509
00:29:57,850 --> 00:30:00,177
देवताओं का बल प्राप्त होता है।

510
00:30:00,401 --> 00:30:03,334
जिसमें शुभ आरंभ श्री लक्ष्मी नारायण के

511
00:30:03,491 --> 00:30:05,118
स्मरण से किया जाता है।

512
00:30:07,734 --> 00:30:10,461
तो फिर देर किस बात की, राजपुरोहित जी?

513
00:30:11,300 --> 00:30:14,873
तुरंत इस शुभ कार्य का शुभ आरंभ कीजिए।

514
00:30:15,998 --> 00:30:17,458
जय लक्ष्मी नारायण।

515
00:30:17,678 --> 00:30:19,005
जय लक्ष्मी नारायण।

516
00:30:19,078 --> 00:30:20,565
जय लक्ष्मी नारायण।

517
00:30:23,091 --> 00:30:27,386
राजपुरोहित जी राज्य के गांव
के रास्ते से चलकर जा रहे हैं।

518
00:30:28,313 --> 00:30:30,600
रास्ते में वह कुछ गांव वालों से

519
00:30:30,625 --> 00:30:32,758
पूछताछ करते हुए जाते हैं।

520
00:30:33,570 --> 00:30:37,297
एक महिला से वह पुस्तक
में देखकर कुछ पूछ रहे हैं।

521
00:30:38,712 --> 00:30:41,156
गांव वालों से पूछताछ करने के बाद

522
00:30:41,510 --> 00:30:45,079
राजपुरोहित जी थक हार कर कहीं बैठे हैं।

523
00:30:47,790 --> 00:30:49,419
अपने पंचांग के पुस्तक में

524
00:30:49,430 --> 00:30:52,505
कुछ देखकर राजपुरोहित जी परेशान हैं।

525
00:30:54,853 --> 00:30:56,573
वो मायूस दिख रहे हैं।

526
00:30:59,945 --> 00:31:00,952
भगवान

527
00:31:02,307 --> 00:31:04,353
मैंने तीन महीने परिश्रम किया

528
00:31:05,395 --> 00:31:07,255
लेकिन मुझे कोई फल नहीं मिला।

529
00:31:08,885 --> 00:31:11,338
मेरा सारा परिश्रम व्यर्थ हो गया।

530
00:31:12,108 --> 00:31:13,495
अब मैं क्या करूँ?

531
00:31:14,166 --> 00:31:15,192
कहाँ जाऊँ?

532
00:31:16,292 --> 00:31:19,418
वापस जाकर अपनी विफलता की कहानी सुनाऊँ

533
00:31:20,828 --> 00:31:22,742
या कोई और जतन करूँ?

534
00:31:23,465 --> 00:31:25,811
विद्वानों से सुना है कि

535
00:31:26,269 --> 00:31:29,935
जो गुरु, शिष्य का धन लेकर भी उसकी समस्या का

536
00:31:30,479 --> 00:31:32,199
समाधान नहीं करता

537
00:31:32,949 --> 00:31:35,343
वह गुरु नरक जाता है।

538
00:31:36,428 --> 00:31:38,681
हाँ, अब चाहे जो भी हो

539
00:31:39,511 --> 00:31:42,645
मुझे बत्तन नरेश को सब सत्य बताना ही होगा।

540
00:31:45,344 --> 00:31:47,810
राजमहल के भीतरी दीवारों का दृश्य।

541
00:31:47,835 --> 00:31:50,718
राजा और रानी राजपुरोहित जी के साथ बैठे हैं।

542
00:31:50,743 --> 00:31:51,517
राजन!

543
00:31:52,144 --> 00:31:53,684
मैंने दर्जनों परिवार

544
00:31:53,774 --> 00:31:56,494
दर्जनों राजकुमारियों की जन्म पत्रिकाएँ देखीं

545
00:31:56,684 --> 00:31:58,984
लेकिन मुझे बड़े दुःख के साथ कहना पड़ रहा है

546
00:31:59,823 --> 00:32:01,930
मुझे कुँवर के योग्य, एक भी नज़र नहीं आई।

547
00:32:02,070 --> 00:32:02,790
क्या?

548
00:32:03,633 --> 00:32:05,373
मुझे अपनी विफलता का दुःख है

549
00:32:06,619 --> 00:32:09,319
लेकिन विधि का विधान प्रबल है।

550
00:32:10,260 --> 00:32:11,267
तो क्या

551
00:32:11,762 --> 00:32:12,702
विधाता ने

552
00:32:13,266 --> 00:32:14,207
मेरे पुत्र के लिए

553
00:32:14,258 --> 00:32:16,971
कोई भी कन्या नहीं बनाई है, राजपुरोहित जी?

554
00:32:17,755 --> 00:32:18,921
क्षमा करें, रानी सा

555
00:32:20,081 --> 00:32:22,875
मैं आपके इस प्रश्न का
उत्तर देने में असमर्थ हूँ।

556
00:32:23,460 --> 00:32:25,293
यदि मैं समर्थ होता

557
00:32:25,515 --> 00:32:27,102
तो विफल नहीं होता।

558
00:32:27,633 --> 00:32:29,013
रानी गायत्री!

559
00:32:29,940 --> 00:32:32,373
मैं राजपुरोहित जी की बातों से सहमत हूँ।

560
00:32:32,998 --> 00:32:34,531
विधाता ने

561
00:32:34,900 --> 00:32:37,726
यश, अपयश, लाभ, हानि

562
00:32:37,910 --> 00:32:39,117
जीवन, मृत्यु

563
00:32:39,598 --> 00:32:42,445
सब कुछ तय करके रखा है।

564
00:32:43,110 --> 00:32:45,916
उनका हर कार्य, निर्धारित समय से होता है।

565
00:32:47,415 --> 00:32:49,216
जब उचित समय आएगा

566
00:32:50,019 --> 00:32:52,525
तो कुँवर विश्वनाथ का विवाह हो जाएगा।

567
00:32:54,803 --> 00:32:56,157
राम जाने

568
00:32:56,758 --> 00:32:58,898
वह उचित समय कब आएगा, स्वामी?

569
00:32:59,478 --> 00:33:02,125
उचित समय ढोल बजाकर नहीं आता, रानी सा।

570
00:33:04,584 --> 00:33:07,036
परिस्थिति और माध्यम बनाकर आता है।

571
00:33:08,716 --> 00:33:10,043
आप चिंता न करें

572
00:33:11,133 --> 00:33:12,368
योग बन रहे हैं।

573
00:33:12,813 --> 00:33:14,412
कुँवर का विवाह जल्दी होगा।

574
00:33:14,785 --> 00:33:16,105
अतिशीघ्र होगा।

575
00:33:16,432 --> 00:33:18,498
समय और परिस्थिति चाहे कुछ भी हो

576
00:33:18,523 --> 00:33:20,136
रजा रानी प्रस्सन हो गए।

577
00:33:20,161 --> 00:33:22,342
एक सुन्दर लड़की गाना गा रही है।

578
00:33:22,367 --> 00:33:24,745
"फागन मास"

579
00:33:25,004 --> 00:33:30,687
"सुहाना"

580
00:33:32,003 --> 00:33:38,128
"अलबेलों आन पार"

581
00:33:38,467 --> 00:33:42,053
"मेरे मान रे"

582
00:33:42,536 --> 00:33:44,983
"आ गणेश।"

583
00:33:48,273 --> 00:33:51,773
"करें प्रेम"

584
00:33:51,885 --> 00:33:54,885
"मनोहर"

585
00:33:58,009 --> 00:34:00,469
युवराज अपने सफेद घोड़े पर सवार

586
00:34:00,607 --> 00:34:03,975
उस सुंदर लड़की के संगीत की ध्वनि से मुग्ध होकर

587
00:34:04,183 --> 00:34:06,160
उसकी तरफ खिंचे चले जा रहे हैं।

588
00:34:07,168 --> 00:34:09,871
"आयो फागन आयो"

589
00:34:09,902 --> 00:34:12,364
"आयो फागन आयो"

590
00:34:12,588 --> 00:34:15,108
"आयो फागन आयो"

591
00:34:15,212 --> 00:34:17,745
"आयो फागन आयो"

592
00:34:28,499 --> 00:34:31,240
"आयो, आयो, आयो फागन"

593
00:34:31,281 --> 00:34:33,594
"आयो रे"

594
00:34:33,644 --> 00:34:36,318
"आयो, आयो, आयो फागन"

595
00:34:36,343 --> 00:34:38,451
"आयो रे"

596
00:34:38,538 --> 00:34:41,531
"आयो, आयो, आयो"

597
00:34:41,593 --> 00:34:44,533
"फागन आयो रे"

598
00:34:44,805 --> 00:34:49,019
"आयो रे मन भावन सजनी"

599
00:34:49,131 --> 00:34:52,211
"आयो, आयो रे फागन"

600
00:34:52,255 --> 00:34:54,361
"मन भावन सजनी"

601
00:34:54,434 --> 00:34:56,366
"हमारो इबदा भयो"

602
00:34:56,420 --> 00:34:59,560
"भयो री, बावरा।"

603
00:34:59,668 --> 00:35:06,353
"हमारो इबदा भयो बावरा!"

604
00:35:21,853 --> 00:35:23,853
"कौन रोग, मुझे लग गया"

605
00:35:23,929 --> 00:35:26,842
"तड़पू मैं दिन रात।"

606
00:35:32,567 --> 00:35:34,560
"कौन रोग, मुझे लग गया"

607
00:35:34,585 --> 00:35:37,427
"मैं तड़पूँ दिन रैन"

608
00:35:37,857 --> 00:35:40,543
"कौन रोग, मुझे लग गया"

609
00:35:40,598 --> 00:35:42,485
"मैं तड़पूँ दिन रैन"

610
00:35:42,539 --> 00:35:44,126
"मीठी-मीठी"

611
00:35:44,159 --> 00:35:46,333
"दर्द उठे रे"

612
00:35:46,358 --> 00:35:47,672
"चित बड़ा बेचैन"

613
00:35:47,717 --> 00:35:51,130
"मीठी-मीठी दर्द उठे रे"

614
00:35:51,188 --> 00:35:52,921
"चित बड़ा बेचैन"

615
00:35:53,079 --> 00:35:54,765
"ओ मेरी"

616
00:35:54,896 --> 00:35:58,119
"सेज पर लोटे काली नागिन सजनी"

617
00:35:58,300 --> 00:35:59,033
"हाय!"

618
00:35:59,470 --> 00:36:03,572
"सेज पर लोटे काली नागिन सजनी"

619
00:36:03,751 --> 00:36:06,558
"ओ मेरा घिवड़ा भयो"

620
00:36:06,583 --> 00:36:08,888
"बावरा"

621
00:36:09,065 --> 00:36:11,384
"ओ मेरा घिवड़ा भयो"

622
00:36:11,742 --> 00:36:15,219
"बावरा"

623
00:36:35,788 --> 00:36:41,541
"इक तो बैरी साल सोलवाँ, दूसरा फागन माह"

624
00:36:46,797 --> 00:36:52,317
"इक तो बैरी साल सोलवाँ, दूसरा फागन माह"

625
00:36:52,507 --> 00:36:57,428
"इक तो बैरी साल सोलवाँ, दूसरा फागन माह"

626
00:36:57,604 --> 00:37:02,914
"तीजो मेरे मन में जागी पाया मिलन की आस"

627
00:37:03,094 --> 00:37:07,709
"तीजो मेरे मन में जागी पाया मिलन की आस"

628
00:37:07,770 --> 00:37:13,877
"मेरी आँखों के सपने सुहावन सजरे"

629
00:37:14,178 --> 00:37:18,276
"आँखों के सपने सुहावन सजरे"

630
00:37:18,340 --> 00:37:23,621
"मेरे हिवड़ा भाया रे बावरा"

631
00:37:23,748 --> 00:37:29,069
"मेरे हिवड़ा भाया रे बावरा"

632
00:37:29,104 --> 00:37:34,212
"मेरे हिवड़ा भाया रे बावरा"

633
00:37:34,236 --> 00:37:39,790
"मेरे हिवड़ा भाया रे बावरा"

634
00:37:41,333 --> 00:37:44,723
युवराज ने दूर से उस लड़की को देख लिया।

635
00:37:48,278 --> 00:37:52,258
युवराज और वो लड़की एक
ही रास्ते पर चल कर जा रहे है

636
00:37:54,534 --> 00:37:57,094
और अचानक आमने-सामने आ जाते हैं।

637
00:37:58,638 --> 00:37:59,985
आप बहुत अच्छा गाती हैं।

638
00:38:00,137 --> 00:38:01,231
धन्यवाद।

639
00:38:01,454 --> 00:38:03,274
क्या मैं आपका परिचय जान सकता हूँ?

640
00:38:03,299 --> 00:38:04,581
मेरा नाम लक्ष्मी है।

641
00:38:04,722 --> 00:38:05,851
मैं भैरोट से हूँ

642
00:38:05,876 --> 00:38:07,560
मेरे पिता सवार मल जी है।

643
00:38:07,585 --> 00:38:08,153
अच्छा।

644
00:38:08,394 --> 00:38:10,045
उस लड़की का परिचय लेकर

645
00:38:10,278 --> 00:38:12,540
युवराज वहां से निकल जाते हैं।

646
00:38:12,798 --> 00:38:14,794
एक गांव का रात का दृश्य।

647
00:38:19,005 --> 00:38:22,465
गोबिंद बोलो, हरि गोपाल बोलो।

648
00:38:22,770 --> 00:38:26,324
राधा रमण, हरि गोपाल बोलो।

649
00:38:26,505 --> 00:38:29,959
गोबिंद बोलो, हरि गोपाल बोलो।

650
00:38:30,109 --> 00:38:33,776
राधा रमण, हरि गोपाल बोलो।

651
00:38:33,801 --> 00:38:35,504
सारा दिन मंजीरा ही बजाएंगे क्या?

652
00:38:36,500 --> 00:38:39,806
छोड़ ओढ़ यह गृहस्थी, और
हिमालय पर जाकर बैठ जाओ।

653
00:38:40,041 --> 00:38:42,361
अरे भगवान, क्यों लाल-पीली हो रही हो?

654
00:38:43,037 --> 00:38:44,477
तुम्हें मंजीरा पसंद नहीं है ना?

655
00:38:44,624 --> 00:38:46,551
तो यह लो, लो यह रख दिया।

656
00:38:48,953 --> 00:38:50,749
अब बता, क्या करना है?

657
00:38:51,095 --> 00:38:53,966
अच्छा, अब यह भी मैं
बताऊं कि तुम्हें क्या करना है?

658
00:38:53,991 --> 00:38:55,534
यह गृहस्थी तुम्हारी नहीं है?

659
00:38:56,134 --> 00:38:57,594
इस घर में तुम नहीं रहते?

660
00:38:58,554 --> 00:38:59,761
अरे भागवान

661
00:39:00,046 --> 00:39:02,614
ऊपरवाले की कृपा से गृहस्थी अच्छी चल रही है।

662
00:39:02,828 --> 00:39:04,648
तुम्हें कोई कष्ट है तो बताओ ना।

663
00:39:04,906 --> 00:39:06,859
अरे लक्ष्मी बड़ी हो गई है।

664
00:39:07,392 --> 00:39:09,099
उसके हाथ पीले करने हैं या नहीं?

665
00:39:09,906 --> 00:39:12,139
उसके लिए घर देखोगे कि नहीं?

666
00:39:12,241 --> 00:39:15,601
ओ, अब तुम्हें मेरी बेटी भी बोझ लगने लगी?

667
00:39:15,954 --> 00:39:18,719
अरे प्रभु, बेटी बोझ नहीं लगती

668
00:39:18,886 --> 00:39:21,483
लेकिन बेटी का घर बसाना हमारा धर्म है।

669
00:39:23,384 --> 00:39:24,144
बापू!

670
00:39:24,309 --> 00:39:25,416
आ गई मेरी लाडो?

671
00:39:25,573 --> 00:39:26,268
हाँ।

672
00:39:26,848 --> 00:39:30,195
देखो, देखो, इसके विवाह की
चिंता न आपको है, न इसे है।

673
00:39:30,759 --> 00:39:33,519
आप मंजीरा बजाते रहते हो
और ये बागों में झूलती रहती है

674
00:39:33,544 --> 00:39:34,732
बस हो गया कल्याण।

675
00:39:35,181 --> 00:39:38,401
अरे भगवान, झूला झूलना और मंजीरा बजाना

676
00:39:38,426 --> 00:39:39,919
अपराध कब से हो गया?

677
00:39:41,732 --> 00:39:44,212
अपराध भले ही न हो, सीमा समय तो है।

678
00:39:44,292 --> 00:39:45,332
मर्यादा तो है।

679
00:39:45,918 --> 00:39:48,578
मर्यादा से अधिक कोई काम शोभा नहीं देता है प्रभु।

680
00:39:49,048 --> 00:39:52,048
अरे भगवान, क्यों छोटी सी
बात का बखेड़ा बना रही हो?

681
00:39:52,433 --> 00:39:54,580
साफ-साफ बताओ न क्या कहना चाहती हो।

682
00:39:54,793 --> 00:39:57,086
मैं अपनी बच्ची का सुखी संसार चाहती हूँ।

683
00:39:57,275 --> 00:39:59,958
उसके लिए एक अच्छा घर
और एक अच्छा वर चाहती हूँ

684
00:39:59,983 --> 00:40:01,468
उसके लिए प्रयास करना ही पड़ेगा।

685
00:40:01,721 --> 00:40:04,606
मंजीरा बजाने से और झूला झूलने से कुछ नहीं होगा।

686
00:40:04,816 --> 00:40:07,783
मेरी बेटी लक्ष्मी, साक्षात देवी का रूप है।

687
00:40:07,979 --> 00:40:10,534
इसका विवाह तो स्वयं नारायण करेंगे।

688
00:40:11,409 --> 00:40:12,942
कर दिया नारायण ने।

689
00:40:13,007 --> 00:40:15,967
अपने छोटे से घर में लक्ष्मी
की मां रोटी बना रही है।

690
00:40:15,992 --> 00:40:18,322
राजा और रानी अपने महल में बात कर रहे हैं।

691
00:40:18,347 --> 00:40:19,567
यह तो अच्छी बात है

692
00:40:20,733 --> 00:40:22,939
हमारे कुँवर को एक कन्या पसंद आई है।

693
00:40:24,141 --> 00:40:25,607
आपने उससे बात की है?

694
00:40:27,052 --> 00:40:29,519
जी पिताजी, आपने हमें बुलाया?

695
00:40:30,479 --> 00:40:33,306
जी हाँ, हमने आपको बुलाया है कुँवर जी, बैठिए।

696
00:40:36,753 --> 00:40:37,746
कैसे हैं आप?

697
00:40:37,926 --> 00:40:39,466
मैं ठीक हूँ पिताजी।

698
00:40:39,744 --> 00:40:42,497
यह क्या सुन रहा हूँ? आपकी माताजी बता रही हैं

699
00:40:43,386 --> 00:40:44,653
कि आपने कोई

700
00:40:45,089 --> 00:40:46,409
कन्या पसंद की है?

701
00:40:47,306 --> 00:40:50,326
शादी की बात सुनकर युवराज शर्मा रहे हैं।

702
00:40:51,274 --> 00:40:52,827
जी, पिताजी।

703
00:40:53,677 --> 00:40:55,611
इसमें झिझकने की क्या बात है?

704
00:40:56,916 --> 00:40:58,896
विवाह एक संस्कार है

705
00:40:59,547 --> 00:41:01,614
जो जीवन को पूर्णता देता है।

706
00:41:02,559 --> 00:41:04,986
और यदि जीवन संगिनी पसंद की हो

707
00:41:05,024 --> 00:41:07,456
तो जीवन और सफल हो जाता है।

708
00:41:11,793 --> 00:41:13,660
कन्या के बारे में कुछ बताइए।

709
00:41:14,349 --> 00:41:17,362
कौन है वो? क्या कुल है, खानदान है?

710
00:41:17,597 --> 00:41:18,777
क्या गोत्र है?

711
00:41:19,163 --> 00:41:20,970
माता-पिता कौन हैं उसके?

712
00:41:21,616 --> 00:41:23,769
पिताजी, गाँव बहरोड़

713
00:41:24,711 --> 00:41:26,738
पिता का नाम सावरमल जी है

714
00:41:26,763 --> 00:41:28,696
और इससे ज़्यादा हमें नहीं पता, पिताजी।

715
00:41:31,351 --> 00:41:32,338
बहरोड़!

716
00:41:35,212 --> 00:41:37,166
बहरोड़ के सावरमल जी।

717
00:41:38,367 --> 00:41:40,114
क्या नियति है।

718
00:41:41,812 --> 00:41:44,772
ईश्वर की लीला कोई समझ
नहीं सकता, रानी गायत्री।

719
00:41:45,394 --> 00:41:46,900
ईश्वर की लीला?

720
00:41:47,469 --> 00:41:49,956
मैं कुछ समझी नहीं, महाराज।

721
00:41:50,152 --> 00:41:51,700
कोई समस्या तो नहीं है?

722
00:41:51,725 --> 00:41:53,580
नहीं, नहीं, बिल्कुल कोई समस्या नहीं है।

723
00:41:54,880 --> 00:41:56,180
बहरोड़ के

724
00:41:57,144 --> 00:42:00,633
सावरमल जी को मैं जानता हूँ। उनसे मैं परिचित हूँ।

725
00:42:01,673 --> 00:42:03,013
और उनकी कन्या

726
00:42:04,075 --> 00:42:06,215
यदि हमारी पुत्रवधू बने

727
00:42:07,308 --> 00:42:10,535
इससे बड़ी प्रसन्नता हमारे
लिए और क्या बात हो सकती है।

728
00:42:11,790 --> 00:42:15,590
मुझे अपने पुत्र की पसंद पर गर्व है।

729
00:42:16,287 --> 00:42:18,274
अच्छा पिताजी, मैं चलता हूँ।

730
00:42:20,694 --> 00:42:21,201
प्रणाम!

731
00:42:21,274 --> 00:42:22,748
विजयी भव!

732
00:42:26,904 --> 00:42:28,917
अब नेक काम में देरी क्यों?

733
00:42:29,152 --> 00:42:31,552
आप जल्द से ही विवाह का प्रस्ताव भेज दीजिए।

734
00:42:31,707 --> 00:42:33,527
बिल्कुल देरी नहीं होगी।

735
00:42:33,552 --> 00:42:35,517
मैं कल ही राजपुरोहित जी से

736
00:42:35,812 --> 00:42:38,079
सावरमल जी के यहाँ रिश्ता भिजवाता हूँ।

737
00:42:38,731 --> 00:42:39,318
हाँ।

738
00:42:39,445 --> 00:42:40,458
सावरमल जी

739
00:42:40,857 --> 00:42:44,845
शास्त्रों में कन्या के पिता को दाता
और वर के पिता को याचक कहा गया है।

740
00:42:45,810 --> 00:42:47,577
मैं राजपुरोहित होने के नाते

741
00:42:47,969 --> 00:42:51,369
बाटन नरेश के पुत्र के विवाह का
प्रस्ताव, आपके समक्ष रख रहा हूँ।

742
00:42:52,726 --> 00:42:53,939
आप दाता हैं।

743
00:42:54,601 --> 00:42:57,460
विवाह प्रस्ताव को स्वीकार करना या इंकार करना

744
00:42:57,920 --> 00:42:59,460
यह आपका अधिकार है।

745
00:42:59,648 --> 00:43:01,321
आप अपना निर्णय सुनाइए।

746
00:43:01,570 --> 00:43:02,730
राजपुरोहित जी

747
00:43:03,561 --> 00:43:07,234
हर माँ-बाप की इच्छा होती
है कि उसकी पुत्री सुखी रहे।

748
00:43:07,659 --> 00:43:10,466
और उसके जीवन में किसी
भी प्रकार का अभाव न हो।

749
00:43:10,680 --> 00:43:14,853
मेरे लिए इससे सौभाग्य की
बात क्या होगी कि मेरी पुत्री लक्ष्मी

750
00:43:15,096 --> 00:43:17,890
स्वयं बरतार नरेश की
पुत्र वधू बनने जा रही है।

751
00:43:18,007 --> 00:43:20,540
मुझे यह विवाह प्रस्ताव स्वीकार है।

752
00:43:20,565 --> 00:43:23,928
महाराज से कहिए, कि हम
उनके स्वागत के लिए तैयार हैं।

753
00:43:24,145 --> 00:43:25,805
जी, सवार मल जी।

754
00:43:25,830 --> 00:43:26,365
नमस्ते!

755
00:43:29,549 --> 00:43:31,928
विवाह के अग्निकुंड का दृश्य।

756
00:43:39,610 --> 00:43:41,586
विवाह के पंडाल का दृश्य।

757
00:43:46,337 --> 00:43:49,813
अग्निकुंड के समक्ष लक्ष्मी और युवराज बैठे हैं।

758
00:43:50,012 --> 00:43:51,837
पंडित जी मंत्र पढ़ रहे हैं।

759
00:43:52,278 --> 00:43:53,904
वधु वर के माता-पिता

760
00:43:54,157 --> 00:43:57,127
और अन्य अतिथिगण आसपास बैठे हैं।

761
00:43:57,596 --> 00:44:00,035
[ पंडित जी मंतर बोलते हुए ]

762
00:45:01,171 --> 00:45:03,491
अब वर वधू फेरे के लिए उठिए।

763
00:45:03,949 --> 00:45:05,995
[ पंडित जी मंतर बोलते हुए ]

764
00:45:39,575 --> 00:45:42,737
वर-वधू ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई।

765
00:45:43,089 --> 00:45:45,723
[ पंडित जी मंतर बोलते हुए ]

766
00:45:45,791 --> 00:45:47,922
विवाह विधि संपन्न होने के बाद

767
00:45:48,043 --> 00:45:51,129
वर-वधू ने अपने माता-पिता से आशीर्वाद लिया।

768
00:45:51,696 --> 00:45:53,850
[ पंडित जी मंतर बोलते हुए ]

769
00:46:11,678 --> 00:46:13,672
लक्ष्मी की बिदाई हो रही है

770
00:46:13,911 --> 00:46:17,164
और वह अपने मां के गले लगकर रो रही है।

771
00:46:18,327 --> 00:46:21,701
रानी गायत्री उसे संभालने की कोशिश कर रही हैं।

772
00:46:33,464 --> 00:46:36,617
अपनी नई बहू को लेकर युवराज अपने

773
00:46:36,642 --> 00:46:39,682
माता-पिता के साथ महल के लिए निकल जाते हैं।

774
00:46:41,666 --> 00:46:43,466
अपनी बेटी को विदा करके

775
00:46:43,638 --> 00:46:47,421
लक्ष्मी के माता-पिता के आंखों में सुखद अश्रु हैं।

776
00:46:51,170 --> 00:46:53,739
युवराज अपने दुल्हन की डोली लेकर

777
00:46:54,243 --> 00:46:56,227
महल की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

778
00:46:57,532 --> 00:47:00,499
युवराज अपने सफेद घोड़े पर सवार हैं

779
00:47:03,333 --> 00:47:06,364
और दुल्हन की डोली कुछ सैनिकों ने उठाई है।

780
00:47:15,468 --> 00:47:17,387
महल के मुख्य द्वार का दृश्य।

781
00:47:20,277 --> 00:47:22,896
राजा तोरणमल अपने कक्ष में बैठकर

782
00:47:22,988 --> 00:47:24,272
कुछ विचार कर रहे हैं।

783
00:47:24,283 --> 00:47:25,499
तब रानी आती है।

784
00:47:25,720 --> 00:47:26,560
क्या हुआ?

785
00:47:28,262 --> 00:47:29,082
महाराज!

786
00:47:29,882 --> 00:47:32,009
आप चिंतित लग रहे हैं।

787
00:47:32,772 --> 00:47:35,819
राज काज का कार्य तो सब ठीक चल रहा है

788
00:47:37,027 --> 00:47:39,001
तो फिर चिंता किस बात की?

789
00:47:41,359 --> 00:47:43,139
इसे चिंता न कहे रानी

790
00:47:44,173 --> 00:47:45,219
चिंतन कहिए।

791
00:47:46,161 --> 00:47:46,948
चिंतन?

792
00:47:48,507 --> 00:47:50,167
किस बात का चिंतन?

793
00:47:50,774 --> 00:47:51,680
रानी

794
00:47:52,209 --> 00:47:54,022
शास्त्रों में विदित है

795
00:47:55,145 --> 00:47:58,159
कि अगर पुत्र राज काज संभाल ले

796
00:47:59,006 --> 00:48:01,633
तो माता-पिता को तीर्थाटन के लिए निकल जाना चाहिए।

797
00:48:03,101 --> 00:48:05,994
अब हमें अपने जीवन के बचे हुए दिनों को

798
00:48:06,481 --> 00:48:07,688
तीर्थाटन में

799
00:48:07,974 --> 00:48:10,794
और ईश्वर परिधान में व्यतीत करना चाहिए।

800
00:48:11,304 --> 00:48:14,611
हमें अपने मुक्ति मार्ग को प्रशस्त करना चाहिए।

801
00:48:16,421 --> 00:48:17,528
महाराज!

802
00:48:18,415 --> 00:48:20,568
मैं आपकी बातों से सहमत हूँ

803
00:48:21,418 --> 00:48:23,611
यह बहुत उच्च विचार हैं आपके।

804
00:48:25,088 --> 00:48:28,314
मौका देखते ही, मैं लक्ष्मी से बात करूंगी।

805
00:48:28,528 --> 00:48:32,128
राजा और युवराज महल के खुले छत पर खड़े हैं।

806
00:48:32,304 --> 00:48:33,824
राजा के व्यक्तिगत

807
00:48:34,725 --> 00:48:36,239
सुख सुविधा और

808
00:48:37,507 --> 00:48:40,366
उनकी इच्छाओं का कोई मूल्य नहीं होता पुत्र।

809
00:48:42,464 --> 00:48:44,124
क्योंकि राजा का जीवन

810
00:48:44,839 --> 00:48:47,305
अपनी प्रजा के लिए समर्पित होता है।

811
00:48:48,822 --> 00:48:50,909
राजा अपना समस्त जीवन

812
00:48:51,119 --> 00:48:53,152
प्रजा पर न्योछावर कर देता है।

813
00:48:56,219 --> 00:48:56,892
पिताजी

814
00:48:57,839 --> 00:48:59,639
बातों के राजा तो आप हैं

815
00:49:00,243 --> 00:49:02,203
मैं तो प्रतिनिधि हूँ आपका।

816
00:49:03,111 --> 00:49:03,851
पुत्र

817
00:49:05,401 --> 00:49:07,474
हम वानप्रस्थ में आ चुके हैं।

818
00:49:08,023 --> 00:49:11,649
हमने अपने जीवन के अधिकांश

819
00:49:12,090 --> 00:49:15,263
राज काज और मोह माया में व्यतीत किया है।

820
00:49:16,704 --> 00:49:17,831
अब जो कुछ भी

821
00:49:18,757 --> 00:49:19,790
जीवन के

822
00:49:20,765 --> 00:49:23,959
बचे हुए वर्ष हैं, उसे ईश्वर परिधान

823
00:49:24,240 --> 00:49:26,560
और तीर्थाटन में व्यतीत करना चाहते हैं।

824
00:49:33,490 --> 00:49:37,657
पिताजी, मेरे कंधे इतने भी मजबूत नहीं हैं कि

825
00:49:37,718 --> 00:49:40,352
मैं आपका भार उठा सकूं।

826
00:49:40,742 --> 00:49:43,562
पिताजी मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ

827
00:49:43,619 --> 00:49:46,549
कि मुझे छोड़कर मत जाइए।

828
00:49:46,574 --> 00:49:47,143
पुत्र

829
00:49:49,396 --> 00:49:51,176
भावनाओं का परवाह

830
00:49:52,265 --> 00:49:55,631
शाश्वत नीधियों को क्षतिग्रस्त कर देता है।

831
00:49:57,346 --> 00:49:59,619
अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखो

832
00:49:59,644 --> 00:50:01,366
उस पर अंकुश डाल लो।

833
00:50:05,429 --> 00:50:07,849
पिताजी, आपके अनुसार

834
00:50:07,909 --> 00:50:10,602
राजा और पिता एक समान हैं।

835
00:50:12,178 --> 00:50:15,678
तो एक राजा अपनी प्रजा को नहीं छोड़ सकता।

836
00:50:16,348 --> 00:50:18,441
तो एक पिता अपने पुत्र को

837
00:50:18,466 --> 00:50:20,901
कैसे छोड़ सकता है, पिताजी?

838
00:50:21,023 --> 00:50:22,856
शांत हो जाओ, पुत्र।

839
00:50:24,204 --> 00:50:26,830
आपकी आज्ञा मेरे सिर माथे पर है, माँ जी।

840
00:50:26,990 --> 00:50:29,150
किन्तु आपके जैसी योग्यता

841
00:50:29,358 --> 00:50:30,771
आपके जैसी सूझ-बूझ

842
00:50:31,299 --> 00:50:33,252
मेरे पास नहीं है, माँ जी।

843
00:50:33,852 --> 00:50:36,545
ऐसे में इस घर की परंपरा

844
00:50:36,667 --> 00:50:39,500
रीति-रिवाज का क्या होगा, माँ जी?

845
00:50:39,784 --> 00:50:41,590
आप हमें छोड़कर मत जाओ।

846
00:50:41,615 --> 00:50:42,857
नहीं, बेटा।

847
00:50:42,959 --> 00:50:44,319
रोना बंद करो

848
00:50:45,209 --> 00:50:46,662
और मेरी बात सुनो।

849
00:50:48,044 --> 00:50:50,297
तुम भूल गई हो कि

850
00:50:50,585 --> 00:50:53,539
तुमने एक नारी के रूप में जन्म लिया है।

851
00:50:54,375 --> 00:50:55,455
वो नारी

852
00:50:56,129 --> 00:50:57,915
जो सरस्वती बनकर

853
00:50:58,350 --> 00:51:00,523
संसार का सृजन करती है।

854
00:51:01,151 --> 00:51:04,616
लक्ष्मी बनकर, संसार का पालन करती है।

855
00:51:05,630 --> 00:51:08,117
और काली बनकर

856
00:51:08,403 --> 00:51:09,716
धारण करती है।

857
00:51:12,204 --> 00:51:14,164
और फिर वो नारी

858
00:51:14,530 --> 00:51:17,517
एक छोटी सी गृहस्थी संभालने से घबराती है।

859
00:51:21,021 --> 00:51:24,368
यह तुम्हारी छाती पर बहुत बड़ा अपमान होगा।

860
00:51:24,667 --> 00:51:25,274
है ना?

861
00:51:28,104 --> 00:51:28,970
किन्तु...

862
00:51:30,936 --> 00:51:32,803
कोई किंतु-परंतु नहीं।

863
00:51:33,797 --> 00:51:37,410
नारी कभी भी अभी और तभी से परे होती है।

864
00:51:39,629 --> 00:51:40,122
नारी

865
00:51:41,249 --> 00:51:43,242
त्याग, बलिदान

866
00:51:43,863 --> 00:51:44,963
साहस

867
00:51:46,329 --> 00:51:48,903
और शक्ति की अनुपम मूर्ति होती है।

868
00:51:50,202 --> 00:51:51,635
जो फूलों से कोमल

869
00:51:52,917 --> 00:51:55,270
और पत्थरों से भी अधिक कठोर है।

870
00:51:59,387 --> 00:52:01,461
मुझे तुम पर पूरा विश्वास है।

871
00:52:02,069 --> 00:52:03,282
अब रोना बंद करो

872
00:52:04,438 --> 00:52:07,245
और मुस्कुराकर हमें विदा करो।

873
00:52:07,441 --> 00:52:08,081
हम्म

874
00:52:09,880 --> 00:52:11,140
और आज के बाद

875
00:52:12,183 --> 00:52:14,090
इस कुल की सारी ज़िम्मेदारी

876
00:52:15,309 --> 00:52:16,529
तुम्हारे ऊपर है।

877
00:52:18,168 --> 00:52:19,968
खुश रहो बेटा।

878
00:52:20,577 --> 00:52:21,950
हाँ, माँ जी।

879
00:52:22,464 --> 00:52:25,623
रानी गायत्री अपनी बहू को गले लगा लेती हैं।

880
00:52:25,719 --> 00:52:29,751
राजा और रानी अपने तीर्थाटन
के लिए प्रस्थान कर रहे हैं।

881
00:52:29,972 --> 00:52:32,185
युवराज और उनकी बहू लक्ष्मी

882
00:52:32,472 --> 00:52:33,840
उन्हें विदा कर रहे हैं।

883
00:52:34,013 --> 00:52:36,268
राजा की प्रजा भी वहां उपस्थित है।

884
00:52:43,292 --> 00:52:47,293
और राजा एक सफेद घोड़ों
के रथ पर सवार हो रहे हैं।

885
00:52:49,393 --> 00:52:53,194
रानी गायत्री अपनी प्रजा
को दूर से नमन कर रही हैं।

886
00:52:55,872 --> 00:52:58,192
युवराज और उनकी बहू लक्ष्मी

887
00:52:58,627 --> 00:53:01,861
अपने माता-पिता को विदा करते वक्त रो रहे हैं।

888
00:53:01,894 --> 00:53:03,794
राजा भी रथ पर सवार हो गए

889
00:53:03,951 --> 00:53:06,443
और अपनी प्रजा को नमन कर रहे हैं।

890
00:53:06,663 --> 00:53:09,003
पाटन नरेश की जय हो!

891
00:53:09,028 --> 00:53:11,705
पाटन नरेश की जय हो!

892
00:53:11,730 --> 00:53:14,853
पाटन नरेश की जय हो!

893
00:53:14,878 --> 00:53:17,699
पाटन नरेश की जय हो!

894
00:53:17,724 --> 00:53:21,026
पाटन नरेश की जय हो!

895
00:53:21,051 --> 00:53:24,068
पाटन नरेश की जय हो!

896
00:53:24,422 --> 00:53:27,516
पाटन नरेश की जय हो!

897
00:53:27,541 --> 00:53:29,915
पाटन नरेश की जय हो!

898
00:53:29,940 --> 00:53:33,077
पाटन नरेश की जय हो!

899
00:53:33,102 --> 00:53:37,215
पाटन नरेश की जय हो!

900
00:53:37,577 --> 00:53:40,263
जय हो!

901
00:53:40,288 --> 00:53:41,691
जय हो!

902
00:53:41,716 --> 00:53:45,342
राजा और रानी के जाने से प्रजा दुखी है।

903
00:53:46,475 --> 00:53:48,101
राजा-रानी का वो रथ

904
00:53:48,289 --> 00:53:52,796
कुछ सैनिकों के साथ एक
जंगल के रास्ते से गुज़र रहा है।

905
00:54:00,051 --> 00:54:03,498
राजा-रानी ने साधारण से पोशाक पहन रखे हैं।

906
00:54:05,345 --> 00:54:08,907
अब वो जंगल के एक पगडंडी पर चल रहे हैं।

907
00:54:13,526 --> 00:54:17,252
चल-चल कर रानी गायत्री थकी हुई दिख रही हैं।

908
00:54:24,825 --> 00:54:26,265
राजा और रानी

909
00:54:26,336 --> 00:54:28,745
खेतों के रास्ते से चलकर जा रहे हैं।

910
00:54:30,093 --> 00:54:31,994
रानी गायत्री थक गई हैं

911
00:54:32,304 --> 00:54:35,345
और वो एक पेड़ के नीचे बैठ गई हैं।

912
00:54:35,862 --> 00:54:37,553
पत्तों के एक कटोरे में

913
00:54:37,735 --> 00:54:40,764
राजा रानी के लिए पानी लेकर आए हैं।

914
00:54:49,417 --> 00:54:52,557
दोनों पानी पीकर उसी पेड़ के छांव में

915
00:54:52,582 --> 00:54:54,257
कुछ देर के लिए बैठ गए।

916
00:54:58,487 --> 00:55:01,147
सांझ के नारंगी आकाश का दृश्य।

917
00:55:05,339 --> 00:55:07,663
युवराज अपने कक्ष में लेटे हैं।

918
00:55:08,759 --> 00:55:10,759
अचानक उनकी आंख खुलती है

919
00:55:10,950 --> 00:55:13,576
और देखते हैं कि उनकी पत्नी लक्ष्मी

920
00:55:13,896 --> 00:55:15,122
कक्ष में नहीं है।

921
00:55:15,489 --> 00:55:18,699
चिंतित होकर युवराज उन्हें खोजने जाते हैं।

922
00:55:18,724 --> 00:55:21,026
लक्ष्मी महल की छत पर खड़ी है।

923
00:55:21,259 --> 00:55:22,553
लक्ष्मी!

924
00:55:23,974 --> 00:55:24,647
लक्ष्मी!

925
00:55:27,699 --> 00:55:28,766
यहाँ क्या कर रहे हो आप?

926
00:55:29,799 --> 00:55:31,145
क्या देख रहे हो यहाँ?

927
00:55:33,053 --> 00:55:36,053
आकाश में अंगिनत तारे टिमटिमा रहे हैं, स्वामी

928
00:55:36,688 --> 00:55:38,575
किन्तु चंद्र देव नहीं हैं।

929
00:55:39,203 --> 00:55:43,095
बिना चंद्र देव के यह रात
कितनी अधूरी है, स्वामी।

930
00:55:45,016 --> 00:55:47,036
इसमें सोचने की क्या आवश्यकता है?

931
00:55:48,799 --> 00:55:50,686
आज अमावस्या की रात है

932
00:55:50,821 --> 00:55:54,068
और अमावस्या के दिन चंद्र देव नहीं निकलते।

933
00:55:54,907 --> 00:55:57,767
हमारे वंश में भी अमावस की रात है, स्वामी।

934
00:55:57,889 --> 00:55:59,774
शुभ-शुभ बोलिए, प्रिय।

935
00:56:00,771 --> 00:56:02,871
शायद आपको पता नहीं है, स्वामी

936
00:56:02,958 --> 00:56:05,211
हमारी शादी को दस वर्ष हो गए हैं

937
00:56:05,348 --> 00:56:08,181
किन्तु अभी तक हमें संतान
की कोई प्राप्ति नहीं हुई है।

938
00:56:08,556 --> 00:56:10,816
बिना संतान के यह राजमहल

939
00:56:10,958 --> 00:56:13,138
भूतों का डेरा लगता है।

940
00:56:14,169 --> 00:56:17,189
प्रिया, महाराजा दशरथ को भी

941
00:56:17,324 --> 00:56:19,497
वर्षों बाद पुत्र की प्राप्ति हुई थी।

942
00:56:19,775 --> 00:56:22,727
वो भी पता है किसकी? प्रभु श्री राम की।

943
00:56:22,899 --> 00:56:24,785
आप भगवान पर भरोसा रखिए।

944
00:56:24,810 --> 00:56:26,859
हमें भी संतान की प्राप्ति होगी।

945
00:56:27,496 --> 00:56:28,476
हाँ, स्वामी।

946
00:56:32,946 --> 00:56:34,806
उगते सूरज का दृश्य।

947
00:56:35,643 --> 00:56:36,689
यह माला कैसे दी बेटी?

948
00:56:36,744 --> 00:56:38,400
2 आने की। - यह तो महंगी है।

949
00:56:38,425 --> 00:56:40,102
यह वाली?
- यह 1 आने की है।

950
00:56:40,271 --> 00:56:41,211
अच्छा, ठीक है।

951
00:56:41,683 --> 00:56:43,617
प्रणाम राजकुमारी जी।

952
00:56:43,654 --> 00:56:45,841
गांव के एक मंदिर के बाहर का दृश्य।

953
00:56:46,162 --> 00:56:48,215
मुँह देखना भी पाप है इसका।

954
00:56:49,350 --> 00:56:51,317
यह तो बांज है बांज!

955
00:56:52,884 --> 00:56:54,031
यह वाली कैसे दी?

956
00:56:54,056 --> 00:56:56,616
अरे बहन, बैल भी कभी दूध देता है क्या?

957
00:57:10,501 --> 00:57:13,321
यह तो बांज है बांज!
- मुँह देखना भी पाप है इसका।

958
00:57:13,346 --> 00:57:15,523
अरे बहन, बैल भी कभी दूध देता है क्या?

959
00:57:15,747 --> 00:57:18,027
गांव के औरतों के ताने सुनकर

960
00:57:18,301 --> 00:57:20,051
लक्ष्मी परेशान हो जाती है

961
00:57:20,298 --> 00:57:22,251
और बहुत दुखी हो जाती है।

962
00:57:23,556 --> 00:57:26,123
हताश होकर वो रोने लगती है।

963
00:57:35,356 --> 00:57:36,470
क्या हुआ लक्ष्मी?

964
00:57:37,222 --> 00:57:38,449
तुम्हारी आँखों में आँसू?

965
00:57:39,392 --> 00:57:40,619
तुम रो क्यों रही हो?

966
00:57:41,307 --> 00:57:43,101
क्षमा कीजिए स्वामी।

967
00:57:45,509 --> 00:57:46,969
जब एक नारी

968
00:57:47,262 --> 00:57:50,768
पुत्री बनके इस दुनिया में जन्म लेती है ना

969
00:57:52,118 --> 00:57:55,548
तब उसका अस्तित्व, दुनिया के हाथों में होता है।

970
00:57:55,826 --> 00:57:59,199
स्वामी, पर जब वही नारी

971
00:57:59,378 --> 00:58:00,904
जब माँ बनकर

972
00:58:01,144 --> 00:58:03,517
दुनिया के सामने खड़ी होती है

973
00:58:03,639 --> 00:58:07,949
तो पूरी दुनिया उसके आगे नतमस्तक हो जाती है।

974
00:58:10,941 --> 00:58:12,894
लक्ष्मी! लक्ष्मी!

975
00:58:13,227 --> 00:58:14,860
क्या हुआ तुम्हें?

976
00:58:15,589 --> 00:58:17,442
साफ-साफ बताओ लक्ष्मी, हुआ क्या है?

977
00:58:18,743 --> 00:58:21,543
कोई भी औरत तभी संपूर्ण होती है स्वामी

978
00:58:21,568 --> 00:58:24,418
जब वो माँ बनकर संतान को जन्म देती है।

979
00:58:24,561 --> 00:58:26,821
मैं भी माँ बनना चाहती हूँ, स्वामी।

980
00:58:27,012 --> 00:58:29,099
संतान को जन्म देना चाहती हूँ।

981
00:58:30,046 --> 00:58:31,419
लेकिन विधाता ने तो

982
00:58:31,444 --> 00:58:34,692
मेरी तकदीर में संतान का
सुख लिखा ही नहीं है, स्वामी।

983
00:58:37,057 --> 00:58:38,724
पूरी दुनिया

984
00:58:39,521 --> 00:58:42,927
मुझे बांज कहकर बुलाती है, स्वामी।

985
00:58:42,952 --> 00:58:44,200
बांज!

986
00:58:44,848 --> 00:58:46,708
बांज, बांज, बांज!

987
00:58:46,733 --> 00:58:48,179
क्या लगा रखा है तुमने यह?

988
00:58:48,387 --> 00:58:49,280
कौन है वो लोग?

989
00:58:49,628 --> 00:58:52,535
हमें नाम बताइए, हम
उन्हें राजद्रोह का दंड देंगे।

990
00:58:52,656 --> 00:58:55,461
नहीं, नहीं, सत्य यही है।

991
00:58:56,185 --> 00:58:59,099
सत्य को झुठलाया नहीं जा सकता, स्वामी।

992
00:58:59,366 --> 00:59:01,132
यही सत्य है।

993
00:59:01,508 --> 00:59:04,308
या तो संतान प्राप्ति का कोई उपाय कीजिए

994
00:59:04,598 --> 00:59:07,051
या वंश विनाश की प्रतीक्षा करें।

995
00:59:07,775 --> 00:59:09,721
हमारे वंश का क्या होगा?

996
00:59:11,762 --> 00:59:13,203
वंश ना

997
00:59:13,494 --> 00:59:16,081
वैभव से नहीं स्वामी

998
00:59:17,926 --> 00:59:21,466
संतान से चलता है, संतान से।

999
00:59:21,651 --> 00:59:24,003
लक्ष्मी, तुम चिंता मत करो

1000
00:59:24,565 --> 00:59:26,805
हमारे कुलदेवता नरसिंह भगवान हैं

1001
00:59:27,084 --> 00:59:29,011
उन्होंने बहुत कुछ दिया हमको

1002
00:59:29,174 --> 00:59:30,728
वो हमें संतान भी देंगे।

1003
00:59:30,912 --> 00:59:33,564
वो हमारी मनोकामना ज़रूर पूरी करेंगे।

1004
00:59:36,142 --> 00:59:37,628
अलख निरंजन!

1005
00:59:37,899 --> 00:59:40,259
लगता है, कोई आया है।

1006
00:59:41,687 --> 00:59:43,767
महल में एक योगी महाराज आए हैं।

1007
00:59:44,036 --> 00:59:46,083
अलख निरंजन!
- प्रणाम महाराज!

1008
00:59:46,156 --> 00:59:47,389
प्रणाम महाराज!

1009
00:59:48,555 --> 00:59:50,142
आयुष्मान भव पुत्र।

1010
00:59:50,562 --> 00:59:51,702
यशस्वी भव।

1011
00:59:52,008 --> 00:59:53,541
तुम्हारे वंश की कीर्ति

1012
00:59:53,721 --> 00:59:55,541
युगों-युगों तक अमर रहे।

1013
00:59:55,879 --> 00:59:57,253
भिक्षा दो पुत्री।

1014
00:59:58,134 --> 01:00:00,736
हम आपका दर्शन पाकर धन्य हो गए महाराज।

1015
01:00:00,823 --> 01:00:02,389
आइए, अंदर पधारिए

1016
01:00:02,499 --> 01:00:05,172
और अंदर आके हमारा घर
पवित्र कीजिए महाराज जी।

1017
01:00:05,197 --> 01:00:06,223
अवश्य पुत्री।

1018
01:00:06,619 --> 01:00:08,713
हम तुम्हारा आग्रह स्वीकार करते हैं।

1019
01:00:09,300 --> 01:00:10,334
जी महाराज

1020
01:00:10,434 --> 01:00:12,734
हमें भी सेवा का मौका दीजिए, आइए।

1021
01:00:13,438 --> 01:00:17,438
लक्ष्मी और युवराज उन योगी
महाराज का स्वागत करते हैं।

1022
01:00:18,148 --> 01:00:19,515
एक बड़े से थाल में

1023
01:00:20,002 --> 01:00:23,915
हल्दी और गुलाब की
पंखुड़ियों से उनके चरण धोते हैं।

1024
01:00:26,475 --> 01:00:29,696
योगी महाराज उनके इस कृत्य से प्रसन्न हैं।

1025
01:00:50,644 --> 01:00:51,284
वत्स

1026
01:00:51,450 --> 01:00:52,558
जी महाराज?

1027
01:00:52,764 --> 01:00:54,011
आप दोनों के

1028
01:00:54,319 --> 01:00:58,119
आदर सत्कार और सेवा
से हम बहुत प्रसन्न हुए।

1029
01:00:59,480 --> 01:01:00,894
हम आप दोनों को

1030
01:01:01,325 --> 01:01:03,919
मनवांछित आशीर्वाद देना चाहते हैं।

1031
01:01:05,855 --> 01:01:07,168
आप दोनों के मन में

1032
01:01:07,309 --> 01:01:08,962
जो भी इच्छाएं होंगी

1033
01:01:09,486 --> 01:01:12,206
उसे भगवान अवश्य पूरी करेंगे।

1034
01:01:13,124 --> 01:01:14,778
आप तो सब जानते हैं।

1035
01:01:14,818 --> 01:01:16,318
आपके आशीर्वाद से

1036
01:01:16,737 --> 01:01:18,977
भगवान का दिया हुआ सब कुछ है

1037
01:01:19,038 --> 01:01:21,111
बस एक संतान की कमी है।

1038
01:01:21,582 --> 01:01:23,022
कुछ ऐसी कृपा कीजिए

1039
01:01:23,395 --> 01:01:25,068
कि हमें संतान की प्राप्ति हो

1040
01:01:25,315 --> 01:01:27,075
और हमारा वंश आगे बढ़े।

1041
01:01:27,152 --> 01:01:30,232
तुम्हारा मनोरथ अवश्य पूर्ण होगा, पुत्री।

1042
01:01:30,570 --> 01:01:32,578
किन्तु तुम दोनों को

1043
01:01:32,890 --> 01:01:35,397
अपनी कुलदेवी को प्रसन्न करना होगा।

1044
01:01:35,714 --> 01:01:38,908
महाराज जी, हमें यह बताने की कृपा कीजिए

1045
01:01:39,144 --> 01:01:41,030
कि हमारी कुलदेवी कौन है?

1046
01:01:41,190 --> 01:01:43,390
और हमने ऐसा कौन-सा अपराध किया है

1047
01:01:43,734 --> 01:01:46,067
जो हमारी कुलदेवी हमसे नाराज़ है?

1048
01:01:46,234 --> 01:01:47,594
पुत्र विश्वनाथ

1049
01:01:48,020 --> 01:01:49,559
नगरकोट निवासिनी

1050
01:01:49,606 --> 01:01:51,926
माता ब्रिजेश्वरी देवी तुम्हारी कुलदेवी हैं।

1051
01:01:52,109 --> 01:01:54,576
तुम्हारे वंश में विवाह के बाद

1052
01:01:55,447 --> 01:01:56,854
नव दम्पति को

1053
01:01:56,960 --> 01:01:58,912
माता के दर्शन कर के

1054
01:01:59,205 --> 01:02:00,411
धोक लगाने

1055
01:02:01,064 --> 01:02:03,461
और निशान चढ़ाने की परंपरा है।

1056
01:02:03,934 --> 01:02:06,794
जो संयोग से या भूलवश

1057
01:02:07,133 --> 01:02:09,641
तुम नहीं कर पाए, इसलिए

1058
01:02:10,230 --> 01:02:12,161
माता तुमसे नाराज़ हैं।

1059
01:02:12,667 --> 01:02:14,620
माता देवी को प्रसन्न करने का कोई

1060
01:02:14,645 --> 01:02:15,978
उपाय बताइए, महाराज जी?

1061
01:02:16,026 --> 01:02:18,779
बेटी, तुम दोनों पति-पत्नी

1062
01:02:18,974 --> 01:02:20,294
नगरकोट जाकर

1063
01:02:20,340 --> 01:02:22,747
माता ब्रिजेश्वरी की पूजा-अर्चना करो

1064
01:02:22,915 --> 01:02:24,642
और क्षमा-याचना करते हुए

1065
01:02:24,801 --> 01:02:27,834
माता से संतान प्राप्ति हेतु प्रार्थना करो।

1066
01:02:28,158 --> 01:02:29,744
माता प्रसन्न हो जाएँगी

1067
01:02:30,275 --> 01:02:32,715
और तुम्हारा मनोरथ भी पूर्ण हो जाएगा।

1068
01:02:33,060 --> 01:02:35,160
जय हो माँ कुलदेवी की!
- जय कुलदेवी माँ!

1069
01:02:35,247 --> 01:02:36,960
जय ब्रिजेश्वरी माँ!

1070
01:02:36,991 --> 01:02:38,684
तेरी जय हो!

1071
01:02:40,788 --> 01:02:44,205
लक्ष्मी और युवराज गांव के रास्ते से जा रहे हैं।

1072
01:02:44,547 --> 01:02:48,013
लक्ष्मी के हाथ में चुनरी से ढकी पूजा की थाल है।

1073
01:02:48,366 --> 01:02:49,599
वो नंगे पैर है।

1074
01:02:49,719 --> 01:02:53,596
उसके पांव में कांटा चुभ
जाता है जो युवराज ने निकाला।

1075
01:03:09,455 --> 01:03:11,120
मंदिर का दूर से दृश्य।

1076
01:03:25,527 --> 01:03:29,013
"पाँव में छाले"

1077
01:03:32,418 --> 01:03:35,914
"पाँव में छाले, आँख में आँसू"

1078
01:03:35,974 --> 01:03:39,606
"लब पर दुआएँ लाई हूँ"

1079
01:03:42,671 --> 01:03:45,795
"पाँव में छाले, आँख में आँसू"

1080
01:03:45,820 --> 01:03:49,543
"लब पर दुआएँ लाई हूँ"

1081
01:03:49,929 --> 01:03:52,516
"मैया तेरे द्वार पर"

1082
01:03:52,588 --> 01:03:56,028
"मैं न्याय माँगने आई हूँ"

1083
01:03:59,215 --> 01:04:02,009
"हाँ, पाँव में छाले"

1084
01:04:02,034 --> 01:04:06,588
"आँख में आँसू, लब पर दुआएँ लाई हूँ"

1085
01:04:10,328 --> 01:04:13,078
"मैया तेरे द्वार पर"

1086
01:04:13,103 --> 01:04:16,891
"मैं न्याय माँगने आई हूँ"

1087
01:04:23,698 --> 01:04:27,390
मंदिर के द्वार पर माथा
टेक कर वो अंदर जाते हैं।

1088
01:04:33,967 --> 01:04:40,288
"जन्म दिया, पाला पोसा और विवाह रचाया मेरा"

1089
01:04:40,967 --> 01:04:46,982
"लेकिन दी संतान नहीं, यह प्यार है कैसा तेरा"

1090
01:04:47,079 --> 01:04:50,927
लक्ष्मी रो रो के माता के
दरबार में गुहार लगा रही है।

1091
01:04:51,178 --> 01:04:57,055
"जन्म दिया, पाला, पोसा और विवाह रचाया मेरा"

1092
01:04:58,006 --> 01:05:04,420
"लेकिन दी संतान नहीं, यह प्यार है कैसा तेरा"

1093
01:05:04,945 --> 01:05:07,265
"सबकी झोली"

1094
01:05:11,631 --> 01:05:14,977
"सबकी झोली भरने वाली"

1095
01:05:15,101 --> 01:05:18,574
"मैं तो तेरी जायी हूँ"

1096
01:05:22,423 --> 01:05:25,076
"मैया तेरे द्वार पर"

1097
01:05:25,198 --> 01:05:28,841
"मैं न्याय माँगने आई हूँ"

1098
01:05:40,822 --> 01:05:44,052
लोगों के ताने याद करके वो रो रही है।

1099
01:05:59,649 --> 01:06:06,413
"लोगों के ताने सुन-सुन कर मुझसे जिया न जाए"

1100
01:06:06,627 --> 01:06:13,451
"विष दे दे, माँ, तो पी लूँ मैं आँसू पिया न जाए"

1101
01:06:16,975 --> 01:06:23,566
"लोगों के ताने सुन-सुन कर मुझसे जिया न जाए"

1102
01:06:23,807 --> 01:06:30,486
"विष दे दे, माँ, तो पी लूँ मैं आँसू पिया ना जाए "

1103
01:06:30,552 --> 01:06:33,892
"सूनी गोद मेरी"

1104
01:06:37,352 --> 01:06:40,938
"सूनी गोद मेरी भर दे, माँ"

1105
01:06:41,002 --> 01:06:44,449
"मैं आँचल फैलाए हूँ"

1106
01:06:47,942 --> 01:06:54,887
"मैया तेरे द्वार पर मैं न्याय माँगने आई हूँ"

1107
01:07:11,839 --> 01:07:18,547
"तेरा मेरा नाता क्या शायद माँ, तुझे याद नहीं"

1108
01:07:18,668 --> 01:07:25,685
"या इस बेटी के हिस्से का बचा है आशीर्वाद नहीं"

1109
01:07:28,759 --> 01:07:32,105
"तेरा मेरा नाता क्या"

1110
01:07:32,130 --> 01:07:35,671
"शायद माँ, तुझे याद नहीं"

1111
01:07:35,721 --> 01:07:39,268
"या इस बेटी के हिस्से का"

1112
01:07:39,293 --> 01:07:42,536
"बचा है आशीर्वाद नहीं"

1113
01:07:42,675 --> 01:07:45,468
"ठोकर खाती"

1114
01:07:49,457 --> 01:07:52,586
"ठोकर खाती दुनिया की"

1115
01:07:52,611 --> 01:07:56,531
"कितना रोई, चिल्लाई हूँ"

1116
01:08:00,167 --> 01:08:02,473
"मैया तेरे द्वार पर"

1117
01:08:02,748 --> 01:08:06,382
"मैं न्याय माँगने आई हूँ"

1118
01:08:14,010 --> 01:08:17,907
लक्ष्मी और युवराज पूजा करके
मंदिर से बाहर निकलते हैं।

1119
01:08:18,410 --> 01:08:20,724
लक्ष्मी सिसक-सिसक के रो रही है।

1120
01:08:24,480 --> 01:08:26,567
जैसे वो मंदिर से बाहर निकलते हैं

1121
01:08:26,871 --> 01:08:30,204
वहां एक महिला आती है जो सफेद पोशाक में है।

1122
01:08:30,229 --> 01:08:31,536
रुको, बेटा।

1123
01:08:31,939 --> 01:08:33,907
हाँ, कहिए।

1124
01:08:36,043 --> 01:08:37,257
प्रणाम, माता।

1125
01:08:37,789 --> 01:08:39,803
यहाँ जो माँ का मंदिर है,

1126
01:08:40,659 --> 01:08:42,639
यहाँ पर रोते-रोते आते हैं

1127
01:08:43,324 --> 01:08:45,084
और हँसते-हँसते जाते हैं।

1128
01:08:45,479 --> 01:08:46,832
तुम्हारी मनोकामना

1129
01:08:47,154 --> 01:08:48,860
अवश्य पूर्ण होगी, बेटा।

1130
01:08:49,157 --> 01:08:51,191
बहुत-बहुत धन्यवाद आपका।
- जी।

1131
01:08:53,383 --> 01:08:55,335
उस महिला का आशीर्वाद लेकर

1132
01:08:55,997 --> 01:08:58,183
जैसे ही दोनों वहां से निकलते हैं

1133
01:08:58,208 --> 01:09:01,863
अचानक वह सफेद पोशाक
वाली महिला गायब हो जाती है।

1134
01:09:06,556 --> 01:09:07,703
मध्यांतर।

1135
01:10:14,095 --> 01:10:17,598
युवराज और लक्ष्मी
एक जंगल के रास्ते से जा रहे हैं।

1136
01:10:18,206 --> 01:10:19,846
लक्ष्मी उनके पीछे-पीछे

1137
01:10:20,027 --> 01:10:22,480
हाथ में पूजा की थाल लिए चल रही है।

1138
01:10:22,809 --> 01:10:24,441
वो अचानक रुक जाती है।

1139
01:10:24,466 --> 01:10:25,852
स्वामी।

1140
01:10:25,909 --> 01:10:27,175
वो बहुत थकी है।

1141
01:10:30,263 --> 01:10:32,316
क्या हुआ, लक्ष्मी? थक गए हो?

1142
01:10:33,359 --> 01:10:34,580
स्वामी

1143
01:10:35,019 --> 01:10:37,299
थकान नहीं, प्यास लगी है।

1144
01:10:37,541 --> 01:10:39,014
कंठ सूख रहा है।

1145
01:10:39,311 --> 01:10:41,431
लक्ष्मी, थोड़ी हिम्मत और जुटाओ।

1146
01:10:41,612 --> 01:10:44,419
कृष्णा नदी आने वाली है, चलो। - हाँ जी।

1147
01:10:45,612 --> 01:10:49,019
नदी के रास्ते पर अचानक
एक महिला प्रकट होती है।

1148
01:10:49,291 --> 01:10:51,617
यह वही सफेद पोशाक वाली महिला है

1149
01:10:51,830 --> 01:10:52,632
अरे, बेटी।

1150
01:10:52,741 --> 01:10:56,008
जो अब नीले पोशाक में जोगन के भेष में है।

1151
01:10:56,753 --> 01:10:57,387
हाँ।

1152
01:11:01,113 --> 01:11:02,947
तुम यही सोच रही होगी ना

1153
01:11:03,413 --> 01:11:06,646
कि मैं तो तुम्हें माता के मंदिर में मिली थी

1154
01:11:07,434 --> 01:11:09,247
फिर यहाँ कैसे पहुँच गई?

1155
01:11:09,833 --> 01:11:11,640
मैं बिल्कुल यही सोच रही थी।

1156
01:11:12,176 --> 01:11:15,455
अरे, बेटी, तुमने यह तो सुना ही होगा

1157
01:11:16,040 --> 01:11:18,980
कि बहते पानी और रमते जोगी का

1158
01:11:19,317 --> 01:11:21,750
कोई स्थायी ठौर-ठिकाना नहीं होता।

1159
01:11:22,445 --> 01:11:24,612
ये दोनों कभी भी

1160
01:11:24,800 --> 01:11:26,640
और कहीं भी पहुँच जाते हैं।

1161
01:11:27,366 --> 01:11:28,619
सुना है ना, बेटी?

1162
01:11:28,786 --> 01:11:30,246
सुना है, देवी।

1163
01:11:30,330 --> 01:11:32,883
अरे, तुम्हारे पति देव कहाँ हैं?

1164
01:11:33,881 --> 01:11:35,448
स्वामी हमारे भोजन की

1165
01:11:35,521 --> 01:11:37,308
व्यवस्था करने गए हैं, देवी।

1166
01:11:37,605 --> 01:11:39,598
लो, प्रसाद लो, बेटी।

1167
01:11:39,812 --> 01:11:40,325
जी।

1168
01:11:42,097 --> 01:11:43,410
फिर जल ग्रहण करना।

1169
01:11:44,039 --> 01:11:45,872
तुम्हारा कल्याण हो, बेटी।

1170
01:11:46,238 --> 01:11:48,458
तुम्हारा मनोरथ पूर्ण हो।

1171
01:11:48,821 --> 01:11:50,487
"जग जननी"

1172
01:11:50,512 --> 01:11:53,725
आशीर्वाद देकर वो जोगन वहां से चली जाती है।

1173
01:11:54,793 --> 01:11:57,029
"नगरकोट"

1174
01:11:57,135 --> 01:11:59,828
"तेरा धाम"

1175
01:12:00,161 --> 01:12:02,700
नींद में लक्ष्मी को एक सपना आया है।

1176
01:12:02,831 --> 01:12:06,131
पुत्री, मैंने तुम्हारी प्रार्थना सुन ली है।

1177
01:12:07,067 --> 01:12:09,007
अब तुम माँ बनने वाली हो।

1178
01:12:09,977 --> 01:12:13,571
मेरी कृपा से तुम्हें एक ऐसे
दिव्य पुत्र की प्राप्ति होगी

1179
01:12:14,407 --> 01:12:16,843
जिसका नाम नत्थू होगा।

1180
01:12:17,555 --> 01:12:19,542
तुम्हारा पुत्र मेरा परम भक्त

1181
01:12:20,008 --> 01:12:22,841
और तुम्हारे कुल का नाम रोशन करने वाला होगा।

1182
01:12:23,491 --> 01:12:26,298
आपकी कृपा पाकर मैं धन्य हो गई, माँ।

1183
01:12:27,190 --> 01:12:29,564
आपने मेरा जीवन सार्थक कर दिया।

1184
01:12:30,289 --> 01:12:32,482
जय हो, माँ! जय हो!

1185
01:12:32,836 --> 01:12:34,602
तुम्हारा कल्याण हो, पुत्री।

1186
01:12:35,163 --> 01:12:36,663
किन्तु याद रखना

1187
01:12:37,214 --> 01:12:39,695
तुम्हें हर नवरात्रि अपने पुत्र को लेकर

1188
01:12:39,720 --> 01:12:41,754
मेरे धाम नगरकोट आना होगा।

1189
01:12:42,112 --> 01:12:42,992
भूलना मत

1190
01:12:43,481 --> 01:12:45,459
अन्यथा अमंगल हो सकता है।

1191
01:12:45,608 --> 01:12:47,083
नहीं-नहीं, नहीं-नहीं,

1192
01:12:47,717 --> 01:12:49,343
नहीं-नहीं, मैं ज़रूर आऊँगी, माँ।

1193
01:12:49,775 --> 01:12:50,828
मैं ज़रूर आऊँगी।

1194
01:12:51,269 --> 01:12:52,456
माँ, मैं ज़रूर आऊँगी।

1195
01:12:52,481 --> 01:12:54,962
मैं ज़रूर आऊँगी, माँ, मैं ज़रूर
आऊँगी। - तुम्हारा कल्याण हो, पुत्री।

1196
01:12:55,016 --> 01:12:56,614
माँ! माँ!

1197
01:12:57,205 --> 01:12:59,925
माँ! माँ मेरे सपने में आई, माँ कहाँ है?

1198
01:13:00,422 --> 01:13:02,409
क्या माँ ने मुझे सपने में दर्शन दिए?

1199
01:13:03,094 --> 01:13:06,201
हाँ, माँ ने मुझे सपने में दर्शन दिए।

1200
01:13:06,771 --> 01:13:09,278
माँ, हे माँ ब्रिजेश्वरी,

1201
01:13:09,362 --> 01:13:11,475
हे माँ ब्रिजेश्वरी, तेरी जय हो!

1202
01:13:11,674 --> 01:13:14,434
तेरी जय हो! जय हो माँ ब्रिजेश्वरी देवी की!

1203
01:13:14,502 --> 01:13:17,449
जय हो माँ कुलदेवी की! जय माता रानी की!

1204
01:13:17,568 --> 01:13:21,021
सुनो, सुनो, स्वामी, उठिए, उठिए, स्वामी!

1205
01:13:21,931 --> 01:13:23,126
क्या हुआ, लक्ष्मी? क्या हुआ?

1206
01:13:23,150 --> 01:13:24,604
माँ मेरे सपने में आई थी, स्वामी।

1207
01:13:24,711 --> 01:13:26,717
माँ ने मुझे दर्शन दिए, स्वामी।

1208
01:13:26,918 --> 01:13:28,402
माँ मेरे सपने में आई

1209
01:13:28,511 --> 01:13:31,964
और माँ ने कहा और बताया कि हमें
संतान की प्राप्ति होने वाली है।

1210
01:13:32,361 --> 01:13:34,595
हम माता-पिता बनने वाले हैं, स्वामी।

1211
01:13:34,887 --> 01:13:38,059
लक्ष्मी, मेरे कानों को विश्वास
नहीं हो रहा, क्या यह सच है?

1212
01:13:38,084 --> 01:13:41,553
हाँ, यह सच है, बिल्कुल सच है, स्वामी।

1213
01:13:41,633 --> 01:13:43,013
तेरी सदा ही जय हो, माँ।

1214
01:13:43,425 --> 01:13:45,941
जय माँ ब्रिजेश्वरी! जय माँ कुलदेवी!

1215
01:13:46,465 --> 01:13:49,473
जय माता की! जय हो मेरी ब्रिजेश्वरी माँ!

1216
01:13:49,498 --> 01:13:50,784
जय माता की!

1217
01:13:52,785 --> 01:13:55,198
स्वामी, मैं आज बहुत खुश हूँ। - जय हो!

1218
01:13:56,595 --> 01:13:58,235
छोटी रानी माँ बनने वाली है?

1219
01:13:58,445 --> 01:13:59,572
हाँ, ललिता बहन।

1220
01:13:59,725 --> 01:14:01,712
मैंने सुना तो मुझे तो बहुत अच्छा लगा।

1221
01:14:02,016 --> 01:14:03,549
बहुत दुखी थी, बेचारी।

1222
01:14:03,609 --> 01:14:05,189
चलो, अच्छा ही हुआ, बहन।

1223
01:14:05,290 --> 01:14:08,383
देर से ही सही, पर भगवान ने तो सुन ली।

1224
01:14:08,536 --> 01:14:11,736
बहन, भगवान के घर में देर है, अंधेर नहीं।

1225
01:14:11,908 --> 01:14:14,234
भगवान देर-सवेर सबकी सुनते हैं।

1226
01:14:15,289 --> 01:14:17,696
चलो, बहन, भगवान ने रानी माँ की सुन ली।

1227
01:14:17,721 --> 01:14:19,961
भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं,

1228
01:14:19,992 --> 01:14:21,577
वो तो सबकी सुनते हैं, बहन।

1229
01:14:34,088 --> 01:14:35,837
लक्ष्मी प्रसव पीड़ा में है।

1230
01:14:36,228 --> 01:14:41,114
प्रसव कक्ष के बाहर युवराज बेचैन
होकर यहां से वहां चक्कर लगा रहे हैं।

1231
01:14:42,681 --> 01:14:45,151
हो जाएगा, बस हो जाएगा, धीरज धरो।

1232
01:14:45,596 --> 01:14:46,489
हो जाएगा।

1233
01:14:46,638 --> 01:14:49,145
आराम से, आराम से हो जाएगा।

1234
01:14:49,300 --> 01:14:51,113
वैद्य जी, वैद्य जी, जल्दी कीजिए।

1235
01:14:51,263 --> 01:14:53,930
हमारी लक्ष्मी दर्द से चिल्ला रही है।

1236
01:14:54,094 --> 01:14:56,027
वैद्य जी...
- चिंता मत कीजिए, कुमार।

1237
01:14:56,806 --> 01:15:00,080
आराम से, आराम से हो जाएगा,
अभी हो जाएगा। मत रो, बेटी।

1238
01:15:01,449 --> 01:15:04,216
और ज़ोर दो। - वैद्य जी...
वैद्य जी, जल्दी कीजिए।

1239
01:15:04,481 --> 01:15:06,421
लक्ष्मी को बहुत पीड़ा हो रही है, वैद्य जी।

1240
01:15:07,634 --> 01:15:10,480
चिंता मत कीजिए, कुमार,
भगवान पर भरोसा कीजिए, सब

1241
01:15:10,520 --> 01:15:11,767
ठीक हो जाएगा।
- हाँ, हाँ, हो जाएगा।

1242
01:15:11,792 --> 01:15:14,097
बेटी, चिल्लाओ मत, मत रो, मत रो।

1243
01:15:14,148 --> 01:15:15,889
हो जाएगा, बस आराम से, आराम से।

1244
01:15:15,976 --> 01:15:17,989
कितना समय और लगेगा, वैद्य जी?

1245
01:15:18,315 --> 01:15:19,368
वैद्य जी...

1246
01:15:20,639 --> 01:15:23,679
हाँ, थोड़ा नीचे की तरफ ज़ोर लगाओ, हाँ,

1247
01:15:23,719 --> 01:15:24,672
हो जाएगा फिर।

1248
01:15:25,955 --> 01:15:27,088
आराम से, आराम से, बेटी।

1249
01:15:27,113 --> 01:15:30,026
लक्ष्मी के पास दाई माँ और कुछ दासियां हैं।

1250
01:15:30,051 --> 01:15:31,335
मत रो, मत रो, बेटी।

1251
01:15:32,225 --> 01:15:35,061
वैद्य जी कुछ जड़ी बूटियां कूट रहे हैं।

1252
01:15:36,235 --> 01:15:37,992
बस बस हो गया, हो गया।

1253
01:15:38,017 --> 01:15:38,690
हो गया, बेटी।

1254
01:15:45,094 --> 01:15:48,114
दासी, यह दवाई रानी जी को पिला दीजिए।

1255
01:15:48,377 --> 01:15:50,177
इससे उनको जल्दी आराम मिल जाएगा।

1256
01:15:51,350 --> 01:15:53,183
हाँ, बेटी, मत रो, मत रो, बेटी।

1257
01:15:53,210 --> 01:15:55,037
हो जाएगा, अभी हो जाएगा। दवाई लेकर आओ।

1258
01:15:55,084 --> 01:15:56,333
युवराज चिंतित हैं।

1259
01:15:57,471 --> 01:16:00,042
प्रसव कक्ष में दासी दवा लेकर आती है।

1260
01:16:00,067 --> 01:16:00,976
अभी हो जाएगा।

1261
01:16:01,001 --> 01:16:02,567
दाई माँ, यह लीजिए।
- हाँ।

1262
01:16:02,592 --> 01:16:03,927
आ गई दवाई।

1263
01:16:06,332 --> 01:16:07,710
यह ले।

1264
01:16:08,453 --> 01:16:09,686
अभी हो जाएगा।

1265
01:16:11,412 --> 01:16:13,639
दवाई पी ली है ना, अब ठीक हो जाएगा।

1266
01:16:14,565 --> 01:16:18,432
चिंता मत कीजिए, कुमार, जल्दी
आपको शुभ समाचार प्राप्त होगा।

1267
01:16:18,452 --> 01:16:19,672
अच्छा, मैं चलता हूँ।
- जी।

1268
01:16:20,037 --> 01:16:21,397
जय माई की!

1269
01:16:21,456 --> 01:16:23,676
हाँ, बस, बस, हो गया, हो गया, बेटी, हो गया।

1270
01:16:23,769 --> 01:16:25,766
हो गया, बस थोड़ा सा, थोड़ा और ज़ोर लगा,

1271
01:16:25,790 --> 01:16:27,682
थोड़ा सा, थोड़ा सा, बेटी, थोड़ा सा।

1272
01:16:27,724 --> 01:16:30,147
बस हो गया, हो गया, बेटी, हो गया।

1273
01:16:30,180 --> 01:16:32,588
एक दासी गर्म पानी लेकर आती है।

1274
01:16:32,613 --> 01:16:34,202
गरम पानी आ गया।

1275
01:16:34,480 --> 01:16:36,506
बस हो गया, बेटी।

1276
01:16:39,735 --> 01:16:42,049
बस, बेटा, हो गया, हो गया,
बस, बस, अभी हो जाएगा।

1277
01:16:42,069 --> 01:16:44,429
बस, बस, चिंता मत कर।

1278
01:16:45,845 --> 01:16:47,171
बस हो गया, हो गया, बेटी।

1279
01:16:50,343 --> 01:16:52,316
ज़रा ज़ोर से साँस लो।

1280
01:16:52,341 --> 01:16:54,841
साँस लो ज़रा, हाँ।

1281
01:16:54,958 --> 01:16:56,811
हाँ, बस, बस, अभी हो जाएगा, बेटी।

1282
01:16:56,850 --> 01:16:59,917
हाँ, एक ज़ोर से साँस लो, बेटी, साँस लो।

1283
01:16:59,995 --> 01:17:00,835
अभी हो जाएगा।

1284
01:17:00,889 --> 01:17:03,169
देखो, हो गया, हो गया, हो गया, बेटी।

1285
01:17:03,194 --> 01:17:04,708
बहुत अच्छे, बेटी।

1286
01:17:04,733 --> 01:17:07,035
एक दासी युवराज के पास आती है।

1287
01:17:07,176 --> 01:17:09,743
महाराज की जय हो! बेटा हुआ है।

1288
01:17:09,873 --> 01:17:11,393
बेटा हुआ है।

1289
01:17:11,418 --> 01:17:13,885
मातरानी ने आपकी इच्छा पूरी कर दी।

1290
01:17:13,988 --> 01:17:16,325
बेटा हुआ है, आपकी इच्छा पूरी हो गई।

1291
01:17:16,429 --> 01:17:18,469
लो, यह सोने की अंगूठियाँ, जाओ,

1292
01:17:18,611 --> 01:17:21,091
मिठाइयाँ बँटवाओ पूरे पाटन में, जाओ।

1293
01:17:21,122 --> 01:17:22,705
महाराज की जय हो!
- यह सब तुम्हारे लिए है।

1294
01:17:22,765 --> 01:17:25,685
हीरे-जवाहरात आज सब तुम्हारे लिए हैं।

1295
01:17:26,075 --> 01:17:28,649
जाओ, पूरे पाटन में डंका बजा दो।

1296
01:17:28,748 --> 01:17:31,641
हमें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है आज।

1297
01:17:32,836 --> 01:17:34,909
सुनो! सुनो! सुनो!

1298
01:17:35,349 --> 01:17:38,342
हमारे राजा को पुत्र प्राप्त हुआ है।

1299
01:17:38,552 --> 01:17:40,592
सभी मिलकर उत्सव मनाएँ।

1300
01:17:40,649 --> 01:17:42,155
राजा जी की...
- जय हो!

1301
01:17:42,180 --> 01:17:43,215
जय हो!
- राजा जी की...

1302
01:17:43,240 --> 01:17:45,866
विशाल राजभवन का बाहर से दृश्य

1303
01:17:45,891 --> 01:17:48,885
युवराज और लक्ष्मी राज दरबार में बैठे हैं।

1304
01:17:48,910 --> 01:17:51,789
युवराज के हाथ में उनका नवजात शिशु है।

1305
01:17:51,903 --> 01:17:55,056
लीजिए, महाराज, बच्चे का नामकरण कीजिए।

1306
01:17:56,546 --> 01:17:59,972
इस बालक पर साक्षात माँ ब्रिजेश्वरी की कृपा है।

1307
01:18:00,831 --> 01:18:02,191
इस बच्चे का नाम

1308
01:18:03,097 --> 01:18:05,017
नत्थू भगत होगा।

1309
01:18:05,074 --> 01:18:06,807
लाओ, मेरे नत्थू को दे दो।

1310
01:18:06,832 --> 01:18:08,672
यह तुम्हारे कुल का नाम रोशन करेगा।

1311
01:18:09,396 --> 01:18:12,184
प्रजा नवजात शिशु पर फूल बरसा रही है।

1312
01:18:12,390 --> 01:18:14,072
हर-हर...
- महादेव!

1313
01:18:14,097 --> 01:18:16,230
हर-हर...
- महादेव!

1314
01:18:16,255 --> 01:18:18,224
हर-हर...
- महादेव!

1315
01:18:18,249 --> 01:18:19,581
महादेव!

1316
01:18:19,612 --> 01:18:21,811
ब्रिजेश्वरी की...
- जय हो!

1317
01:18:21,898 --> 01:18:23,352
जय हो!

1318
01:18:23,377 --> 01:18:25,566
माता ब्रिजेश्वरी की...
- जय हो!

1319
01:18:25,730 --> 01:18:28,076
उनके पुत्र विश्वनाथ

1320
01:18:28,946 --> 01:18:31,592
अपने बेटे के पालन-पोषण में

1321
01:18:32,233 --> 01:18:33,746
ऐसा डूब गए

1322
01:18:34,135 --> 01:18:36,315
कि माता रानी का आदेश ही भूल गए।

1323
01:18:37,619 --> 01:18:38,973
बालक नत्थू

1324
01:18:39,414 --> 01:18:41,134
छह माह का हो चुका था।

1325
01:18:41,332 --> 01:18:44,958
इसी बीच शारदीय नवरात्रि भी आई।

1326
01:18:45,810 --> 01:18:47,437
लक्ष्मी और विश्वनाथ

1327
01:18:47,945 --> 01:18:49,565
अपने पुत्र को लेकर

1328
01:18:50,087 --> 01:18:53,487
माता के दर्शन को नगरकोट गए ही नहीं।

1329
01:18:54,228 --> 01:18:55,428
और परिणाम स्वरूप...

1330
01:18:55,625 --> 01:18:57,078
स्वामी! स्वामी!

1331
01:18:57,466 --> 01:18:59,540
स्वामी, लल्ला को कुछ हो गया है, स्वामी!

1332
01:18:59,894 --> 01:19:02,428
क्या हुआ? कैसे हुआ?
- स्वामी, लल्ला उठ नहीं रहा है, मेरा लल्ला।

1333
01:19:02,481 --> 01:19:04,081
मेरे नत्थू को कुछ हो गया है।

1334
01:19:04,166 --> 01:19:06,693
स्वामी... स्वामी, कुछ कीजिए।
- हे माता रानी!

1335
01:19:06,790 --> 01:19:09,837
हे माता रानी, हमसे कोई भूल हुई हो तो हमें
माफ करना। - मेरा लल्ला, मेरा नत्थू...

1336
01:19:10,545 --> 01:19:11,451
स्वामी।

1337
01:19:11,491 --> 01:19:14,239
हम लोगों से बहुत बड़ी भूल हो गई है...
- क्या?

1338
01:19:14,305 --> 01:19:15,526
क्या भूल हुई है?

1339
01:19:15,623 --> 01:19:17,397
हमसे कोई अपराध हुआ है?
- क्या

1340
01:19:17,443 --> 01:19:18,723
अपराध हुआ है, लक्ष्मी?

1341
01:19:18,748 --> 01:19:21,057
माँ ने सपने में आदेश दिया था

1342
01:19:21,094 --> 01:19:24,187
कि लल्ला को नवरात्रि में दर्शन के लिए लाना है।

1343
01:19:24,785 --> 01:19:27,592
लल्ला को दर्शन के लिए ले चलते हैं, स्वामी।

1344
01:19:27,842 --> 01:19:31,808
और आज नवरात्रों की आखिरी रात है, स्वामी!

1345
01:19:31,929 --> 01:19:33,649
हे माँ! हे माँ!

1346
01:19:33,689 --> 01:19:37,090
हे माँ, हमसे गलती हो गई, माँ!
- हे माँ, हमारी गलती की सज़ा हमारे बच्चे को

1347
01:19:37,142 --> 01:19:39,335
मत दो, माँ, हे माँ...
- माफ कर दे!

1348
01:19:39,360 --> 01:19:42,329
माफ कर दो हमें, हम हर नवरात्रि

1349
01:19:42,354 --> 01:19:44,931
माँ, आपके दर्शन अवश्य करने आएँगे।

1350
01:19:45,397 --> 01:19:48,217
लक्ष्मी! लक्ष्मी! लक्ष्मी!
- अरे, मेरे लल्ला!

1351
01:19:48,474 --> 01:19:50,300
अरे, मेरे लल्ला, लक्ष्मी!

1352
01:19:50,557 --> 01:19:52,591
लक्ष्मी, मेरा लल्ला, लक्ष्मी!

1353
01:19:52,741 --> 01:19:55,748
माता रानी ने हमारे बच्चे को जीवनदान दे दिया।

1354
01:19:55,980 --> 01:19:57,807
लक्ष्मी, जय माता की!

1355
01:19:57,933 --> 01:19:59,993
जय माता की!
- माँ, तेरे द्वार में आ रही हूँ।

1356
01:20:00,184 --> 01:20:01,997
"जग जननी"

1357
01:20:02,232 --> 01:20:05,345
"ब्रिजेश्वरी"

1358
01:20:05,924 --> 01:20:07,864
"नगरकोट"

1359
01:20:08,124 --> 01:20:10,724
"तेरा धाम"

1360
01:20:12,204 --> 01:20:14,817
"डंका तेरे"

1361
01:20:14,945 --> 01:20:17,772
"नाम का"

1362
01:20:19,680 --> 01:20:21,286
"बाजे"

1363
01:20:21,386 --> 01:20:24,566
"आठों याम"

1364
01:20:47,719 --> 01:20:50,719
"सबको दुख हरने वाली माँ"

1365
01:20:50,744 --> 01:20:53,174
"आठ भुजाओं वाली"

1366
01:20:53,360 --> 01:20:56,837
"जिसका कोई नहीं जगत में"

1367
01:20:56,964 --> 01:20:59,357
"तू है शेरोंवाली"

1368
01:21:05,588 --> 01:21:08,434
"जिसने तेरा नाम लिया"

1369
01:21:08,459 --> 01:21:11,332
"माँ, जिसने तुझे पुकारा"

1370
01:21:11,568 --> 01:21:14,942
"उसका दिया सहारा तूने"

1371
01:21:14,987 --> 01:21:17,601
"कष्ट मिटाया सारा"

1372
01:21:17,724 --> 01:21:21,111
"हम भक्तों पर भी करुणा की दृष्टि"

1373
01:21:21,136 --> 01:21:23,714
"बनाए रखना"

1374
01:21:23,758 --> 01:21:26,571
"दया बनाए रखना"

1375
01:21:26,666 --> 01:21:30,335
"जय माता दी! जय माता दी! जय
माता दी! जय माता दी! जय माता दी!"

1376
01:21:30,360 --> 01:21:33,475
"जय माता दी! जय माता दी!
जय माता दी! जय माता दी!"

1377
01:21:33,500 --> 01:21:36,384
"जय माता दी! जय माता दी!
जय माता दी! जय माता दी"

1378
01:21:36,409 --> 01:21:38,767
"जय माता दी! जय माता दी! जय माता दी!"

1379
01:21:47,182 --> 01:21:49,702
लक्ष्मी और युवराज के पुत्र नत्थू को

1380
01:21:49,969 --> 01:21:53,657
मंदिर में पंडित जी माता का आशीर्वाद दिलवाते हैं।

1381
01:21:56,667 --> 01:21:59,634
"मेरी अंधेरी दुनिया में"

1382
01:21:59,728 --> 01:22:02,301
"तूने किया उजाला"

1383
01:22:02,489 --> 01:22:05,409
"मैंने एक किरण माँगी"

1384
01:22:05,434 --> 01:22:08,303
"तूने सूरज दे डाला"

1385
01:22:14,740 --> 01:22:17,734
"इस दुखियारी नारी को, माँ"

1386
01:22:17,759 --> 01:22:20,257
"प्यार दिया है तूने"

1387
01:22:20,669 --> 01:22:22,943
"बाँझ को माँ कहलाने"

1388
01:22:22,983 --> 01:22:26,056
"का अधिकार दिया है तूने"

1389
01:22:26,626 --> 01:22:29,332
"यूँ ही जीवन भर ममता"

1390
01:22:29,372 --> 01:22:32,306
"की ज्योति जलाए रखना"

1391
01:22:32,722 --> 01:22:36,695
"दया बनाए रखना, अम्बे माँ"

1392
01:22:36,720 --> 01:22:39,665
"अम्बे माँ, अम्बे माँ"

1393
01:22:39,731 --> 01:22:42,544
"अम्बे माँ"

1394
01:22:42,930 --> 01:22:45,900
सब मंदिर में मिलकर पूजा अर्चना कर रहे हैं।

1395
01:22:45,948 --> 01:22:47,244
भजन गा रहे हैं।

1396
01:22:47,448 --> 01:22:50,155
एक दिव्य बच्चा पेड़ के नीचे बैठा है।

1397
01:22:50,282 --> 01:22:52,728
उसके सामने एक साधारण बच्चा बैठा है।

1398
01:22:53,190 --> 01:22:56,992
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

1399
01:22:57,017 --> 01:23:01,161
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

1400
01:23:01,186 --> 01:23:02,914
क्या हुआ है तुम्हें?

1401
01:23:03,312 --> 01:23:06,225
चिंता मत करो, सब कुछ ठीक हो जाएगा।

1402
01:23:07,919 --> 01:23:09,992
ब्रिजेश्वरी माता है ना...
- यह देखिए।

1403
01:23:10,086 --> 01:23:11,019
यह देखिए...

1404
01:23:11,245 --> 01:23:12,925
तुम्हें क्या हुआ?
- देखिए, लग गया।

1405
01:23:13,376 --> 01:23:16,282
दो और बच्चे आते हैं। एक बच्चा पीड़ा में है।

1406
01:23:16,307 --> 01:23:19,405
वह दिव्य बच्चा उस पीड़ित
बच्चे के चोट पर अपना हाथ

1407
01:23:19,430 --> 01:23:21,891
घुमाता है और चोट गायब हो जाती है।

1408
01:23:21,916 --> 01:23:23,429
मैं ठीक हो गया।

1409
01:23:25,049 --> 01:23:28,479
वही दिव्य बच्चा अब थोड़ा और बड़ा
हो गया है।

1410
01:23:28,780 --> 01:23:32,081
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

1411
01:23:32,247 --> 01:23:35,407
वो दिव्य बच्चा अब एक तरुण युवक बन गया है

1412
01:23:35,459 --> 01:23:39,026
और उसी पेड़ के नीचे बैठकर
माता का जाप कर रहा है।

1413
01:23:39,147 --> 01:23:41,468
उसके माथे पर दिव्य तिलक है।

1414
01:23:41,493 --> 01:23:45,660
"मैं बालक नादान हूँ, माता, जानूँ"

1415
01:23:45,685 --> 01:23:47,467
"भक्ति न पूजा"

1416
01:23:47,651 --> 01:23:50,851
"लेकिन मन में सिवा तुम्हारे"

1417
01:23:50,908 --> 01:23:53,455
"और न कोई दूजा"

1418
01:23:56,941 --> 01:23:59,452
वो तरुण युवक अब भजन गा रहा है।

1419
01:23:59,684 --> 01:24:02,821
"जिस रास्ते पर ले जाएगी"

1420
01:24:02,955 --> 01:24:05,362
"मैं उस पर जाऊँगा"

1421
01:24:05,460 --> 01:24:08,742
"सुख देगी या दुख देगी, मैं"

1422
01:24:08,925 --> 01:24:11,519
"सब कुछ अपनाऊँगा"

1423
01:24:11,753 --> 01:24:15,135
"कुछ चंचल, कुछ नटखट हूँ, माँ"

1424
01:24:15,160 --> 01:24:17,523
"हाथ पकड़ कर रखना"

1425
01:24:17,692 --> 01:24:20,498
"दया बनाए रखना"

1426
01:24:20,695 --> 01:24:23,462
"जय माता दी! जय माता दी!
जय माता दी! जय माता दी!"

1427
01:24:23,487 --> 01:24:26,669
"जय माता दी! जय माता दी!
जय माता दी! जय माता दी!"

1428
01:24:26,752 --> 01:24:30,423
"जय माता दी! जय माता दी! जय
माता दी! जय माता दी! जय माता दी!"

1429
01:24:30,448 --> 01:24:32,780
"जय माता दी! जय माता दी! जय माता दी!"

1430
01:24:37,195 --> 01:24:42,019
वो तरुण युवक माता का जाप
करते हुए जंगल के रास्ते से जा रहा है।

1431
01:24:42,052 --> 01:24:45,622
तभी दो दुष्ट अघोरी
उसे पीछे से घेर लेते हैं।

1432
01:24:45,669 --> 01:24:49,752
उनमें से एक बड़ा सा पत्थर उठा
के उस युवक के पीछे जा रहा है।

1433
01:24:49,777 --> 01:24:51,157
अरे, आ जा, भोंदू।

1434
01:24:51,261 --> 01:24:52,794
ॐ ब्रिजेश्वरी...
- अरे, मार!

1435
01:24:52,932 --> 01:24:55,052
अरे, देख क्या रहा है, मार ना!

1436
01:24:55,077 --> 01:24:56,317
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः। - मार!

1437
01:24:56,342 --> 01:24:58,052
लेकिन वह मारने में असफल है।

1438
01:24:58,077 --> 01:25:00,297
तभी दूसरा दुष्ट युवक के ऊपर

1439
01:25:00,322 --> 01:25:01,984
कुल्हाड़ी से वॉर करने जाता है

1440
01:25:02,024 --> 01:25:03,964
परंतु वो भी असफल हो जाता है।

1441
01:25:04,110 --> 01:25:06,796
उतने में युवक पीछे मुड़कर उन्हें देखता है।

1442
01:25:07,679 --> 01:25:10,065
माता रानी आप दोनों का कल्याण करें।

1443
01:25:10,470 --> 01:25:13,684
वह दोनों दुष्ट उसी स्थिति में पीड़ित खड़े हैं।

1444
01:25:14,900 --> 01:25:17,674
जैसे ही वो युवक वहां से चला जाता है

1445
01:25:17,699 --> 01:25:19,799
वो दुष्ट अपनी स्थिति से मुक्त हो जाते हैं

1446
01:25:19,824 --> 01:25:22,927
और उनके हाथ से पत्थर
और कुल्हाड़ी छूट जाती है।

1447
01:25:22,993 --> 01:25:24,052
भोंदू।
- हाँ, बाबा।

1448
01:25:24,272 --> 01:25:25,659
मुझे लगता है इस पर

1449
01:25:25,824 --> 01:25:28,511
माता रानी की कृपा है।
- हाँ, मुझे भी लगता है, बाबा।

1450
01:25:28,668 --> 01:25:30,715
जान बचाकर भागने में फायदा है, भाग!
- हाँ, हाँ, चलिए, बाबा।

1451
01:25:30,768 --> 01:25:32,368
चलिए...
- भाग, भोंदू! भाग!

1452
01:25:32,621 --> 01:25:37,113
कुछ गांव के लोग एक बड़े से पेड़ के
नीचे बैठकर हंसी मज़ाक कर रहे हैं।

1453
01:25:37,138 --> 01:25:38,056
हुक्का पी रहे हैं।

1454
01:25:38,081 --> 01:25:40,647
लो भई, कर लो बात, इसे
कहते हैं दिया तले अँधेरा।

1455
01:25:40,711 --> 01:25:42,700
जिस रजिया में रहता है, उसके राजा को नहीं जानता।

1456
01:25:42,762 --> 01:25:45,316
हे सुन, मैं बताता हूँ, राजा साहब के

1457
01:25:45,592 --> 01:25:47,666
पुत्र, राजकुमार, नत्थू भगत जी

1458
01:25:47,780 --> 01:25:49,620
माता रानी के बहुत बड़े भक्त हैं।

1459
01:25:49,876 --> 01:25:51,616
उन्हीं को सब भगत जी के नाम से जानते हैं।

1460
01:25:52,386 --> 01:25:54,515
भगत जी जो कह देते हैं, वो होकर ही रहता है।

1461
01:25:54,593 --> 01:25:57,361
उस दिव्य युवक के सामने कुछ प्रजा बैठी है।

1462
01:25:57,520 --> 01:25:58,823
जय हो!

1463
01:25:58,848 --> 01:26:01,480
माता रानी कि...
- जय हो!

1464
01:26:01,514 --> 01:26:03,954
माता रानी कि...
- जय हो! जय हो!

1465
01:26:04,208 --> 01:26:06,896
माता रानी की...
- जय हो!

1466
01:26:06,921 --> 01:26:09,298
वो दिव्य युवक ही नत्थू भगत है।

1467
01:26:09,477 --> 01:26:12,164
क्या हुआ, भगत? क्या समस्या है तुम्हारी, बेटा?

1468
01:26:12,765 --> 01:26:13,552
महाराज

1469
01:26:13,665 --> 01:26:15,919
मेरे बुढ़ापे का सहारा मेरा बेटा है,

1470
01:26:16,309 --> 01:26:18,215
जिसके पैर की हड्डी टूट चुकी है।

1471
01:26:18,804 --> 01:26:20,504
वह अब चलने के लायक भी नहीं रहा।

1472
01:26:20,670 --> 01:26:21,730
चिंता मत करो।

1473
01:26:22,229 --> 01:26:24,162
माता रानी सब ठीक कर देंगी।

1474
01:26:24,416 --> 01:26:25,909
कहाँ है तुम्हारा बेटा?

1475
01:26:26,812 --> 01:26:28,056
वह रहा, महाराज।

1476
01:26:28,136 --> 01:26:31,083
एक मुर्छित बच्चा पास में खटिया पर लेटा है।

1477
01:26:31,656 --> 01:26:33,579
वो युवक यानी नत्थू भगत

1478
01:26:33,735 --> 01:26:35,755
माता रानी का स्मरण करते हुए

1479
01:26:35,849 --> 01:26:38,562
पास में पड़े एक छोटी मटकी के जल में

1480
01:26:38,662 --> 01:26:41,331
पीले रंग के गेंदे का एक फूल डुबोता है

1481
01:26:41,409 --> 01:26:45,031
और उसी फूल से उस मुर्छित
बच्चे के ऊपर जल छिड़कता है।

1482
01:26:45,076 --> 01:26:46,548
जल छिड़कते ही

1483
01:26:46,573 --> 01:26:48,494
उस मुर्छित बच्चे के शरीर पर

1484
01:26:48,519 --> 01:26:50,794
दिव्य ऊर्जा प्रकाशित होती है।

1485
01:26:51,609 --> 01:26:53,649
जय माता की!

1486
01:26:57,992 --> 01:26:59,419
उठो, बेटा।

1487
01:27:00,240 --> 01:27:01,633
वो मुर्छित बच्चा

1488
01:27:02,463 --> 01:27:04,733
धीरे-धीरे उठकर
बैठ जाता है

1489
01:27:06,598 --> 01:27:09,033
और खटिया से
खड़े होने की कोशिश करता है।

1490
01:27:09,607 --> 01:27:13,092
देखते ही देखते वह अपने पैरों पर
खड़ा हो जाता है

1491
01:27:15,581 --> 01:27:19,892
और धीरे-धीरे अपने पिता की ओर
चलने की कोशिश करने लगता है।

1492
01:27:23,994 --> 01:27:26,454
जय हो, महाराज! यह तो चमत्कार हो गया।

1493
01:27:26,995 --> 01:27:29,301
अब बच्चा आसानी से चल पा रहा है।

1494
01:27:30,078 --> 01:27:32,338
आ जा, बेटा...
- रुको।

1495
01:27:33,244 --> 01:27:35,711
यह स्वयं चलता हुआ तुम्हारी ओर आएगा।

1496
01:27:35,984 --> 01:27:39,999
बच्चा बड़ी आसानी से चलकर
अपने पिता के पास जा रहा है।

1497
01:27:40,024 --> 01:27:42,355
अरे, यह तो चमत्कार हो
गया, बहन। - सही कह रही हो।

1498
01:27:42,380 --> 01:27:44,133
मैंने तो ऐसा पहले कभी नहीं देखा था।

1499
01:27:44,257 --> 01:27:46,297
मैंने भी पहले...
- हाँ, यह तो चमत्कार ही है।

1500
01:27:46,360 --> 01:27:48,414
हाँ, सचमुच यह चमत्कार ही हो गया।

1501
01:27:48,648 --> 01:27:51,522
सच में माता की कृपा है।
- आ जा, मेरा बेटा।

1502
01:27:52,205 --> 01:27:54,319
माता रानी की कृपा हो गई तुम पर।

1503
01:27:54,578 --> 01:27:57,438
तुम्हारा बेटा बिल्कुल ठीक हो गया।
- महाराज,

1504
01:27:57,668 --> 01:28:00,875
मैं आपके उपकार का हमेशा ऋणी रहूँगा।

1505
01:28:01,491 --> 01:28:03,611
सब माता रानी का आशीर्वाद है।

1506
01:28:03,875 --> 01:28:05,295
तुम भी आशीर्वाद लो।

1507
01:28:05,860 --> 01:28:07,754
माता रानी की...
- जय हो!

1508
01:28:07,779 --> 01:28:09,532
ब्रिजेश्वरी माता की...
- जय हो!

1509
01:28:09,587 --> 01:28:11,614
माता रानी की...
- जय हो!

1510
01:28:13,123 --> 01:28:14,603
प्रणाम, महाराज।

1511
01:28:14,723 --> 01:28:16,923
भगत जी तो भगवान के दूत हैं।

1512
01:28:17,475 --> 01:28:20,629
भगत जी की वजह से तांत्रिक
की दुकान बंद हो गई है।

1513
01:28:20,655 --> 01:28:22,889
यहाँ आते ही सबके दुख दूर हो गए।

1514
01:28:22,972 --> 01:28:24,505
अब चंगी बाबा को ही देख लो

1515
01:28:24,545 --> 01:28:26,565
कैसे ठाठ-बाट से रहता था पहले

1516
01:28:26,617 --> 01:28:28,624
खुद को ही भगवान समझता था।

1517
01:28:28,774 --> 01:28:31,185
अब भगत जी के आते ही पाखंडी भाग गया।

1518
01:28:31,210 --> 01:28:35,791
एक अघोरी बाबा हवन अग्नि
के समक्ष मंत्र जाप कर रहा है।

1519
01:28:35,817 --> 01:28:38,117
आओ, आओ, भैरव लाल।

1520
01:28:38,412 --> 01:28:40,618
उल्टी-सीधी चलो चाल।

1521
01:28:41,937 --> 01:28:44,871
जन-जन बजे चिमटा नाल।

1522
01:28:45,483 --> 01:28:48,550
छम-छम नाचे भैरव लाल।

1523
01:28:49,017 --> 01:28:50,504
अलख निरंजन!

1524
01:28:51,421 --> 01:28:54,195
बाबा जी, भगत जी माता रानी के भक्त हैं।

1525
01:28:54,398 --> 01:28:56,185
उन पर माता रानी की कृपा है।

1526
01:28:56,580 --> 01:28:58,973
उनके सामने न तो आपका पाखंड चलेगा

1527
01:28:59,030 --> 01:29:01,696
और न ही आपके भैरव लाल की उल्टी-सीधी चाल।

1528
01:29:01,869 --> 01:29:04,856
मेरी बात मानो, यह ठगी का धंधा बंद कर दो।

1529
01:29:05,146 --> 01:29:07,500
दुष्ट! तू क्या समझता है?

1530
01:29:07,748 --> 01:29:10,081
भगत के चलते मेरी सालों की साधना

1531
01:29:10,225 --> 01:29:11,385
विफल हो जाएगी?

1532
01:29:11,562 --> 01:29:13,529
आपकी साधना सफल हो या विफल हो

1533
01:29:13,792 --> 01:29:15,316
मेरी बला से, मैं तो चला।

1534
01:29:15,341 --> 01:29:19,165
उस दुष्ट अघोरी बाबा का
वो दास वहां से चला जाता है।

1535
01:29:19,191 --> 01:29:22,453
ॐ भट स्वाहा:

1536
01:29:23,503 --> 01:29:26,330
ॐ भैरवाय स्वाहा:

1537
01:29:26,473 --> 01:29:28,106
ॐ ब्रिजेश्वरी

1538
01:29:28,153 --> 01:29:29,246
मातायै नमः।

1539
01:29:29,446 --> 01:29:32,256
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

1540
01:29:32,363 --> 01:29:35,063
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

1541
01:29:35,296 --> 01:29:38,747
नत्थू भगत पेड़ के नीचे माता का जाप कर रहा है।

1542
01:29:39,383 --> 01:29:41,755
तभी वहां पर
युवराज और लक्ष्मी

1543
01:29:42,061 --> 01:29:43,939
यानी उसके माता-पिता आते हैं।

1544
01:29:44,195 --> 01:29:45,782
साथ में कुछ सैनिक हैं।

1545
01:29:46,063 --> 01:29:48,230
नत्थू, ओ बेटा नत्थू।

1546
01:29:48,405 --> 01:29:50,611
माँ? पिताजी?

1547
01:29:52,683 --> 01:29:53,683
प्रणाम, माँ।

1548
01:29:53,954 --> 01:29:55,610
प्रणाम, पिताजी। - खुश रहो।

1549
01:29:56,435 --> 01:29:58,044
क्या हुआ है, पुत्र, तुम्हें?

1550
01:29:58,652 --> 01:30:00,499
क्या हो गया है तुम्हें?

1551
01:30:02,500 --> 01:30:03,380
इस घर का

1552
01:30:03,772 --> 01:30:05,766
इतने बड़े राजपाट का

1553
01:30:06,221 --> 01:30:07,668
क्या होगा, बेटा?

1554
01:30:07,741 --> 01:30:09,129
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

1555
01:30:09,161 --> 01:30:12,636
तेरी गृहस्थी बसानी है
तेरा विवाह करना है।

1556
01:30:14,705 --> 01:30:16,945
राजपाट संभालना है तुझे।

1557
01:30:17,185 --> 01:30:17,759
माँ

1558
01:30:18,699 --> 01:30:19,659
पिताजी

1559
01:30:20,994 --> 01:30:23,234
आपका आदेश मेरे लिए सिर आँखों पर।

1560
01:30:24,045 --> 01:30:26,911
परंतु मुझे न राज-काज का कोई लोभ है

1561
01:30:27,365 --> 01:30:29,432
और न गृहस्थी में कोई रुचि है।

1562
01:30:29,887 --> 01:30:31,187
मुझे तो सिर्फ

1563
01:30:31,822 --> 01:30:33,755
माँ ब्रिजेश्वरी के चरणों में

1564
01:30:34,289 --> 01:30:36,515
और उन्हीं की छत्रछाया में रहना है।

1565
01:30:37,190 --> 01:30:38,998
माँ के चरणों में तो पूरा

1566
01:30:39,023 --> 01:30:40,938
संसार समाया हुआ है, बेटा।

1567
01:30:41,644 --> 01:30:42,984
माँ की छत्रछाया

1568
01:30:43,226 --> 01:30:45,146
संसार के हर प्राणी पर है।

1569
01:30:46,290 --> 01:30:47,643
लेकिन उसके भी कुछ नियम

1570
01:30:47,796 --> 01:30:49,476
कायदे होते हैं, बेटे

1571
01:30:49,987 --> 01:30:52,547
जिनकी वजह से यह पूरा संसार चलता है।

1572
01:30:54,615 --> 01:30:56,243
और यह नियम आज से नहीं हैं

1573
01:30:56,486 --> 01:30:59,229
सनातन धर्म से चले आ रहे हैं।

1574
01:31:02,205 --> 01:31:04,214
और ये नियम भी उन्हीं ने बनाए

1575
01:31:04,539 --> 01:31:06,751
जिन्होंने ये संसार बनाया है।

1576
01:31:06,776 --> 01:31:09,347
नत्थू भगत माता के जाप में विलीन है।

1577
01:31:09,372 --> 01:31:11,101
उन्हें जगत-पिता कहो

1578
01:31:11,262 --> 01:31:12,949
या जगदंबा

1579
01:31:13,528 --> 01:31:14,675
सब वही हैं।

1580
01:31:14,881 --> 01:31:15,528
माँ

1581
01:31:16,272 --> 01:31:17,965
मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ

1582
01:31:18,637 --> 01:31:20,151
मुझे ये गृहस्थी के

1583
01:31:20,332 --> 01:31:21,925
मोह-माया में मत उलझाइए।

1584
01:31:22,447 --> 01:31:24,780
मैं माता के शरण में रहना चाहता हूँ, माँ।

1585
01:31:25,354 --> 01:31:27,161
उनकी भक्ति करना चाहता हूँ।

1586
01:31:27,744 --> 01:31:29,644
यह कैसी बात कर रहे हो, पुत्र?

1587
01:31:30,486 --> 01:31:31,874
संसार छोड़कर

1588
01:31:32,350 --> 01:31:35,070
भागने से भक्ति प्राप्त नहीं होती, पुत्र।

1589
01:31:35,755 --> 01:31:37,975
गृहस्थी कोई मायाजाल नहीं है, पुत्र।

1590
01:31:38,248 --> 01:31:40,068
साधना की प्रथम सीढ़ी है

1591
01:31:40,683 --> 01:31:43,802
जिसका निर्वाह करना हर मानव का धर्म है।

1592
01:31:44,095 --> 01:31:46,035
मुझे मालूम है, पिताजी

1593
01:31:46,448 --> 01:31:47,342
परंतु...

1594
01:31:47,488 --> 01:31:48,541
परंतु क्या?

1595
01:31:48,801 --> 01:31:50,441
हम पर पितरों का ऋण है

1596
01:31:50,601 --> 01:31:53,327
जिन्हें चुकाने के लिए पिंडदान की परंपरा है।

1597
01:31:53,371 --> 01:31:56,318
पिंडदान के लिए वंश वृद्धि आवश्यक है, पुत्र।

1598
01:31:56,838 --> 01:31:58,565
और वंश वृद्धि बिना

1599
01:31:58,692 --> 01:32:00,618
गृहस्थ जीवन संभव नहीं है, पुत्र।

1600
01:32:01,830 --> 01:32:03,497
मुझे क्षमा करिए, पिताजी।

1601
01:32:04,014 --> 01:32:06,334
मैं माता की सेवा करना चाहता हूँ।

1602
01:32:06,372 --> 01:32:08,040
मैं नागरकोट जा रहा हूँ।

1603
01:32:08,337 --> 01:32:08,957
पुत्र...

1604
01:32:09,915 --> 01:32:11,288
स्वामी, रोकिए न इसे।

1605
01:32:11,313 --> 01:32:14,571
अपने माता-पिता से आज्ञा
लेकर नत्थू वहां से निकल जाता है।

1606
01:32:14,854 --> 01:32:15,936
जैसी माता की इच्छा।

1607
01:32:15,990 --> 01:32:18,682
  ब्रिजेश्वरी माँ, मेरे बच्चे की रक्षा करना। - आओ, चलो।

1608
01:32:18,715 --> 01:32:21,137
एक मनुष्य का कपाल भूमि पर रखा है।

1609
01:32:22,311 --> 01:32:25,532
उस कपाल के आसपास फूल और हल्दी पड़ी है।

1610
01:32:25,557 --> 01:32:27,860
ॐ भैरवाय भट स्वाहा:

1611
01:32:27,885 --> 01:32:31,195
वो अघोरी उस कपाल पर
हल्दी डालकर मंत्र पढ़ रहा है।

1612
01:32:31,226 --> 01:32:33,086
आओ, भैरव लाल।

1613
01:32:34,054 --> 01:32:36,314
उल्टी-सीधी चलो चाल।

1614
01:32:37,151 --> 01:32:39,491
जाम-जाम बजे चिमटा नाल।

1615
01:32:40,172 --> 01:32:43,266
छम-छम नाचे भैरव लाल।

1616
01:32:43,944 --> 01:32:46,604
ॐ भट स्वाहा:

1617
01:32:47,434 --> 01:32:50,341
ॐ भट स्वाहा:

1618
01:32:51,216 --> 01:32:54,329
भैरव लाल! यह क्या हो रहा है?

1619
01:32:55,025 --> 01:32:57,625
मेरी शक्तियाँ काम क्यों नहीं कर रही?

1620
01:32:58,207 --> 01:33:01,447
मैं किसी का भी उपचार क्यों नहीं कर पा रहा?

1621
01:33:02,222 --> 01:33:03,355
भैरव लाल!

1622
01:33:04,068 --> 01:33:04,834
कुछ करो!

1623
01:33:04,859 --> 01:33:08,348
चार गांव वाले दबे पांव
अघोरी की ओर जा रहे हैं।

1624
01:33:08,399 --> 01:33:10,375
उनके हाथ में
बड़ा सा बांस है।

1625
01:33:10,580 --> 01:33:13,880
वो उसे अचानक
उस बांस से पीटने लगते हैं।

1626
01:33:15,484 --> 01:33:18,377
अरे! - ढोंगी...

1627
01:33:18,402 --> 01:33:21,214
मारो इसे, मारो! दूर हो जाओ!

1628
01:33:21,239 --> 01:33:23,711
मारो! पकड़ो! मारो! पकड़ो!

1629
01:33:24,509 --> 01:33:28,255
नत्थू भगत माता के मंदिर में
माता का जाप कर रहा है।

1630
01:33:28,565 --> 01:33:30,280
मातायै नमः।

1631
01:33:30,305 --> 01:33:32,964
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

1632
01:33:34,831 --> 01:33:36,444
बड़ा दर्द हो रहा है।

1633
01:33:36,478 --> 01:33:37,771
अरे, भोंदू!

1634
01:33:38,161 --> 01:33:40,041
अरे, ले आ न लेप, कहाँ मर गया?

1635
01:33:40,066 --> 01:33:41,081
हाँ, बाबा जी, आया।

1636
01:33:41,106 --> 01:33:42,465
अरे जल्दी ला!

1637
01:33:43,706 --> 01:33:48,035
गांव वालों ने अघोरी की खूब
पिटाई की इसलिए वो वेदना में है।

1638
01:33:48,060 --> 01:33:50,093
अघोरी का दास उसकी चोटों पर

1639
01:33:50,118 --> 01:33:51,451
लेप लगा रहा है।

1640
01:33:51,866 --> 01:33:53,073
अरे, मार दिया!

1641
01:33:54,567 --> 01:33:57,994
अरे... भोंदू, यह किस चीज़ का लेप लाया है?

1642
01:33:58,229 --> 01:33:59,762
बड़ी जलन हो रही है।

1643
01:34:00,189 --> 01:34:02,369
मिर्ची का लेप, और किसका।

1644
01:34:02,732 --> 01:34:05,705
मूर्ख, चोट के ऊपर कोई
मिर्ची का लेप लगाता है क्या?

1645
01:34:05,731 --> 01:34:07,437
बाबा जी, आपने ही तो कहा था कि

1646
01:34:07,462 --> 01:34:09,577
मिर्ची का लेप लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।

1647
01:34:09,602 --> 01:34:11,933
जा, भाग यहाँ से!

1648
01:34:12,139 --> 01:34:14,913
और अपना दोबारा यह काला मुँह मत दिखाना मुझे!

1649
01:34:14,972 --> 01:34:16,794
मुझे ज़रूरत नहीं है तेरी!

1650
01:34:17,024 --> 01:34:18,818
मैं अपने आप बुला लूँगा सब कुछ!
- मुझे भी आपकी ज़रूरत नहीं है।

1651
01:34:22,183 --> 01:34:24,416
आओ, कठोर सिंह, आओ।

1652
01:34:26,044 --> 01:34:27,677
बड़ी शुभ घड़ी में आए हो।

1653
01:34:27,912 --> 01:34:29,319
कुछ अच्छा ही होगा।

1654
01:34:29,344 --> 01:34:31,146
अरे, क्यों मूर्ख बनाते हो, बाबा?

1655
01:34:31,701 --> 01:34:33,909
जब भी आप किसी के बारे
में बताते हो, बुरा ही होता है।

1656
01:34:34,111 --> 01:34:36,057
आप किसी के बारे में बताया ही मत करो।

1657
01:34:36,132 --> 01:34:38,842
कठोर सिंह, अगर सोच

1658
01:34:39,290 --> 01:34:40,830
सदा सुखी।

1659
01:34:41,486 --> 01:34:43,506
आगे की सोचो, आगे की।

1660
01:34:44,707 --> 01:34:46,021
आगे कुछ और भी है क्या?

1661
01:34:46,074 --> 01:34:47,274
हाँ।

1662
01:34:48,075 --> 01:34:50,682
हमारे भाग्य की कुंजी।

1663
01:34:51,990 --> 01:34:53,090
वो अवसर

1664
01:34:53,218 --> 01:34:55,092
जो हम वर्षों से ढूंढ रहे थे।

1665
01:34:55,117 --> 01:34:56,232
वो क्या है, बाबा?

1666
01:34:57,108 --> 01:34:59,662
नत्थू भगत नगरकोट गया है

1667
01:35:00,010 --> 01:35:01,769
और वो भी अकेला।

1668
01:35:01,843 --> 01:35:03,553
दुष्ट अघोरी की बात सुनकर

1669
01:35:03,937 --> 01:35:06,258
कठोर सिंह के पाप बुद्धि में

1670
01:35:06,296 --> 01:35:07,806
एक योजना सूझने लगती है।

1671
01:35:08,790 --> 01:35:11,315
नत्थू भगत जंगल के पगडंडी से

1672
01:35:11,462 --> 01:35:13,762
माता का जाप करते हुए जा रहा है।

1673
01:35:14,479 --> 01:35:18,376
वो एक साधारण पोशाक
में निरूपान तक चलते हुए जा रहा है।

1674
01:35:19,238 --> 01:35:22,396
आसपास हरी भरी झाड़ियां
और पेड़ हैं।

1675
01:35:26,049 --> 01:35:28,802
ॐ ब्रिजेश्वरी माताये नमः

1676
01:35:31,500 --> 01:35:34,789
हरे भरे पहाड़ के पास
एक सुंदर से गांव का

1677
01:35:35,327 --> 01:35:36,594
दूर से दृश्य।

1678
01:35:36,887 --> 01:35:39,360
गांव में छोटे बड़े घर दिख रहे हैं।

1679
01:35:39,934 --> 01:35:42,714
एक सुंदर सा निसर्गरम्य दृश्य है।

1680
01:35:44,867 --> 01:35:46,485
20 साल बीत गए हैं।

1681
01:35:47,205 --> 01:35:50,327
नत्थू भगत अपनी आयु से और बड़ा हो गया है।

1682
01:35:50,552 --> 01:35:53,131
वो पहले जैसे ही साधारण पोशाक में है

1683
01:35:53,694 --> 01:35:56,434
और उसके केश
और लंबे हो गए हैं।

1684
01:35:56,459 --> 01:35:57,949
हाथ में जपमाल है

1685
01:35:58,120 --> 01:36:00,015
और एक साधारण सा झोला है।

1686
01:36:00,087 --> 01:36:01,122
"शक्ति जग जननी"

1687
01:36:01,326 --> 01:36:03,959
"तू दुर्गा तू काली"

1688
01:36:04,149 --> 01:36:07,290
"तू उमा रमा ब्रह्माणी"

1689
01:36:07,315 --> 01:36:09,764
"तू त्रिभुवन प्रतिपाली"

1690
01:36:16,081 --> 01:36:19,161
"तूने सूरज चाँद बनाए"

1691
01:36:19,313 --> 01:36:21,934
"धरती गगन बनाए"

1692
01:36:22,102 --> 01:36:25,142
"तेरी काया तेरी माया"

1693
01:36:25,324 --> 01:36:27,685
"तू ही सृष्टि चलाए"

1694
01:36:28,148 --> 01:36:31,035
"अपने चरणों की छाया में"

1695
01:36:31,060 --> 01:36:33,774
"मुझे बसाए रखना"

1696
01:36:33,799 --> 01:36:36,300
"दया बनाए रखना"

1697
01:36:36,325 --> 01:36:39,288
"अंबे माँ! अंबे माँ!
- जय.."

1698
01:36:39,337 --> 01:36:41,770
"अंबे माँ! अंबे माँ!
- माता दी!"

1699
01:36:42,279 --> 01:36:44,895
"अंबे माँ! अंबे माँ'! जय माता दी!"

1700
01:36:44,920 --> 01:36:47,194
"अंबे माँ!
- जय माता दी!"

1701
01:36:49,427 --> 01:36:53,700
थका हारा नत्थू माता का जाप
करते हुए हाथ जोड़ लेता है।

1702
01:36:53,920 --> 01:36:56,066
एक नारंगी आसमान का दृश्य।

1703
01:36:57,546 --> 01:36:58,993
रात्रि का दृश्य।

1704
01:36:59,018 --> 01:37:00,705
माँ, भूख लगी है।

1705
01:37:01,189 --> 01:37:03,836
 एक छोटे से
घर में मशाल जल रही है।

1706
01:37:05,178 --> 01:37:06,429
बापू आ जाएंगे ना

1707
01:37:06,925 --> 01:37:08,005
फिर देती हूँ रोटी।

1708
01:37:08,030 --> 01:37:08,505
हाँ, माँ।

1709
01:37:08,530 --> 01:37:11,845
एक महिला अपने दो बच्चों
के साथ खटिये पर बैठी है।

1710
01:37:11,951 --> 01:37:14,884
मद्रा पान के नशे में एक आदमी घर में आता है।

1711
01:37:15,078 --> 01:37:17,059
उसे देखकर बच्चे डर जाते हैं।

1712
01:37:18,445 --> 01:37:21,964
महिला के मुख पर क्रोध और उदासीनता दोनों हैं।

1713
01:37:21,989 --> 01:37:22,922
अरे

1714
01:37:24,242 --> 01:37:26,202
तू यहाँ बैठी है? चल, रोटी दे!

1715
01:37:29,029 --> 01:37:30,135
रोटी नहीं है।

1716
01:37:30,201 --> 01:37:33,822
महिला क्रोधित होकर खड़ी हो
जाती है और उसे उत्तर देती है।

1717
01:37:34,083 --> 01:37:34,996
रोटी नहीं है?

1718
01:37:36,689 --> 01:37:37,735
क्यों नहीं है?

1719
01:37:38,215 --> 01:37:40,162
ये सवाल तुम अपने आप से पूछो।

1720
01:37:40,270 --> 01:37:41,789
घर में अन्न का एक दाना नहीं है।

1721
01:37:42,025 --> 01:37:43,545
बच्चे भूख से तड़प रहे हैं।

1722
01:37:43,570 --> 01:37:46,060
और तुम दिन-रात नशे में रहते हो!

1723
01:37:46,252 --> 01:37:48,525
रोटी आसमान फाड़कर आएगी या जमीन चीरकर?

1724
01:37:48,921 --> 01:37:50,581
तेरी ज़बान बहुत चलती है!

1725
01:37:50,606 --> 01:37:51,143
बापू!

1726
01:37:51,168 --> 01:37:53,071
तेरी ज़बान खींच लूंगा मैं!

1727
01:37:53,096 --> 01:37:54,262
समझ में आई?
- नहीं बापू...

1728
01:37:54,303 --> 01:37:58,976
वो मनुष्य क्रोधित होकर महिला का गला
घोटने लगता है और बच्चों को पीटने लगता है।

1729
01:37:59,162 --> 01:38:00,447
आया माँ का लड्डला। - राक्षस!

1730
01:38:01,848 --> 01:38:03,755
आज तक तूने मुझ पर अत्याचार किए

1731
01:38:04,203 --> 01:38:05,690
मैं सहन करती रही।

1732
01:38:05,943 --> 01:38:08,370
लेकिन आज तूने मेरी संतान का खून बहाया है...

1733
01:38:08,395 --> 01:38:09,464
छोड़ दे, बता रहा हूँ!

1734
01:38:09,489 --> 01:38:11,411
आज मैं तेरा खून करके ही रहूँगी!

1735
01:38:11,939 --> 01:38:14,219
तेरी सुहागन बनकर जीने से तो अच्छा है

1736
01:38:14,244 --> 01:38:16,029
मैं तेरी विधवा बनकर जिऊँ!

1737
01:38:16,265 --> 01:38:18,826
तो तू ऐसे नहीं मानेगी।

1738
01:38:18,903 --> 01:38:20,096
चल, निकल!

1739
01:38:20,121 --> 01:38:24,081
क्रोधित होकर उस आदमी ने
अपनी पत्नी को जोर से धक्का दिया।

1740
01:38:24,106 --> 01:38:25,545
वो खटिये पर गिर जाती है।

1741
01:38:25,570 --> 01:38:27,305
पास पड़े हुए हसुए से

1742
01:38:27,330 --> 01:38:29,418
वो अपनी पत्नी पर वार करने जाता है।

1743
01:38:30,175 --> 01:38:31,149
नहीं!

1744
01:38:31,194 --> 01:38:33,830
तभी अचानक अघोरी उसे रोक लेता है।

1745
01:38:34,412 --> 01:38:36,098
बाबा, मेरा हाथ छोड़ दे।

1746
01:38:36,318 --> 01:38:39,145
मैं इस कुटिला का अंत कर दूँगा आज!

1747
01:38:40,150 --> 01:38:41,744
नहीं, कठोर सिंह, नहीं।

1748
01:38:42,419 --> 01:38:44,072
अबला पर हाथ उठाना

1749
01:38:44,746 --> 01:38:46,532
घोर पाप है।

1750
01:38:47,419 --> 01:38:49,439
तुम भी पाप नरक में जाओगे।

1751
01:38:49,884 --> 01:38:51,484
शांत रहो।

1752
01:38:52,471 --> 01:38:54,770
क्रोध पाप का मूल।

1753
01:38:55,547 --> 01:38:57,634
शांति से काम लो

1754
01:38:57,854 --> 01:38:58,820
और यह डात

1755
01:38:59,522 --> 01:39:00,429
फेंक दो इसे

1756
01:39:01,694 --> 01:39:02,908
और चलो मेरे साथ।

1757
01:39:03,727 --> 01:39:05,239
बाबा, मुझे नहीं जाना है कहीं पर।

1758
01:39:05,264 --> 01:39:06,193
अरे, चलो।

1759
01:39:06,218 --> 01:39:07,773
नहीं बाबा, मुझे नहीं जाना है।

1760
01:39:17,834 --> 01:39:20,187
सारा दिन दिमाग खराब करके रखती है

1761
01:39:20,212 --> 01:39:22,247
किट-किट, किट-किट, किट-किट।

1762
01:39:23,863 --> 01:39:25,810
ज्यादा चिंता मत कर, कठोर सिंह।

1763
01:39:26,638 --> 01:39:27,117
बैठ जा।

1764
01:39:27,142 --> 01:39:30,699
अघोरी और कठोर सिंह एक जगह पर बैठ जाते हैं।

1765
01:39:30,724 --> 01:39:31,975
अरे भगवान।

1766
01:39:32,228 --> 01:39:34,042
अघोरी चिलम पी रहा है।

1767
01:39:37,766 --> 01:39:39,566
लो, कठोर सिंह, पियो।

1768
01:39:42,031 --> 01:39:43,321
अब कठोर सिंह भी

1769
01:39:43,638 --> 01:39:45,833
अघोरी ने दिया हुआ चिलम पी रहा है।

1770
01:39:45,925 --> 01:39:47,381
देखो, कठोर सिंह

1771
01:39:47,874 --> 01:39:49,381
घर में लड़ाई-झगड़ा करना

1772
01:39:50,014 --> 01:39:52,167
पत्नी-बच्चों को मारना-पीटना

1773
01:39:52,837 --> 01:39:54,584
यह अच्छी बात नहीं है।

1774
01:39:55,499 --> 01:39:57,859
यह समस्या का समाधान नहीं है।

1775
01:39:58,664 --> 01:39:59,937
कुछ ऐसा करो

1776
01:40:00,071 --> 01:40:02,772
कि समस्या जड़ से समाप्त हो जाए।

1777
01:40:04,673 --> 01:40:05,420
बाबा

1778
01:40:06,666 --> 01:40:08,626
मेरी समस्या की जड़ है यह

1779
01:40:08,651 --> 01:40:10,406
टोडलमल के पुरखे।

1780
01:40:12,022 --> 01:40:14,775
बाबा, आधा पाटन हमारा है, आधा...

1781
01:40:15,961 --> 01:40:17,034
हूँ।

1782
01:40:17,287 --> 01:40:19,487
इस टोडलमल के बाप ने

1783
01:40:19,642 --> 01:40:22,516
मेरे बाप के साथ में अन्याय किया है।

1784
01:40:26,867 --> 01:40:29,007
जिसकी वजह से हम आधे

1785
01:40:29,862 --> 01:40:32,115
आधे रियासत के मालिक होते हुए भी

1786
01:40:32,140 --> 01:40:35,068
दर-दर की ठोकरें खा रहे
हैं, मेरे बच्चे भूखे मर रहे हैं।

1787
01:40:37,301 --> 01:40:40,261
वही दुख भुलाने के लिए मैं मदिरा पान करता हूँ।

1788
01:40:48,192 --> 01:40:50,645
बाबा, आपने मेरा ज़ख्म हरा कर दिया।

1789
01:40:52,908 --> 01:40:55,815
अगर यह टोडलमल का बाप जीवित होता ना

1790
01:40:57,238 --> 01:41:00,316
तो मैं उसका कपालभंजन अवश्य करता।

1791
01:41:00,363 --> 01:41:04,469
कठोर सिंह की बातें सुनकर अघोरी
झूठी सांत्वना करता है।

1792
01:41:05,742 --> 01:41:07,795
मैं जानता हूँ, कठोर सिंह।

1793
01:41:08,082 --> 01:41:09,989
अगर टोडलमल का बाप नहीं है

1794
01:41:10,432 --> 01:41:13,445
तो क्या हुआ? नत्थू भगत तो है।

1795
01:41:13,758 --> 01:41:15,261
अघोरी की बात सुनकर

1796
01:41:15,405 --> 01:41:17,765
कठोर सिंह संकोच में पड़ जाता है।

1797
01:41:18,067 --> 01:41:19,154
नत्थू भगत?

1798
01:41:21,044 --> 01:41:22,684
मैं समझा नहीं, बाबा?

1799
01:41:25,527 --> 01:41:26,894
मैं समझाता हूँ।

1800
01:41:28,335 --> 01:41:29,255
कठोर सिंह

1801
01:41:30,260 --> 01:41:31,293
तुम्हारा शत्रु

1802
01:41:32,772 --> 01:41:34,039
टोडलमल का बाप

1803
01:41:34,685 --> 01:41:35,719
और मेरा शत्रु

1804
01:41:36,456 --> 01:41:38,136
टोडलमल का पोता।

1805
01:41:39,657 --> 01:41:42,697
अगर नत्थू भगत को रास्ते से हटा दिया जाए

1806
01:41:43,281 --> 01:41:45,487
तो समस्या जड़ से समाप्त।

1807
01:41:46,562 --> 01:41:49,355
और मैं पाटन का राजगुरु

1808
01:41:50,141 --> 01:41:51,295
और तुम...

1809
01:41:51,741 --> 01:41:54,087
तुम पाटन के राजा।

1810
01:41:54,168 --> 01:41:57,634
अघोरी की बातें सुनकर कठोर सिंह सोचने लगता है।

1811
01:41:57,659 --> 01:41:58,985
पाटन का राजा

1812
01:41:59,199 --> 01:42:01,212
मैं पाटन का राजा।

1813
01:42:07,112 --> 01:42:08,440
रात्रि का समय है।

1814
01:42:08,465 --> 01:42:09,859
ब्रिजेश्वरी माता की जय!

1815
01:42:09,959 --> 01:42:10,832
नत्थू भगत

1816
01:42:10,857 --> 01:42:13,281
माता का जाप करते हुए अपने

1817
01:42:13,305 --> 01:42:14,963
नित्य स्थान पर आकर बैठ जाता है।

1818
01:42:15,172 --> 01:42:17,472
अपने कंधे पर लटका हुआ झोला

1819
01:42:17,510 --> 01:42:19,202
उतारकर वो नीचे रख देता है

1820
01:42:19,725 --> 01:42:23,012
और थका हारा
वो अपने स्थान पर बैठ जाता है।

1821
01:42:23,612 --> 01:42:26,672
नित्य रूप से वो माता का जाप करते जा रहा है।

1822
01:42:27,905 --> 01:42:30,065
दूर झाड़ियों में कठोर सिंह

1823
01:42:30,271 --> 01:42:31,824
उस पर नजर रख रहा है।

1824
01:42:31,849 --> 01:42:34,402
नत्थू भगत मुख प्रक्षालन करने के बाद

1825
01:42:34,895 --> 01:42:36,761
थोड़ा सा जल ग्रहण करता है।

1826
01:42:40,405 --> 01:42:41,985
वहां दूर झाड़ियों में

1827
01:42:42,177 --> 01:42:44,050
कठोर सिंह और अघोरी

1828
01:42:44,075 --> 01:42:46,198
नत्थू भगत पर नजर रखे हुए हैं।

1829
01:42:51,596 --> 01:42:53,560
अब नत्थू भगत
बिछौना बिछाकर

1830
01:42:53,585 --> 01:42:56,033
अपने निद्रा की तैयारी कर रहा है।

1831
01:43:01,134 --> 01:43:03,687
भूमि पर बिछाए हुए बिछौने पर

1832
01:43:03,993 --> 01:43:06,072
बैठकर नत्थू माता का स्मरण करता है

1833
01:43:07,226 --> 01:43:09,830
और शयन के लिए सुप्त हो जाता है।

1834
01:43:10,020 --> 01:43:11,470
झाड़ियों में से निकलकर

1835
01:43:12,006 --> 01:43:13,686
कठोर सिंह और अघोरी

1836
01:43:13,914 --> 01:43:16,036
दबे पांव नत्थू की ओर
जाते हैं।

1837
01:43:16,771 --> 01:43:18,298
चलिए, बाबा।

1838
01:43:20,795 --> 01:43:22,520
उसे शयन अवस्था में देखकर

1839
01:43:23,237 --> 01:43:25,527
दोनों उस पर
छुरी से वार करते हैं।

1840
01:43:27,175 --> 01:43:29,258
उनके वार को असफल करके

1841
01:43:29,401 --> 01:43:31,669
वो अपने आप को सुरक्षित कर लेता है।

1842
01:43:32,361 --> 01:43:35,005
वीरतापूर्वक वो उन दोनों के वार से

1843
01:43:35,340 --> 01:43:38,071
अपने आप की रक्षा करने का प्रयत्न करता है।

1844
01:43:41,663 --> 01:43:45,082
साथ में वो माता बज्रेश्वरी का जाप करता है।

1845
01:43:45,662 --> 01:43:47,368
हे ब्रिजेश्वरी माँ, कृपया करो...

1846
01:43:49,121 --> 01:43:51,045
उन दोनों के दुष्ट भावना से

1847
01:43:51,342 --> 01:43:52,622
वो भयभीत है।

1848
01:43:53,475 --> 01:43:55,442
अपने जीवन के रक्षा हेतु

1849
01:43:55,768 --> 01:43:58,635
नत्थू भगत पलायन करने का प्रयत्न करता है।

1850
01:43:59,535 --> 01:44:02,873
असह्य होकर वो माता का स्मरण करने लगता है।

1851
01:44:07,642 --> 01:44:09,016
हे ब्रिजेश्वरी माँ, कृपया करो...

1852
01:44:09,127 --> 01:44:12,312
उतने में दोनों उस पर छुरी से वार कर देते हैं।

1853
01:44:14,407 --> 01:44:18,143
वेदना और पीड़ा से नत्थू भगत करहाने लगता है।

1854
01:44:19,074 --> 01:44:23,080
अमानुष बनकर वो दोनों भी
उस पर वार करते जा रहे हैं।

1855
01:44:25,059 --> 01:44:27,872
तभी अचानक वहां माता प्रकट होती हैं।

1856
01:44:35,049 --> 01:44:36,991
माता का क्रोधित रूप देखकर

1857
01:44:37,315 --> 01:44:40,228
कठोर सिंह और अघोरी
भयभीत हो जाते हैं।

1858
01:44:48,445 --> 01:44:51,924
माता को देखकर नत्थू भगत तृप्त हो जाता है।

1859
01:44:54,951 --> 01:44:57,458
"अयि गिरि नन्दिनी नन्दितमेदिनि"

1860
01:44:57,483 --> 01:45:00,750
"विश्वविनोदिनि नन्दिनुते"

1861
01:45:00,775 --> 01:45:03,878
"गिरिवर विन्ध्यशिरोधिनिवासिनी"

1862
01:45:03,903 --> 01:45:06,305
"विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते"

1863
01:45:06,339 --> 01:45:10,359
अचानक वो दोनों दुष्ट हवा में
उछल कर नीचे गिर जाते हैं।

1864
01:45:19,281 --> 01:45:20,766
दोनों भयभीत होकर

1865
01:45:20,860 --> 01:45:23,869
माता के सामने क्षमा याचना करने लगते हैं।

1866
01:45:24,922 --> 01:45:28,475
नत्थू भगत मूर्छित अवस्था से उठ खड़े होते हैं

1867
01:45:29,049 --> 01:45:31,635
और देखते हैं
कि उनके शरीर पर

1868
01:45:31,795 --> 01:45:34,522
कोई भी वार या क्षति का निशान नहीं है।

1869
01:45:37,240 --> 01:45:38,387
भगत

1870
01:45:38,727 --> 01:45:40,020
हमें माफ कर दो।

1871
01:45:41,166 --> 01:45:42,673
हम भटक गए थे।

1872
01:45:44,021 --> 01:45:45,474
हमें नहीं पता था

1873
01:45:45,514 --> 01:45:47,781
देवी की शक्तियां तुम्हारे साथ हैं।

1874
01:45:48,517 --> 01:45:50,397
भगत

1875
01:45:50,457 --> 01:45:51,757
हमें माफ कर दो।

1876
01:45:53,496 --> 01:45:54,649
बात यह है

1877
01:45:55,551 --> 01:45:57,244
मैं माफी देने वाला कौन होता हूँ?

1878
01:45:58,372 --> 01:46:00,352
माफ करने वाली तो वो जगत जननी

1879
01:46:00,900 --> 01:46:02,820
ब्रिजेश्वरी माता है।

1880
01:46:02,845 --> 01:46:04,675
उससे माफी माँगो

1881
01:46:04,866 --> 01:46:07,199
जीवन सफल हो जाएगा। जय मैया की!

1882
01:46:07,277 --> 01:46:09,599
उन दुष्टों को उपदेश देने के बाद

1883
01:46:09,630 --> 01:46:11,454
नत्थू भक्त वहां से चले जाते है।

1884
01:46:11,514 --> 01:46:13,048
उगते सूरज का दृश्य।

1885
01:46:14,965 --> 01:46:16,292
माँ के भक्तगणों

1886
01:46:16,911 --> 01:46:18,165
जिसकी रक्षा

1887
01:46:18,457 --> 01:46:20,151
माँ जगदंबा स्वयं करे

1888
01:46:20,841 --> 01:46:23,161
उसका भला कोई क्या बिगाड़ सकता है।

1889
01:46:23,920 --> 01:46:25,467
भगत नत्थू लाल

1890
01:46:26,282 --> 01:46:29,715
अपने ब्रह्मचर्य का दायित्व निभाते हुए भी

1891
01:46:31,005 --> 01:46:32,632
माँ के दर्शन को

1892
01:46:32,992 --> 01:46:34,132
नियमित रूप से

1893
01:46:35,566 --> 01:46:37,659
नागरकोट आते-जाते रहे।

1894
01:46:37,825 --> 01:46:39,445
उनकी पूजा करते रहे

1895
01:46:40,349 --> 01:46:42,243
उनकी आराधना करते रहे।

1896
01:46:42,956 --> 01:46:43,749
लेकिन

1897
01:46:44,143 --> 01:46:45,583
अब धीरे-धीरे

1898
01:46:46,159 --> 01:46:47,432
वो वृद्ध होने लगे।

1899
01:46:48,614 --> 01:46:50,887
उनकी उम्र अस्सी के पार हो गई।

1900
01:46:51,840 --> 01:46:54,967
चलने-फिरने में भी बड़ी कठिनाई आने लगी।

1901
01:46:56,414 --> 01:46:59,367
एक बार वो माँ के दर्शन करने जा रहे थे

1902
01:46:59,862 --> 01:47:02,375
लेकिन शरीर भी अब उनका साथ नहीं दे रहा था।

1903
01:47:02,737 --> 01:47:03,437
उन्हें लगा

1904
01:47:04,129 --> 01:47:05,177
कि मैं

1905
01:47:05,700 --> 01:47:06,773
भविष्य में

1906
01:47:07,067 --> 01:47:08,833
शायद माँ के दर्शन न कर पाऊं।

1907
01:47:10,917 --> 01:47:12,211
ऐसा सोचकर

1908
01:47:12,872 --> 01:47:14,478
वो बड़े भावुक हो गए।

1909
01:47:42,640 --> 01:47:43,940
बेटा नत्थू

1910
01:47:44,580 --> 01:47:46,447
तुझे कहीं लगी तो नहीं ना?

1911
01:48:03,634 --> 01:48:06,427
अब वो एक नदी किनारे से चलकर जा रहे हैं।

1912
01:48:07,697 --> 01:48:10,677
"सारी दुनिया"

1913
01:48:11,045 --> 01:48:14,259
"मुझसे रूठे"

1914
01:48:14,611 --> 01:48:19,355
"पर माँ तू ना रूठे"

1915
01:48:21,243 --> 01:48:24,450
"मेरे मरते"

1916
01:48:24,593 --> 01:48:27,760
"दम तक माता"

1917
01:48:28,299 --> 01:48:33,452
"द्वारा तेरा ना छूटे"

1918
01:48:35,183 --> 01:48:38,350
"तू माता मैं"

1919
01:48:38,672 --> 01:48:42,052
"बेटा तेरा"

1920
01:48:42,135 --> 01:48:45,302
"नाता भूल ना"

1921
01:48:45,327 --> 01:48:48,043
"जाना"

1922
01:48:48,750 --> 01:48:51,930
"द्वार तेरे मैं"

1923
01:48:52,250 --> 01:48:55,296
"ना आऊं तो"

1924
01:48:55,620 --> 01:48:59,240
"माँ तू ही आ"

1925
01:48:59,265 --> 01:49:01,622
"जाना"

1926
01:49:02,401 --> 01:49:05,060
"इस अटूट"

1927
01:49:05,085 --> 01:49:09,276
"संबंध को, माता,"

1928
01:49:09,301 --> 01:49:12,531
"सदा बचाए"

1929
01:49:12,556 --> 01:49:14,820
"रखना"

1930
01:49:16,212 --> 01:49:19,958
"सदा बचाए"

1931
01:49:19,983 --> 01:49:22,304
"रखना"

1932
01:49:22,965 --> 01:49:26,732
"दया बनाए"

1933
01:49:26,814 --> 01:49:29,660
"रखना"

1934
01:49:29,685 --> 01:49:35,216
"कृपया बनाए रखना"

1935
01:49:40,622 --> 01:49:42,877
बूढ़े नत्थू थके हारे

1936
01:49:43,377 --> 01:49:44,998
अपनी यात्रा कर रहे हैं।

1937
01:49:46,949 --> 01:49:49,857
आज भी उनका वही साधारण पोशाक है।

1938
01:49:50,597 --> 01:49:53,070
कंधों पर एक साधारण झोला

1939
01:49:53,184 --> 01:49:54,932
और हाथ में जपमाला है।

1940
01:49:57,964 --> 01:49:59,867
उनकी अवस्था बहुत बिकट है।

1941
01:50:01,562 --> 01:50:03,691
उन्हें चलने में कठिनाई आ रही है।

1942
01:50:10,302 --> 01:50:13,057
चलते-चलते
वो अचानक फिर गिर जाते हैं।

1943
01:50:20,694 --> 01:50:22,305
माता का स्मरण करते हुए

1944
01:50:22,980 --> 01:50:25,557
अपनी लकड़ी उठाकर उसके सहारे

1945
01:50:26,355 --> 01:50:27,735
फिर खड़े होते हैं।

1946
01:50:48,620 --> 01:50:50,644
बड़ी कठिनाई से चलते-चलते

1947
01:50:51,210 --> 01:50:53,384
वो अपने नित्य स्थान पर आ जाते हैं।

1948
01:50:54,935 --> 01:50:56,315
उसी पेड़ के नीचे

1949
01:50:56,872 --> 01:50:58,732
अपना स्थान ग्रहण करते हैं।

1950
01:51:24,265 --> 01:51:26,548
जल से हस्तप्रक्षालन कर कर

1951
01:51:27,185 --> 01:51:28,885
वो विश्राम करने लगते हैं।

1952
01:51:29,270 --> 01:51:30,664
मैं बूढ़ा हो गया हूँ।

1953
01:51:31,832 --> 01:51:33,092
अब मैं थक गया हूँ।

1954
01:51:34,305 --> 01:51:36,052
अब मुझसे चला नहीं जाता, माँ ।

1955
01:51:36,969 --> 01:51:37,715
माँ...

1956
01:51:38,717 --> 01:51:40,390
माँ , मैं थक गया हूं, माँ ।

1957
01:51:43,791 --> 01:51:44,404
अब मैं...

1958
01:51:45,097 --> 01:51:46,571
अब मैं माई के...

1959
01:51:47,124 --> 01:51:49,564
अब मैं माई के दर्शन को कैसे जाऊंगा?

1960
01:51:50,163 --> 01:51:52,616
कैसे जाऊंगा मेरी माई के दर्शन करने?

1961
01:51:54,394 --> 01:51:55,641
मैं बूढ़ा हो गया हूँ।

1962
01:51:57,468 --> 01:51:58,081
मैं बूढ़ा हो...

1963
01:51:58,106 --> 01:52:00,139
क्या हुआ? क्यों रो रहे हो, बेटा?

1964
01:52:00,164 --> 01:52:04,539
एक बूढ़ी महिला
साधारण पोशाक में अचानक वहां आ जाती है।

1965
01:52:04,564 --> 01:52:05,151
आप?

1966
01:52:05,944 --> 01:52:07,151
हाँ, बेटा।

1967
01:52:08,077 --> 01:52:08,724
माँ...

1968
01:52:09,397 --> 01:52:10,097
माई

1969
01:52:10,965 --> 01:52:11,485
मैं...

1970
01:52:12,823 --> 01:52:14,910
मैं कई सालों से

1971
01:52:15,311 --> 01:52:17,244
ब्रिजेश्वरी माता के यहां जाता हूँ।

1972
01:52:18,920 --> 01:52:21,838
लेकिन कुछ दिनों से मुझे लगता है

1973
01:52:22,071 --> 01:52:23,118
कि अब मेरी

1974
01:52:23,628 --> 01:52:25,375
चलने की ताकत नहीं रही।

1975
01:52:25,941 --> 01:52:26,921
मैं थक गया हूँ।

1976
01:52:27,949 --> 01:52:30,489
अब मेरी माता के दर्शन कैसे होंगे?

1977
01:52:33,068 --> 01:52:34,955
क्यों नहीं होंगे, बेटा, दर्शन?

1978
01:52:35,196 --> 01:52:36,702
माता के दर्शन

1979
01:52:37,016 --> 01:52:38,522
अवश्य होंगे तुम्हें।

1980
01:52:39,028 --> 01:52:39,675
कैसे?

1981
01:52:40,682 --> 01:52:42,997
कैसे दर्शन होंगे मेरी माई के?

1982
01:52:43,162 --> 01:52:44,969
तुम्हारे ही गांव में

1983
01:52:45,116 --> 01:52:46,269
माता रानी

1984
01:52:46,627 --> 01:52:49,794
दो पेड़ों के बीच पिंडी के रूप में दर्शन देंगी।

1985
01:52:50,502 --> 01:52:51,436
मेरे गांव में?

1986
01:52:51,622 --> 01:52:52,949
हाँ, बेटा।

1987
01:52:53,439 --> 01:52:54,726
दो पेड़ों के बीच में?

1988
01:52:54,926 --> 01:52:55,719
हाँ।

1989
01:52:55,832 --> 01:52:57,072
मुझे दर्शन देंगी?

1990
01:52:57,219 --> 01:52:58,205
हाँ-हाँ।

1991
01:52:58,230 --> 01:52:59,765
आप सही-सही बताइए।

1992
01:53:00,061 --> 01:53:01,491
आप सही-सही बताइए।

1993
01:53:01,686 --> 01:53:03,614
मेरी माँ मुझे दर्शन देंगी?

1994
01:53:03,797 --> 01:53:06,119
अवश्य दर्शन देंगी, बेटा।

1995
01:53:07,117 --> 01:53:09,217
मुझको दर्शन देने माई आएंगी।

1996
01:53:10,052 --> 01:53:11,439
मेरी माई आएगी।

1997
01:53:12,471 --> 01:53:15,037
मेरी माता मुझको दर्शन देने।

1998
01:53:16,026 --> 01:53:17,826
अरे, ये बाई कहाँ गई?

1999
01:53:18,221 --> 01:53:19,221
अरे बाई!

2000
01:53:19,607 --> 01:53:20,761
ए बाई!

2001
01:53:21,031 --> 01:53:23,465
अरे... ए बाई कहाँ गई?

2002
01:53:23,518 --> 01:53:24,611
ए बाई!

2003
01:53:24,915 --> 01:53:26,234
अरे, बाई कहाँ गई?

2004
01:53:26,285 --> 01:53:28,482
मेरी माता मुझे दर्शन देने आएगी।

2005
01:53:28,507 --> 01:53:30,770
ए बाई! बाई! ओ बाई!

2006
01:53:31,177 --> 01:53:33,960
मेरी... बाई कहाँ गई? बाई कहाँ गई?

2007
01:53:33,998 --> 01:53:35,038
ए बाई!

2008
01:53:35,498 --> 01:53:38,684
मेरी माता दो पेड़ों के बीच में दर्शन देगी।

2009
01:53:39,939 --> 01:53:43,666
मेरी माता रानी मुझे दर्शन दे दे।

2010
01:53:43,752 --> 01:53:47,153
मेरे गांव में दो पेड़ों के बीच में आएगी।

2011
01:53:47,754 --> 01:53:48,941
मेरी माता...

2012
01:53:49,207 --> 01:53:51,074
मेरी माता दर्शन देने आएगी।

2013
01:53:51,142 --> 01:53:52,669
मेरी माँ ...

2014
01:53:52,694 --> 01:53:55,950
दर्शन देने आएगी। मेरी माता मुझको

2015
01:53:56,061 --> 01:53:57,520
दर्शन देने आएगी...

2016
01:53:59,888 --> 01:54:03,699
गाँव जे पगदंडी रास्ते से नत्थू
भगत चल कर जा रहे है।

2017
01:54:09,763 --> 01:54:11,390
माँ, हे माँ...

2018
01:54:11,489 --> 01:54:14,056
अरे माँ, हे माँ ब्रिजेश्वरी...

2019
01:54:14,971 --> 01:54:17,011
आज का दिन कितना

2020
01:54:17,036 --> 01:54:17,990
सुहाना है।

2021
01:54:18,090 --> 01:54:20,377
मेरी माँ दर्शन देने

2022
01:54:21,185 --> 01:54:22,725
मेरे पास आ रही है माँ।

2023
01:54:23,549 --> 01:54:27,076
दो गाँव वाले खेतों में सुखी घास जमा कर रहे है।

2024
01:54:27,271 --> 01:54:29,078
मेरी माता आने वाली है।

2025
01:54:29,103 --> 01:54:30,691
मेरी माता आने वाली है।

2026
01:54:30,716 --> 01:54:32,398
मेरी माता आने वाली है।

2027
01:54:32,853 --> 01:54:33,859
राम-राम, बाबा।

2028
01:54:33,884 --> 01:54:35,066
राम-राम, बेटा। राम-राम।

2029
01:54:35,091 --> 01:54:36,983
बाबा, आज तो आप बहुत खुश लग रहे हो?

2030
01:54:37,338 --> 01:54:38,278
खुशी की बात है।

2031
01:54:38,737 --> 01:54:41,491
मेरी माता आने वाली है।

2032
01:54:41,870 --> 01:54:44,543
हर गांव में खुशहाली आने वाली है।

2033
01:54:45,483 --> 01:54:48,359
नत्थू भगत प्रसन्न मन से नाच रहे है।

2034
01:54:49,086 --> 01:54:50,312
चल भाई, अब काम पर चलें।

2035
01:54:50,337 --> 01:54:52,647
मेरी माता पिंडी के रूप में आ रही है।

2036
01:54:52,770 --> 01:54:54,077
"बनाए"

2037
01:54:54,157 --> 01:54:57,405
नत्थू भगत गाँव के बाहरी रास्ते से जा रहे है।

2038
01:54:59,360 --> 01:55:04,628
"दया
बनाए रखना"

2039
01:55:06,109 --> 01:55:08,709
"माँ दया"

2040
01:55:09,366 --> 01:55:11,709
पेड़ो से भरे वो एक मैदान में है।

2041
01:55:13,703 --> 01:55:15,337
यहाँ तो सब जगह दो-दो पेड़ हैं।

2042
01:55:15,362 --> 01:55:18,522
पिंडी के रूप में मेरी माँ के
दर्शन होंगे, कहाँ ढूँढूँ? माँ?

2043
01:55:18,950 --> 01:55:20,157
कहाँ पर हो माँ?

2044
01:55:20,381 --> 01:55:21,341
माँ!

2045
01:55:22,935 --> 01:55:25,395
माँ, कहाँ पर हो? ए माँ!

2046
01:55:25,455 --> 01:55:29,875
नत्थू भगत वो दो पेड़ ढूंढ रहे
हैं जहां पर माता की पिंडी है।

2047
01:55:30,768 --> 01:55:32,565
माँ, दर्शन दो, जल्दी दो माँ, दर्शन।

2048
01:55:32,955 --> 01:55:33,975
माँ, दर्शन दो!

2049
01:55:34,128 --> 01:55:35,548
माँ, दर्शन दो माँ!

2050
01:55:36,003 --> 01:55:37,106
माँ, दर्शन दो!

2051
01:55:37,811 --> 01:55:38,753
जल्दी मिलो माँ।

2052
01:55:39,246 --> 01:55:40,228
जल्दी मिलो, माँ।

2053
01:55:40,693 --> 01:55:41,966
माँ ब्रिजेश्वरी।

2054
01:55:42,192 --> 01:55:43,711
हे माँ ब्रिजेश्वरी, मेरी सहायता करो।

2055
01:55:44,207 --> 01:55:45,760
हे माँ, मेरी सहायता करो।

2056
01:55:46,175 --> 01:55:48,142
हे माँ बृजेश्वरी, मेरी सहायता करो।

2057
01:55:49,575 --> 01:55:52,755
थक हार के नत्थू भगत एक जगह खड़े हो गए।

2058
01:55:52,896 --> 01:55:54,570
हे माँ बृजेश्वरी।

2059
01:55:54,739 --> 01:55:57,459
हे माँ, पिंडी के रूप में दर्शन दो माँ।

2060
01:55:57,577 --> 01:56:00,032
कुछ गांव वाले और नत्थू भगत मिलकर

2061
01:56:00,185 --> 01:56:01,729
एक जगह खोद रहे हैं।

2062
01:56:05,476 --> 01:56:07,810
हटो-हटो, हटो।

2063
01:56:08,104 --> 01:56:09,957
हटो, एक बार हटो।

2064
01:56:09,982 --> 01:56:10,595
हटो।

2065
01:56:10,769 --> 01:56:14,615
व्याकुल होकर नत्थू भगत
खोदी हुई जगह देखने लगते हैं

2066
01:56:15,029 --> 01:56:17,349
परंतु उन्हें वहां कुछ नहीं मिलता।

2067
01:56:18,563 --> 01:56:19,903
मेरी माता यहाँ नहीं है?

2068
01:56:20,083 --> 01:56:21,396
मेरी माता यहाँ नहीं है।

2069
01:56:21,515 --> 01:56:22,395
यहाँ नहीं है।

2070
01:56:22,960 --> 01:56:25,506
मेरी माता यहाँ नहीं है, एक काम करो।

2071
01:56:28,209 --> 01:56:29,809
वहाँ चलो, वहाँ चलो।

2072
01:56:29,834 --> 01:56:31,293
चलो-चलो...

2073
01:56:31,405 --> 01:56:33,095
और खोदो, और खोदो।

2074
01:56:34,280 --> 01:56:36,137
नत्थू भगत के कहे अनुसार

2075
01:56:36,286 --> 01:56:38,881
गांव वाले दूसरी जगह खोदने लगते हैं।

2076
01:56:40,170 --> 01:56:41,437
मैं देखता हूँ...

2077
01:56:41,584 --> 01:56:42,381
मैं देखता हूँ।

2078
01:56:42,426 --> 01:56:45,799
परंतु यहां भी
नत्थू को कुछ नहीं मिलता।

2079
01:56:46,755 --> 01:56:48,773
नत्थू भगत हताश हो जाते हैं।

2080
01:56:52,002 --> 01:56:54,001
अरे, यह भक्त पागल हो गया है।

2081
01:56:54,089 --> 01:56:56,755
इस मिट्टी में कोई माता-वाता नहीं है।

2082
01:56:56,840 --> 01:56:58,737
हमारा समय बर्बाद कर रहा है।

2083
01:56:58,762 --> 01:57:01,438
आ जा, कोई फायदा नहीं है,
आ जा चल। - हम जा रहे हैं।

2084
01:57:01,942 --> 01:57:03,868
ओ बेटा... ओ बेटा।

2085
01:57:03,922 --> 01:57:06,706
कुछ गांव वाले अविश्वास से चले जाते हैं।

2086
01:57:07,114 --> 01:57:09,633
रुक जाओ, मेरी माता माई यहीं है।

2087
01:57:09,822 --> 01:57:12,308
मेरी माता पिंडी के रूप में यहीं है।

2088
01:57:12,872 --> 01:57:17,412
"बनाए रखना"

2089
01:57:17,437 --> 01:57:19,912
मेरी माता कितनी परीक्षा लेगी तू?

2090
01:57:21,424 --> 01:57:23,400
कितनी परीक्षा लोगी, माँ?

2091
01:57:30,786 --> 01:57:32,833
हे ब्रिजेश्वरी माता।

2092
01:57:33,326 --> 01:57:34,866
तू परीक्षा दे, माँ।

2093
01:57:35,353 --> 01:57:37,765
तेरे भक्त की इज़्ज़त का सवाल है माँ।

2094
01:57:38,062 --> 01:57:40,180
तू दर्शन दे माँ।

2095
01:57:40,220 --> 01:57:41,433
तू दर्शन दे...

2096
01:57:41,507 --> 01:57:44,290
नत्थू भगत हताश होकर रोने लगते हैं।

2097
01:57:48,514 --> 01:57:51,180
लेकिन उनका विश्वास उन्हें हारने नहीं देता।

2098
01:57:51,785 --> 01:57:53,320
वो फिर उठ खड़े होते हैं।

2099
01:57:53,725 --> 01:57:56,145
बेटा... बेटा... बेटा, कोई बात नहीं।

2100
01:57:56,702 --> 01:57:59,362
तुम मेरा साथ दे दो बेटा,
तुम मेरा साथ दे दो बेटा।

2101
01:57:59,387 --> 01:58:00,626
मेरी माता आएँगी।

2102
01:58:00,720 --> 01:58:02,980
चलो बेटा, मइया ने तो यही बोला था।

2103
01:58:03,067 --> 01:58:06,644
अब वो और कुछ गांव वाले
मिलकर कहीं और खोद रहे हैं।

2104
01:58:07,998 --> 01:58:10,965
खोदते खोदते अब सभी बहुत थक गए हैं।

2105
01:58:14,680 --> 01:58:17,306
बस, बहुत हो गया। यहाँ कोई देवी-देवता नहीं है।

2106
01:58:17,443 --> 01:58:18,617
मैं चला।

2107
01:58:19,276 --> 01:58:20,536
चलो यहाँ से।

2108
01:58:20,962 --> 01:58:24,129
चलो यहाँ से, यहाँ कुछ नहीं मिलने वाला...
- बेटा... बेटा...

2109
01:58:24,328 --> 01:58:27,247
बेटा... बेटा... रुक जा बेटा!

2110
01:58:27,298 --> 01:58:30,293
रुक जाओ बेटा! रुक जाओ बेटा!

2111
01:58:31,447 --> 01:58:34,027
माता, सुबह से शाम हो गई?

2112
01:58:34,909 --> 01:58:36,758
कब दर्शन दोगी माता?

2113
01:58:36,832 --> 01:58:39,585
थक हार कर एक-एक करके सब चले गए।

2114
01:58:39,737 --> 01:58:41,303
आ जाओ माँ!

2115
01:58:42,767 --> 01:58:44,320
हताश और थक कर

2116
01:58:44,837 --> 01:58:47,112
नत्थू भगत वहीं
भूमि पर बैठे रहे।

2117
01:58:48,036 --> 01:58:50,116
माँ! माँ!

2118
01:58:50,622 --> 01:58:51,642
माँ!

2119
01:58:56,108 --> 01:58:58,968
पेड़ की एक छाया में नत्थू भगत बैठे हैं।

2120
01:58:59,542 --> 01:59:01,601
तभी एक गांव वाला वहां आता है।

2121
01:59:01,626 --> 01:59:02,339
बाबा।

2122
01:59:04,896 --> 01:59:06,691
ओ बाबा, यहाँ क्यों बैठे हो?

2123
01:59:11,374 --> 01:59:13,214
वो उन्हें आवाज़ लगाता है।

2124
01:59:14,804 --> 01:59:15,504
मैं...

2125
01:59:16,903 --> 01:59:18,356
मेरी माँ को ढूँढ रहा हूँ।

2126
01:59:18,920 --> 01:59:21,447
आ, बैठ मेरे पास बेटा। - आपकी माँ?

2127
01:59:21,824 --> 01:59:24,184
बाबा, आपकी माँ यहाँ जंगल में थोड़ी मिलेगी?

2128
01:59:24,619 --> 01:59:27,139
घर जाओ, बाबा। - मैं...

2129
01:59:28,044 --> 01:59:29,751
उस माता को ढूँढ रहा हूँ।

2130
01:59:30,881 --> 01:59:33,195
जो सारे संसार की जगतजननी है।

2131
01:59:34,109 --> 01:59:35,909
माँ अंबा बृजेश्वरी।

2132
01:59:37,055 --> 01:59:39,282
बाबा, हम भी यहीं भटकते रहते हैं।

2133
01:59:39,565 --> 01:59:41,152
हमें तो आज तक माँ नहीं दिखी।

2134
01:59:41,714 --> 01:59:44,520
आप बाबा मंदिर जाओ, यहाँ कुछ नहीं मिलने वाला।

2135
01:59:45,668 --> 01:59:48,255
मुझे तो मेरी माँ ने बोला है कि वो दर्शन देंगी।

2136
01:59:48,987 --> 01:59:51,220
मुझे तो पूरा भरोसा है कि वो दर्शन देंगी।

2137
01:59:51,269 --> 01:59:53,509
ठीक है बाबा, आप इंतज़ार करो।

2138
01:59:53,628 --> 01:59:56,655
राम-राम, हम चले। राम-राम।

2139
01:59:56,727 --> 01:59:57,900
अरे सुन ना, बेटा...

2140
01:59:57,925 --> 01:59:59,051
कोई नहीं, बाबा। राम-राम,

2141
01:59:59,598 --> 02:00:00,996
बाबा हो गया यह तो।

2142
02:00:05,097 --> 02:00:07,250
अचानक जहां नत्थू बैठे हैं

2143
02:00:07,476 --> 02:00:09,389
वहां धरती कांपने लगती है।

2144
02:00:09,519 --> 02:00:11,039
बिजली गिरने लगती है

2145
02:00:11,064 --> 02:00:13,337
और तेज हवा बहने लगती है।

2146
02:00:15,110 --> 02:00:17,437
अचानक धरती कांपती हुई देख

2147
02:00:17,610 --> 02:00:19,904
नत्थू आश्चर्यचकित हो जाते हैं।

2148
02:00:20,177 --> 02:00:23,164
धरती पर एक ही जगह पर बिजली गिर रही है।

2149
02:00:24,709 --> 02:00:26,924
अचानक धरती फट जाती है

2150
02:00:27,395 --> 02:00:29,733
और उसमें से एक कमल के फूल में

2151
02:00:29,943 --> 02:00:31,816
माता की पिंडी प्रकट होती है।

2152
02:00:33,089 --> 02:00:35,062
मेरी माँ!

2153
02:00:35,244 --> 02:00:38,177
"रूपामूति ममतामयी"

2154
02:00:38,228 --> 02:00:41,348
हे ब्रिजेश्वरी माता।

2155
02:00:41,405 --> 02:00:44,994
ब्रिजेश्वरी माता, तू बहुत दयालु है माँ!

2156
02:00:45,019 --> 02:00:47,310
माँ, तू बहुत दयालु है!

2157
02:00:47,628 --> 02:00:49,776
तूने इस भक्त की लाज रख ली, माँ।

2158
02:00:50,047 --> 02:00:53,124
तूने इस भक्त की लाज रख ली, माता।

2159
02:00:53,561 --> 02:00:57,055
कोटि-कोटि प्रणाम माता, तुझे कोटि-कोटि प्रणाम।

2160
02:00:57,252 --> 02:01:00,312
तू बहुत दयालु है, माता।

2161
02:01:00,397 --> 02:01:02,770
बहुत दयालु है, माँ।

2162
02:01:05,045 --> 02:01:06,431
तेरी जय हो, माँ!

2163
02:01:06,498 --> 02:01:09,205
तेरी जय, माँ! हे ब्रिजेश्वरी माता।

2164
02:01:09,272 --> 02:01:12,220
तेरी जय हो! तेरी जय हो, माँ!

2165
02:01:12,245 --> 02:01:14,587
तेरी जय हो, माँ!

2166
02:01:18,741 --> 02:01:21,327
ॐ ब्रिजेश्वरी मातायै नमः।

2167
02:01:22,870 --> 02:01:24,430
मेरी माँ आ गई।

2168
02:01:25,128 --> 02:01:27,024
माँ, आपने बोला था...

2169
02:01:27,118 --> 02:01:29,125
मैं तेरे गाँव आऊँगी।

2170
02:01:29,175 --> 02:01:30,760
तुझे दर्शन दूँगी।

2171
02:01:31,580 --> 02:01:33,970
मैं बूढ़ा हो गया हूँ, माँ।

2172
02:01:34,463 --> 02:01:36,520
मैं थक गया हूँ, माँ

2173
02:01:36,544 --> 02:01:37,565
 लेकिन अब...

2174
02:01:39,083 --> 02:01:41,025
मैं चैन से मर सकता हूँ, माँ।

2175
02:01:41,139 --> 02:01:43,252
अब तेरे दर्शन हो गए, माँ।

2176
02:01:43,617 --> 02:01:47,071
मुझे कुछ नहीं चाहिए, माँ, मुझे कुछ नहीं चाहिए।

2177
02:01:47,263 --> 02:01:50,990
तेरी जय हो माँ! तेरी सदा ही जय हो माँ!

2178
02:01:54,654 --> 02:01:55,998
माँ...

2179
02:01:56,024 --> 02:01:58,408
माँ, तू बहुत दयालु है।

2180
02:01:59,236 --> 02:02:01,343
अरे, यहाँ क्या कर रहे हो?
गाँव में देवी माँ प्रकट हो गई हैं।

2181
02:02:01,368 --> 02:02:03,368
है, चलो चलो, जल्दी चलो हाँ।

2182
02:02:03,581 --> 02:02:06,007
चलो, वहाँ देवी जी प्रकट
हो गई हैं, गाँव में चलो।

2183
02:02:06,397 --> 02:02:07,497
अरे चलो चलो चलो।

2184
02:02:07,798 --> 02:02:10,038
अरे देवी माँ प्रकट हुई हैं, गाँव में चलो।

2185
02:02:10,138 --> 02:02:11,825
ऐसी बात है क्या? हाँ, चलो चलो आ जाओ।

2186
02:02:12,049 --> 02:02:13,702
जय हो ब्रिजेश्वरी माता!

2187
02:02:13,782 --> 02:02:15,589
माता की प्रकट पिंडी की

2188
02:02:15,655 --> 02:02:17,628
नत्थू पूजा अर्चना कर रहे हैं।

2189
02:02:20,023 --> 02:02:21,403
जय हो ब्रिजेश्वरी माता!

2190
02:02:22,173 --> 02:02:23,606
जय हो ब्रिजेश्वरी माता!

2191
02:02:24,265 --> 02:02:25,705
तू कितनी दयालु है, माँ।

2192
02:02:26,060 --> 02:02:28,073
अभी कुछ दिन पहले ही बाई ने बोला था, माँ।

2193
02:02:28,882 --> 02:02:30,688
कि मैं तेरे धाम आकर दर्शन दूँगी।

2194
02:02:31,578 --> 02:02:33,444
आज इस भक्त की बात मान ली है, माँ।

2195
02:02:33,958 --> 02:02:35,478
मैं जीते-जी बस...

2196
02:02:35,851 --> 02:02:38,638
तेरे दर्शन करते-करते इस लोक से जाऊँगा, माँ।

2197
02:02:39,217 --> 02:02:41,351
तूने इस भक्त की लाज रख ली, माँ।

2198
02:02:42,433 --> 02:02:44,960
मैं इसका एहसान कभी नहीं भूल सकता, माँ।

2199
02:02:46,132 --> 02:02:48,785
क्योंकि माँ, तू मेरी है, मैं तेरा हूँ, माँ।

2200
02:02:49,253 --> 02:02:52,613
तुझे कोटि-कोटि प्रणाम, माँ, तुझे कोटि-कोटि प्रणाम!

2201
02:02:53,605 --> 02:02:56,298
बोलो ब्रिजेश्वरी माता की...
- ब्रिजेश्वरी माता की!

2202
02:02:56,323 --> 02:02:57,757
जय हो!

2203
02:02:57,964 --> 02:03:00,157
ब्रिजेश्वरी माता की!
- जय हो!

2204
02:03:00,182 --> 02:03:02,303
ब्रिजेश्वरी माता की!
- जय हो!

2205
02:03:02,345 --> 02:03:04,525
ब्रिजेश्वरी माता की!
- जय हो!

2206
02:03:04,550 --> 02:03:06,937
ब्रिजेश्वरी माता की!
- जय हो!

2207
02:03:07,018 --> 02:03:09,997
बस, अब तो मेरी माता माई गाँव में आ गई।

2208
02:03:10,802 --> 02:03:12,569
मेरी माई की बहुत कृपा है।

2209
02:03:13,566 --> 02:03:15,859
मेरा जीने का मकसद पूरा हो गया, रामलाल।

2210
02:03:16,967 --> 02:03:17,974
श्यामलाल।

2211
02:03:18,564 --> 02:03:20,091
मुझे अब कुछ नहीं चाहिए।

2212
02:03:20,808 --> 02:03:22,508
अब आप लोग माता का मंदिर बनाओ।

2213
02:03:22,642 --> 02:03:24,181
और उसकी सेवा करो।

2214
02:03:24,345 --> 02:03:28,065
माता रानी सब अच्छा करेंगी, उनकी इच्छा
से सब अच्छा होगा। - मेरी माता आ गई है।

2215
02:03:28,637 --> 02:03:32,059
अचानक वहां पड़ी घास में आग लग जाती है।

2216
02:03:33,387 --> 02:03:35,867
अरे... यह आग कैसे लगी?
- अरे भाई, क्या हुआ? घबराओ मत...

2217
02:03:35,892 --> 02:03:38,239
यह आग कैसे लगी?
- माता माई की इच्छा है।

2218
02:03:38,264 --> 02:03:41,857
इसमें सब कुछ अच्छा होगा...
- नहीं-नहीं, नहीं-नहीं।

2219
02:03:42,055 --> 02:03:44,929
लगता है मुझसे कोई पाप हुआ।

2220
02:03:45,064 --> 02:03:48,064
मुझसे कोई पाप हुआ है, मेरी माँ मुझसे नाराज़...

2221
02:03:48,089 --> 02:03:50,720
यह आग कैसे लगी, लगता है
मुझसे कोई अपराध हुआ है।

2222
02:03:50,745 --> 02:03:53,599
कुछ नहीं होगा...
- नहीं, मुझसे कोई अपराध हुआ है, मैं भी मरूँगा।

2223
02:03:53,624 --> 02:03:55,168
नहीं, मुझसे मेरी माँ नाराज़ हो गई।

2224
02:03:55,193 --> 02:03:57,464
नहीं... नहीं!

2225
02:03:57,489 --> 02:04:00,369
शांत हो जाओ, आप ऐसा मत करो।

2226
02:04:00,484 --> 02:04:03,151
नहीं, मुझसे कोई अपराध हुआ है!

2227
02:04:03,535 --> 02:04:05,361
मेरी माँ!

2228
02:04:05,455 --> 02:04:07,161
नहीं श्यामलाल।

2229
02:04:07,509 --> 02:04:10,429
मुझसे कोई अपराध हुआ है।

2230
02:04:10,454 --> 02:04:13,339
नहीं-नहीं भक्त जी, माँ तो माँ है...

2231
02:04:13,537 --> 02:04:15,997
माँ! माँ!
- माँ कभी अपने बच्चों से नाराज़ नहीं होती।

2232
02:04:16,184 --> 02:04:18,624
भक्त जी!
- नहीं माँ!

2233
02:04:18,744 --> 02:04:21,684
नहीं माँ! मेरी माँ!

2234
02:04:22,158 --> 02:04:24,998
माँ! माँ!

2235
02:04:25,117 --> 02:04:28,630
मुझसे अपराध हुआ है माँ! मुझसे पाप हुआ है माँ!

2236
02:04:31,712 --> 02:04:34,326
मेरी माँ नाराज़ हो गई!

2237
02:04:34,419 --> 02:04:36,666
मैं ज़िंदा नहीं रह सकता!

2238
02:04:36,738 --> 02:04:39,038
मुझे मर जाने दो!

2239
02:04:39,164 --> 02:04:42,450
मैं पापी हूँ! मैं तेरे पास आ रहा हूँ माँ!

2240
02:04:42,757 --> 02:04:45,507
तभी कमल के फूल में माता प्रकट होती है।

2241
02:04:46,533 --> 02:04:48,046
नत्थू भगत।

2242
02:04:48,392 --> 02:04:50,226
क्यों दुखी हो रहे हो?

2243
02:04:50,867 --> 02:04:52,585
क्यों विलाप कर रहे हो?

2244
02:04:53,051 --> 02:04:55,157
यह जो कुछ भी हो रहा है...

2245
02:04:55,421 --> 02:04:57,871
मेरी ही इच्छा से हो रहा है।

2246
02:04:59,868 --> 02:05:03,173
इसमें तुम्हारा कोई अपराध नहीं है, बेटा।

2247
02:05:03,476 --> 02:05:06,196
फिर स्वयं को अपराधी क्यों मान रहे हो?

2248
02:05:06,500 --> 02:05:09,154
संभवतः तुम भूल गए...

2249
02:05:09,520 --> 02:05:11,010
कि सारी सृष्टि...

2250
02:05:11,312 --> 02:05:13,799
मेरी ही छत्र-छाया में पलती है।

2251
02:05:14,034 --> 02:05:17,535
फिर भला मुझे कोन छाया दे सकता है?

2252
02:05:18,147 --> 02:05:21,481
इसलिए तुम इस मंदिर के लिए विलाप मत करो।

2253
02:05:21,587 --> 02:05:24,333
यहाँ मेरा मंदिर अवश्य बनेगा।

2254
02:05:24,479 --> 02:05:25,999
परंतु अभी नहीं।

2255
02:05:26,321 --> 02:05:29,427
भविष्य में तुम्हारी माता लक्ष्मी का जन्म...

2256
02:05:29,598 --> 02:05:32,118
इसी गाँव के व्यासकवि की बेटी

2257
02:05:32,177 --> 02:05:34,344
सूरजी देवी के रूप में होगा।

2258
02:05:34,956 --> 02:05:38,122
उनके पोते के रूप में तुम्हारा जन्म होगा।

2259
02:05:38,867 --> 02:05:40,534
तब मैं तुम्हारे ही गाँव

2260
02:05:40,775 --> 02:05:42,762
महासर में विराजित होऊँगी।

2261
02:05:43,078 --> 02:05:44,251
और लोग मुझे

2262
02:05:44,425 --> 02:05:47,052
महासर माता के नाम से जानेंगे।

2263
02:05:47,772 --> 02:05:50,519
माँ... माँ, जब तक तू नहीं आएगी

2264
02:05:50,913 --> 02:05:52,507
मैं भी यहीं बैठकर...

2265
02:05:53,246 --> 02:05:55,340
तेरा इंतज़ार करूँगा, माँ।

2266
02:05:55,699 --> 02:05:58,799
तेरा इंतज़ार करूँगा, जब तक मंदिर नहीं बनेगा!

2267
02:05:59,685 --> 02:06:01,699
मैं तेरा इंतज़ार करूँगा, माँ!

2268
02:06:01,725 --> 02:06:03,779
तेरा इंतज़ार करूँगा!

2269
02:06:04,844 --> 02:06:08,298
बोलो महासर माता की! - जय!

2270
02:06:11,071 --> 02:06:14,311
भक्तो, माँ का वचन सत्य हुआ।

2271
02:06:15,361 --> 02:06:17,647
और माँ के व्यापारी भक्तों ने

2272
02:06:18,278 --> 02:06:20,240
उनका भव्य मंदिर बनवा दिया।

2273
02:06:21,174 --> 02:06:23,208
और पिंडी स्वरूपा भगवती की

2274
02:06:24,011 --> 02:06:25,146
प्राण-प्रतिष्ठा की

2275
02:06:25,945 --> 02:06:27,491
पूजा-अर्चना होने लगी।

2276
02:06:28,424 --> 02:06:31,311
और आज महासर गाँव

2277
02:06:32,136 --> 02:06:33,802
पूरी दुनिया के अंदर

2278
02:06:34,096 --> 02:06:37,899
गड़ी महासर धाम के नाम से विख्यात हो गया।

2279
02:06:39,126 --> 02:06:42,046
बोलो महासर धाम की!
- जय!

2280
02:06:42,145 --> 02:06:45,727
बोलो गड़ी महासर माता की!
- जय!

2281
02:06:45,996 --> 02:06:48,703
महासर धाम का बाहर से दृश्य

2282
02:06:49,540 --> 02:06:51,986
नत्थू  भक्त मंदिर को निहारते हुए

2283
02:06:52,460 --> 02:06:53,846
प्रसन्न दिखाई दे रहे है।

2284
02:07:02,389 --> 02:07:05,689
"जय जय माँ, जय जय माँ"

2285
02:07:06,905 --> 02:07:08,132
"जय जय माँ"

2286
02:07:09,029 --> 02:07:10,996
"जय जय माँ"

2287
02:07:12,942 --> 02:07:14,655
मंदिर के परिसर में

2288
02:07:14,695 --> 02:07:16,367
युवती और महिलाएं

2289
02:07:16,392 --> 02:07:18,012
गर्भा रास कर रही हैं।

2290
02:07:18,848 --> 02:07:21,455
मंदिर को सुंदर तरीके से सजाया गया है।

2291
02:07:22,816 --> 02:07:25,100
सब बहुत आनंदित दिखाई दे रहे हैं।

2292
02:07:28,430 --> 02:07:32,050
"जय महेश्वरी महारानी"

2293
02:07:32,075 --> 02:07:33,885
"माँ"

2294
02:07:33,910 --> 02:07:37,735
"जय जय माँ महासर वाली"

2295
02:07:37,760 --> 02:07:41,745
"जय महेश्वरी महारानी माँ"

2296
02:07:41,770 --> 02:07:46,314
"जय जय माँ महासर वाली"

2297
02:07:46,339 --> 02:07:48,629
"जय जग जननी"

2298
02:07:48,654 --> 02:07:51,709
"कल्याणी माँ"

2299
02:07:51,734 --> 02:07:55,333
"जय जय महासर वाली"

2300
02:07:55,358 --> 02:07:57,973
"जय जग जननी"

2301
02:07:57,998 --> 02:08:00,610
"कल्याणी माँ"

2302
02:08:00,685 --> 02:08:04,544
"जय जय महासर वाली"

2303
02:08:17,260 --> 02:08:19,087
"मेरी माँ तू"

2304
02:08:19,100 --> 02:08:21,880
"तो सबसे न्यारी"

2305
02:08:21,905 --> 02:08:27,023
"हम भक्तों की पालनहारी"

2306
02:08:27,048 --> 02:08:30,472
"मेरी माँ तू तो सबसे न्यारी"

2307
02:08:30,497 --> 02:08:35,333
"हम भक्तों की पालनहारी"

2308
02:08:35,358 --> 02:08:40,282
"जगदंबे तेरी अमर कहानी माँ"

2309
02:08:40,307 --> 02:08:43,903
"जय जय महासरवाली"

2310
02:08:43,928 --> 02:08:49,376
"जय जग जननी कल्याणी माँ"

2311
02:08:49,454 --> 02:08:53,107
"जय जय महासरवाली"

2312
02:09:06,222 --> 02:09:09,338
"हम तेरे गुण नित"

2313
02:09:09,363 --> 02:09:15,173
"गाते हैं, तुझे श्रद्धा सुमन चढ़ाते हैं"

2314
02:09:15,198 --> 02:09:19,616
"हम तेरे गुण नित गाते हैं"

2315
02:09:19,622 --> 02:09:23,911
" तुझे श्रद्धा सुमन चढ़ाते हैं"

2316
02:09:24,066 --> 02:09:26,513
"झोली भर दो"

2317
02:09:26,538 --> 02:09:29,725
"वारदानी माँ जय"

2318
02:09:29,750 --> 02:09:32,870
"जय जय माँ महासरवाली"

2319
02:09:32,895 --> 02:09:34,943
"जय जग जननी"

2320
02:09:34,968 --> 02:09:37,409
"कल्याणी माँ"

2321
02:09:37,434 --> 02:09:41,778
"जय जय महासरवाली"

2322
02:09:41,803 --> 02:09:46,548
"जय महेश्वरी महारानी माँ"

2323
02:09:47,161 --> 02:09:48,254
ब्रिजेश्वरी माँ।

2324
02:09:48,734 --> 02:09:50,534
तेरी सदा ही जय हो, माँ!

2325
02:09:50,884 --> 02:09:52,471
तेरी सदा ही जय हो!

2326
02:09:53,099 --> 02:09:54,954
मदिर के बाहरी घुमट पर

2327
02:09:54,985 --> 02:09:56,991
नत्थू को माता के दर्शन होते है।

2328
02:09:57,885 --> 02:10:00,519
माँ, आपकी कृपा से मेरा मंदिर बन गया।

2329
02:10:00,968 --> 02:10:02,832
जय हो मेरी महासर माता की!

2330
02:10:03,025 --> 02:10:07,595
माता का स्मरण करते हुए नत्थू
भगत अचानक से अदृश्य हो जाते हैं।

2331
02:10:07,620 --> 02:10:10,425
बोलो महासर माता की!
- जय हो!

2332
02:10:10,450 --> 02:10:14,990
माँ, आज सभी भक्तगण
यहाँ इकट्ठे हुए हैं यहाँ पर।

2333
02:10:15,546 --> 02:10:18,026
महासर माता के यहाँ जब से मैं आने लगा हूँ

2334
02:10:18,732 --> 02:10:22,352
तब से मुझे हर प्रकार का सुख, समृद्धि

2335
02:10:23,209 --> 02:10:25,995
वैभव, मान-सम्मान मिलने लगा है।

2336
02:10:27,125 --> 02:10:29,845
मेरी माता ने मुझे सब कुछ दिया है।

2337
02:10:30,217 --> 02:10:33,297
और आज माता की कृपा से
ही हम इस पोज़िशन पर हैं।

2338
02:10:33,337 --> 02:10:34,217
बराबर।

2339
02:10:34,294 --> 02:10:36,520
मेरा सभी भक्तगणों से निवेदन है

2340
02:10:36,784 --> 02:10:39,424
आप सभी माता के यहाँ साल
में एक बार जरूर आईएगा।

2341
02:10:39,559 --> 02:10:41,959
और माता आपके सभी दुःख-दर्द दूर करेगी।

2342
02:10:42,098 --> 02:10:44,892
आप अपने सच्चे हृदय से वो
दुःख-दर्द माता को बताओ।

2343
02:10:45,070 --> 02:10:47,957
और माता आपकी सारी बातें ज़रूर सुनेगी।

2344
02:10:48,077 --> 02:10:50,677
और माता आपके सारे दुःख-दर्द दूर करेगी।

2345
02:10:51,220 --> 02:10:54,546
बोलो महासर माता की!
- जय हो!

2346
02:10:58,560 --> 02:11:01,300
"शीश झुका कर जो महासर"

2347
02:11:01,325 --> 02:11:03,499
"आते"

2348
02:11:03,623 --> 02:11:08,036
"बिन माँगे ही वो सब कुछ पाते"

2349
02:11:09,290 --> 02:11:10,923
"कर महेश्वरी"

2350
02:11:10,977 --> 02:11:13,763
"माता का सिमरन"

2351
02:11:14,528 --> 02:11:18,288
"चलते-फिरते जो हँसते-गाते"

2352
02:11:19,702 --> 02:11:22,506
"उनको सारे सुख मिल जाते"

2353
02:11:22,566 --> 02:11:25,559
"सारे सपने सच हो जाते"

2354
02:11:25,649 --> 02:11:28,049
"उनको सारे सुख मिल जाते"

2355
02:11:28,074 --> 02:11:30,520
"सारे सपने सच हो जाते"

2356
02:11:30,545 --> 02:11:33,695
"कष्ट ना आते जीवन में कल्याण"

2357
02:11:33,720 --> 02:11:36,900
"होता है"

2358
02:11:38,459 --> 02:11:41,605
"जिनके मन में हरदम महासर धाम"

2359
02:11:41,630 --> 02:11:43,250
"होता है"

2360
02:11:44,002 --> 02:11:47,242
"जिनके मन में हरदम महासर धाम"

2361
02:11:47,329 --> 02:11:49,649
"होता है"

2362
02:11:54,802 --> 02:11:56,435
"माँ आँखों से प्यार"

2363
02:11:56,460 --> 02:11:59,329
"बहाती है"

2364
02:11:59,417 --> 02:12:02,882
"सब भक्तों की प्यास बुझाती"

2365
02:12:02,907 --> 02:12:04,497
"है"

2366
02:12:05,070 --> 02:12:09,390
"राजा-रंक, पुजारी है सारे"

2367
02:12:10,191 --> 02:12:14,518
"माता सबको गले लगाती है"

2368
02:12:15,878 --> 02:12:18,482
"फरक किसी में ना करती है"

2369
02:12:18,507 --> 02:12:21,300
"सबकी झोली माँ भरती है"

2370
02:12:21,325 --> 02:12:23,858
"फरक किसी में ना करती है"

2371
02:12:23,883 --> 02:12:26,703
"सबकी झोली माँ भरती है"

2372
02:12:26,728 --> 02:12:29,804
"छोटे-बड़े सभी पर माँ का ध्यान"

2373
02:12:29,829 --> 02:12:32,732
"होता है"

2374
02:12:34,450 --> 02:12:37,783
"जिनके मन में हरदम महासर धाम"

2375
02:12:37,808 --> 02:12:41,943
"होता है जिनके मन में हरदम"

2376
02:12:41,968 --> 02:12:45,020
"महासर धाम होता है"

2377
02:12:45,045 --> 02:12:47,952
"सब मिल बोलो - जय महासर माँ!"

2378
02:12:47,977 --> 02:12:50,887
"प्रेम से बोलो..
- जय महासर माँ!"

2379
02:12:50,996 --> 02:12:53,142
"मातारानी...
- जय महासर माँ"

2380
02:12:53,167 --> 02:12:55,962
"जग कल्याणी...
- जय महासर माँ!"

2381
02:12:55,987 --> 02:12:59,145
"मइया तेरा हर घर में गुणगान"

2382
02:12:59,170 --> 02:13:02,046
"होता है"

2383
02:13:03,917 --> 02:13:06,983
"जिनके मन में हरदम महासर धाम"

2384
02:13:07,008 --> 02:13:10,335
"होता है - महासर धाम"

